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तीर्थ-Tirth/Pilgrimage

स्तंभेश्वर महादेव मंदिर दिन में 2 बार गायब हो जाता है Miraculous Stambeshwar Mahadev Temple disappears twice a day

स्तंभेश्वर महादेव मंदिर दिन में 2 बार गायब हो जाता है Miraculous Stambeshwar Mahadev Temple disappears twice a day

चमत्कारी मंदिर, पश्चिम भारत के तीर्थ
स्तंभेश्वर महादेव मंदिर दिन में 2 बार गायब हो जाता है Miraculous Stambeshwar Mahadev Temple disappears twice a day Stambeshwar Mahadev Temple स्तंभेश्वर महादेव मंदिर : गुजरात के बढ़ोदरा जनपद में भगवान शिव का एक ऐसा मंदिर है जो दिन में दो बार गायब हो जाता है और फिर अपने आप आ भी जाता है, इस मंदिर की इसी विशेषता के कारण ये पूरे संसार में प्रसिद्द है और भगवान शिव के इस अद्भुत और प्राचीन मंदिर के दर्शन करने के लिए दूर-दूर से प्रभु शिव के भक्त यहाँ आते हैं। आइए जानते हैं भगवान भोलेनाथ के इस अद्भुत मंदिर के बारे में स्तंभेश्वर महादेव मंदिर कहां स्थित है दिन में दो बार गायब होने वाला मंदिर गुजरात के बढ़ोदरा जनपद में वडोदरा नगर से लगभग 40 किलोमीटर दूर जम्बूसार तहसील में कवि कंबोई गांव में स्थित है । 150 वर्ष पुराना ये शिव मंदिर गुजरात में वडोदरा के पास सबसे लोकप्रिय धार्मिक स्थलों में से ए...
Vaishno devi templeवैष्णो देवी मंदिर,अर्धकुंवारी,सांझीछत,भैरो मंदिर कहां है,खाने रुकने की व्यवस्था A 2 Z complete tour guide

Vaishno devi templeवैष्णो देवी मंदिर,अर्धकुंवारी,सांझीछत,भैरो मंदिर कहां है,खाने रुकने की व्यवस्था A 2 Z complete tour guide

तीर्थ-Tirth/Pilgrimage, उत्तर भारत के तीर्थ
Vaishno devi templeवैष्णो देवी मंदिर,अर्धकुंवारी,सांझीछत,भैरो मंदिर कहां है,खाने रुकने की व्यवस्था A 2 Z complete tour guide वैष्णो देवी मंदिर Vaishno devi temple Vaishno devi temple वैष्णो देवी मंदिर : वैष्णो देवी को माता रानी का वैष्णवी रूप हैं और आदिशक्ति जगदम्बा देवी दुर्गा का अवतार हैं और आज त्रिकुटा की पहाड़ियों पर स्थित एक गुफा में पिंडी के रूप में विराजित हैं, इस गुफा में माता वैष्णो देवी 3 पिंडियों के रूप में हैं जिसमे देवी माँ काली (दाएं),माँ  लक्ष्मी (मध्य) और माँ सरस्वती (बाएं) पिण्डी के रूप में गुफा में विराजित हैं माता वैष्णो देवी जिस पवित्र गुफा(Vaishno devi temple) में विराजित है उसकी लंबाई 98 फीट है और इस गुफा में एक बड़ा सा चबूतरा बना हुआ है जिसके ऊपर माता का आसन है जहां देवी त्रिकुटा 3 पिंडियों के रूप में हैं विराजमान हैं। कुछ लोगों के अनुसार माता वैष्णो देवी इन ...
हरसिद्धि माता मंदिर उज्जैन-51 शक्तिपीठों में से एक,प्रवेश शुल्क,दर्शन समय,इतिहास Complete Tour Guide of Harsiddhi Mata Temple

हरसिद्धि माता मंदिर उज्जैन-51 शक्तिपीठों में से एक,प्रवेश शुल्क,दर्शन समय,इतिहास Complete Tour Guide of Harsiddhi Mata Temple

तीर्थ-Tirth/Pilgrimage, मध्य भारत के तीर्थ
हरसिद्धि माता मंदिर उज्जैन-51 शक्तिपीठों में से एक,प्रवेश शुल्क,दर्शन समय,इतिहास Complete Tour Guide of Harsiddhi Mata Temple Harsiddhi Mata Temple: हिंदू धर्म में माँ जगदम्बा के 51 शक्तिपीठों की मान्यता है और इन्हीें शक्तिपीठों में से एक है हरसिद्धि माता मंदिर उज्जैन का पावन मंदिर ,जोकि ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर मंदिर के पीछे पश्चिम दिशा में स्थित है, जहाँ पर माता सती के शरीर का 13 वा टुकड़ा माँ सती की कोहनी गिरी थी। मित्रों देशभर में हरसिद्धि माता के अनेक प्रसिद्ध मंदिर है लेकिन उज्जैन स्थित हरसिद्धि मंदिर , माता का सबसे प्राचीन मंदिर है , इस देवी मंदिर का पुराणों में भी वर्णन मिलता है।। उज्जैन के इस प्रसिद्ध शक्तिपीठ हरसिद्धि माता का मंदिर (Harsiddhi Mata Temple) और ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर मंदिर के बीच पौराणिक रुद्रसागर है। स्कंद पुराण में देवी हरसिद्धि का उल्लेख मिलता ह...
कैला देवी मंदिर करौली Kaila Devi Temple History,fair,Accomodation,Darshan Timming,How 2 Reach

