brahma ji temple

पुष्कर-ब्रह्मा जी की तपस्थली-पांचवा धाम 

कार्तिक माह की पूर्णिमा को यहाँ पांच दिवसीय मेला लगता है | उस समय पुष्कर झील में बड़ी संख्या में तीर्थयात्री स्नान करते है | इस मेले में राजस्थानी परिधान में  राजस्थानी संस्कृति का मनभावन प्रदर्शन होता है…

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brahma ji temple pushkar 

पुष्कर-ब्रह्मा जी की तपस्थली-पांचवा धाम

भारत के पश्चिम में राजाओ के स्थान यानि राजस्थान राज्य में समुद्रतल से 2389 फुट पर स्थित तीर्थराज पुष्कर को कौन नही जानता है,यहाँ भारत के प्राचीनतम नगरों में से एक पुष्कर में देश विदेश से बड़ी संख्या में तीर्थयात्री और पर्यटक आते है| पुष्कर के महत्व को इसी से समझा जा सकता है कि हिन्दू तीर्थस्थलों चार धाम के बाद पुष्कर का ही स्थान आता है यानि पुष्कर पांचवे धाम के रूप में जाना जाता है | पुष्कर में ब्रह्मा जी का मंदिर, पुष्कर झील और पुष्कर मेला , विश्व प्रसिद्ध है |

पुष्कर के महत्व को आप इसी बात से समझ सकते है कि वाल्मीकि रामायण के अनुसार ऋषि विश्वामित्र ने यहाँ तप किया था , अप्सरा मेनका यहाँ स्थित पुष्कर झील में स्नान करने आई थीं | पद्मपुराण के अनुसार ब्रह्मा जी ने यहाँ यज्ञ किया था | पुष्कर के पूर्व में 11 किमी लम्बाई में नाग पहाड़ है जहाँ पांच कुंड स्थित है जिसे पांडवो ने अपने अज्ञातवास के समय में बनाया था | ये नाग पहाड़ ,ऋषि अगस्त्य मुनि जैसी विभूतियों की तप स्थली रहा है

ब्रह्मा जी का मंदिर || पुष्कर मंदिर

ऐसा माना जाता है कि ब्रह्मा जी को मिले श्राप के कारण ब्रह्मा जी की पूजा कहीं नही होती किन्तु चूँकि पुष्कर में ब्रह्मा जी ने स्वंम यज्ञ किया था इसलिए पुष्कर में जगत निर्माता ब्रह्मा जी का पूजन होता है ,पुष्कर में संसार का एकमात्र ब्रह्मा जी का मंदिर है जिसमे चार मुख वाले ब्रह्मा जी विराजित हैं | मंदिर के अन्दर ब्रह्मा जी और माता गायत्री की मूर्तियाँ स्थापित है साथ ही प्रवेशद्वार पर हंस की मूर्ती स्थापित|

मंदिर का निर्माण सफ़ेद संगमरमर के पत्थरों से हुआ है और ये मंदिर लगभग 2000 वर्ष पूर्व का माना जाता है| मंदिर निर्माण के विषय में ये भी कहा जाता है कि अरण्य वंश के राजा को ब्रह्मा जी के मंदिर का स्वप्न आया जिसके बाद वो यहाँ आए तो उन्हें यहाँ एक पुराना ब्रह्माजी का मंदिर मिला जिसे उन्होंने दुबारा बनवाया | आगे चलकर मुस्लिम शासक औरंगजेब ने इस मंदिर और आसपास स्थित अन्य मंदिरों में तोड़फोड़ की , जिसका आगे चलकर पुनर्निर्माण किया गया |

पुष्कर झील

pushkar jheel

पुष्कर में जिस प्रकार ब्रह्माजी के मंदिर का महत्व है ठीक उसी प्रकार अरावली पर्वतमाला में स्थित पुष्कर झील भी अपनी पवित्रता और मनोहारी सौन्दर्य पूर्ण वातावरण के लिए जानी जाती है| पुष्कर झील के निकट सैकड़ो मंदिर है, पुष्कर झील में 52 घाट है जिसमे कुछ इस प्रकार है :- सप्तर्षि घाट, गौ घाट, यग घाट, ग्वालियर घाट, वराहा घाट, दधिच्च घाट, कोटा घाट, जयपुर घाट इतियादि|

यहाँ आने वाले तीर्थयात्रियों का ऐसा मानना है कि पुष्कर झील में स्नान करने से अनेक रोग नष्ट हो जाते है , विशेषकर त्वचा से संबंधित रोग | कार्तिक माह की पूर्णिमा को यहाँ पांच दिवसीय मेला लगता है | उस समय पुष्कर झील में बड़ी संख्या में तीर्थयात्री स्नान करते है | इस मेले में राजस्थानी परिधान में  राजस्थानी संस्कृति का मनभावन प्रदर्शन होता है | 

पुष्कर मेला

पुष्कर मेला, भारत ही नही बल्कि पूरे संसार में प्रसिद्ध है | कार्तिक माह की अष्टमी को लगने वाला ये मेला कार्तिक पूर्णिमा को संपन्न होता है | इस मेले को ऊंट मेला के नाम से भी जाना जाता है | ऊंट मेला के लिए जाना जाता हैं। ये भारत में लगने वाले प्रमुख पशु मेलों में से एक है जिसमे ऊँटो के साथ साथ अन्य पशुओ का भी व्यापार बड़े स्तर पर होता है | मेले में रंग बिरंगे राजस्थानी परिधान पहने दूर दूर से आए ग्रामीण, लोकनर्तक , लोकगायक , व्यापारी , साधू संत , महिलाऐं और बालक बालिकाओं के हँसतें खेलते चेहरे देखकर निश्चित ही आप भी अपनी परेशानी भूल कर मेलें का आनंद लेने लगेंगे |

राजस्थानी ग्रामीणों के हाथ से बने समान ( हस्तशिल्प ) सस्ते दामों में खरीदने के लिए पुष्कर मेला सबसे सही स्थान है | पुष्कर मेले में होने वाले ऊंट घोड़ों की दौड़ , कालबेलिया नृत्य इतियादी आपको यहाँ बार बार आने के लिए आकर्षित करेंगी और आपके लिए आपका यहाँ आना , आपके जीवन का जीवन स्मरणीय पल होगा |

ब्रह्मा जी मंदिर पुष्कर प्रवेश शुल्क || brahma ji temple pushkar entry fee

ब्रह्मा जी मंदिर पुष्कर में प्रवेश पूर्णतः निशुल्क है 

ब्रह्मा जी मंदिर पुष्कर जाने का सबसे अच्छा समय || best time to visit brahma ji temple pushkar

कार्तिक माह ( अक्टूबर -नवम्बर माह ) का समय ,ब्रह्मा जी मंदिर पुष्कर जाने का सबसे अच्छा समय है |इस समय पुष्कर में पंच दिवसीय मेला लगता जिसका आनंद लेने देश विदेश से पर्यटक आते है |

ब्रह्मा जी मंदिर पुष्कर में दर्शन का समय || opening timings of brahma ji temple pushkar 

ब्रह्मा जी मंदिर पुष्कर में दर्शन का समय

सर्दियों के मौसम में प्रातः 6:30 से 8:30 बजे तक

और

गर्मियों के मौसम में प्रातः 6:00 से 9:00 बजे तक

(दोपहर में 1:30 बजे से 3:00 बजे तक दर्शन बंद रहते है)

पुष्कर कैसे पहुंचे

how to reach pushkar 

यातायात के सभी साधनों जैसे वायुयान , रेलगाड़ी  और सड़कमार्ग से आप पुष्कर बहुत ही सुगमता से पहुँच सकते है |

वायुयान से पुष्कर कैसे पहुंचे || how to reach pushkar by flight 

पुष्कर का निकटतम हवाई अड्डा ,पुष्कर से 146 किमी दूर सांगानेर, जयपुर है ,जहाँ देश के प्रमुख नगरों से flights आती है | यहाँ आने के बाद रेलगाड़ी या सड़कमार्ग से पुष्कर सुगमता से पहुंचा जा सकता है |

रेल द्वारा पुष्कर कैसे पहुँचे || how to reach pushkar by train 

पुष्कर का निकटतम रेलवे स्टेशन ,अजमेर जंक्शन रेलवे स्टेशन ( AII ) जोकि पुष्कर से 11 किमी दूरी पर स्थित है | ये रेलवे स्टेशन देश के अनेक प्रमुख रेलवे स्टेशनों से भलीभांति जुड़ा हुआ है | यहाँ आने के बाद आप टैक्सिया या बसों के माध्यम से पुष्कर जा सकते है |

सड़क मार्ग से पुष्कर कैसे पहुंचे || how to reach pushkar by road 

पुष्कर देश और राजस्थान राज्य की प्रमुख राजमार्गों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है , जिससे आप यहाँ अपने निजी वाहनों से अथवा सरकारी और प्राइवेट एजेंसियों के वाहनों से जा सकते है | यहाँ से जयपुर 141 किमी , जोधपुर 215 किमी,आगरा 384 और दिल्ली 405 किमी दूर स्थित है|

 

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