कैला देवी मंदिर करौली Kaila Devi Temple History,fair,Accomodation,Darshan Timming,How 2 Reach

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कैला देवी मंदिर करौली Kaila Devi Temple History,fair,Accomodation,Darshan Timming,How 2 Reach Kaila Devi Temple कैला देवी मंदिर करौली: राजस्थान के करौली जनपद से लगभग 25 किमी दूर कालिसिल नदी के किनारे त्रिकुट पर्वत पर कैला गाँव में कैला देवी मंदिर स्थापित है। कैला देवी मंदिर संतान अपने भक्तों की संतान प्राप्ति की आस या पति की चिरायु होने की कामना या अन्य कोई कामना सभी  पूरी करती है. इसी कारण यहाँ प्रतिदिन सैकड़ों भक्त अपने माँ के दर्शन  के लिए यहाँ आते हैं . मंदिर के गर्भग्रह में कैला देवी मंदिर की मुख्य प्रतिमा के साथ मां चामुण्डा अति प्राचीन विग्रह रूप  मे विराजित हैं , देखने मे ये जुड़वाँ सी प्रतीत होती हैं।   कैला देवी मंदिर का इतिहास  | Kaila Devi Temple History In Hindi करौली के यदुवंश  राजवंश की कुलदेवी कैला देवी पूर्वी राजस्थान की मुख्य आराध्य देवी है, ऐसा माना जाता है कि ...
भारत के 5 चमत्कारी मंदिर 5 Miraculous Temples Of India

भारत के 5 चमत्कारी मंदिर 5 Miraculous Temples Of India

धर्म Religion, चमत्कारी मंदिर, तीर्थ-Tirth/Pilgrimage
भारत के 5 चमत्कारी मंदिर 5 Miraculous Temples Of India भारत के 5 चमत्कारी मंदिर 5 Miraculous Temples Of India : भारत का हिन्दू धर्म सनातन धर्म है और यहाँ की धरती पर अनगिनत दैवीय शक्ति के केंद्र अर्थात मंदिर हैं , आज आप जानेंगे भारत के 5 चमत्कारी मंदिर जिनके चमत्कार से विज्ञान भी आश्चर्यचकित रह जाता है जैसे कहीं भूत प्रेत भागते है तो कहीं संतान होने का आशीर्वाद प्राप्त होता है तो कहीं 7 द्वारों के अन्दर बंद खजाने की रक्षा सांप कर रहे हैं तो कहीं मंदिर के शीर्ष पर लगा ध्वज वायु के वेग के विपरीत लहराता है आइये जानते हैं भारत के 5 चमत्कारी मंदिर 5 Miraculous Temples Of India आइये प्रारंभ करते है उस मंदिर से मंदिर की ध्वजा लहराती है वायु वेग के विपरीत  1. जगन्नाथपुरी(jagannath temple) 5 Miraculous Temples Of India जगन्नाथपुरी (jagannath temple) उड़ीसा राज्य के पुरी नगर में बंगाल की खाड़ी क...
मार्तण्ड सूर्य मंदिर (Martand Sun Temple Anantnag) कश्मीर का वैभव A symbol of Kashmir’s splendor

मार्तण्ड सूर्य मंदिर (Martand Sun Temple Anantnag) कश्मीर का वैभव A symbol of Kashmir’s splendor

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मार्तण्ड सूर्य मंदिर (Martand Sun Temple Anantnag ) कश्मीर का वैभव A symbol of Kashmir's splendor जम्मू कश्मीर के अनंतनाग जनपद में स्थित मार्तण्ड सूर्य मंदिर (Martand Sun Temple Anantnag ) भारत के प्राचीन सूर्य मंदिरों में एक था, इस मंदिर का निर्माण 8वीं शताब्दी में हुआ था, लेकिन सन् 1389 और 1413 के बीच अनेक बार इसे नष्ट करने की प्रयास किया गया। ये मंदिर कभी पूरे भारत का विशेषकर हिमालय का गौरव था। ये एक हिंदू मंदिर है जो हिंदू धर्म में प्रमुख देवता सूर्य को समर्पित है । मार्तण्ड संस्कृत भाषा में सूर्य पर्यायवाची है। भगवान सूर्य की पूजा भारतीय सनातन संस्कृति में आदिकाल से होती आई है। सूर्य को प्रकाश का देवता माना गया। आज भी पूर्वी भारत और बिहार आदि क्षेत्रों में छठ पूजा (सूर्य षष्ठी) सबसे बड़ा पर्व है और ये पूर्वी क्षेत्र के लोगों पूरे विश्व में मनाया जाता है , इस पर्व से आकर्षित हो अ...
आत्माओं का मंदिर : जहाँ मरने के बाद आती हैं आत्माएं Yamraj Temple of Souls

आत्माओं का मंदिर : जहाँ मरने के बाद आती हैं आत्माएं Yamraj Temple of Souls

चमत्कारी मंदिर, trending google
आत्माओं का मंदिर : जहाँ मरने के बाद आती हैं आत्माएं Yamraj Temple of Souls आत्माओं का मंदिर : जहाँ मरने के बाद आती हैं आत्माएं (Yamraj Temple of Souls)  : भारत देश मंदिरों का देश है यहाँ अनेक चमत्कारिक और रहस्मयी मंदिर हैं ऐसा ही एक मंदिर है जहाँ मृत्यु के बाद सबसे पहले आती हैं आत्माएं , भारत की राजधानी दिल्ली से लगभग 500 किमी की दूरी पर स्थित हिमाचल के चम्बा जनपद में भरमौर नामक स्थान में स्थित है आत्माओं का मंदिर, इस मंदिर के बारे विचित्र मान्यताएं प्रचलित हैं। आत्माओं का मंदिर( Yamraj Temple) : यहाँ यमराज करते हैं न्याय इस मंदिर में एक खाली कमरा है जिसे चित्रगुप्त का कमरा माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि जब किसी की मृत्यु होती है तब यमराज के दूत उस व्यक्ति की आत्मा को पकड़कर सबसे पहले इस मंदिर में चित्रगुप्त के सामने प्रस्तुत करते हैं। चित्रगुप्त यमराज के सचिव हैं जो जीवात्मा के कर्मो...
भूतों ने 1 रात में बना डाला ये मंदिर bhooton ka mandir

भूतों ने 1 रात में बना डाला ये मंदिर bhooton ka mandir

चमत्कारी मंदिर, तीर्थ-Tirth/Pilgrimage, धर्म Religion
भूतों ने 1 रात में बना डाला ये मंदिर bhooton ka mandir bhooton ka mandir :उत्तर प्रदेश राज्य के हापुड़ जनपद में दत्तियाना नाम का एक गांव है जोकि दिल्ली-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग से लगभग आठ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस गाँव में एक शिव मंदिर है जिसके निर्माण की कहानी इस गांव को एक अनोखी पहचान देती है। ये मंदिर लाल ईंटों से बना हुआ है , मंदिर की भव्यता व निर्माणकला के साथ साथ इसके बनने की कहानी बहुत ही आकर्षक और रहस्यमयी है क्योंकि यहाँ रहने वाले निवासियों के अनुसार कुछ सौ वर्षों पहले इस मंदिर को भूतों ( bhoot) ने बनाया गया था और वो भी एक ही रात में , इस मंदिर को बनाने में भूत ( bhoot) मंदिर की चोटी का निर्माण नहीं कर पाए थे क्योंकि मंदिर की छोटी बनने के समय तक सुबह हो गयी और चरों ओर प्रकाश फ़ैल गया जिसके कारण भूतों को इस मंदिर का निर्माण अधूरा ही छोड़ना पड़ गया था । बाद में इस शिव मंदिर...
baglamukhi mata-माँ पीतांबरा यानि माँ बगलामुखी दतिया-1 चमत्कारिक मंदिर

baglamukhi mata-माँ पीतांबरा यानि माँ बगलामुखी दतिया-1 चमत्कारिक मंदिर

चमत्कारी मंदिर, तीर्थ-Tirth/Pilgrimage, मध्य भारत के तीर्थ
baglamukhi mata-माँ पीतांबरा यानि माँ बगलामुखी दतिया-1 चमत्कारिक मंदिर baglamukhi mata-माँ पीतांबरा जिन्हें बगलामुखी माता के नाम से भी जाना जाता है, अपने भक्तों के बड़े से बड़े कष्ट दूर कर देती है और इसीलिए माँ पीतांबरा मंदिर दतिया में माँ बगलामुखी के दर्शन के लिए माँ के भक्तो की भींड लगी रहती है , बगलामुखी माता (baglamukhi mata) की कृपा चाहे कोई राजा हो या रंक सभी को समान रूप से प्राप्त होती है माँ पीतांबरा अर्थात बगलामुखी माता (baglamukhi mata) के इस सिद्धपीठ की स्थापना वर्ष 1935 में की गई थी, यहाँ बगलामुखी माता चर्तुभुज रूप में विराजमान है ,एक हाथ में गदा, दूसरे में पाश, तीसरे में वज्र और चौथे हाथ में माँ पीतांबरा ने राक्षस की जिह्वा थाम रखी है. संसार भर में अनेक देवियों व देवताओं के मंदिर हैं किन्तु उनमे से कुछ ऐसे हैं जिनके चमत्कार आज तक वैज्ञानिक भी सुलझा नही सके और ऐसा ही मंदिर...

शनि शिंगणापुर धाम a miraculous temple of shanidev Shani Shingnapur शनिदेव जन्मस्थान a 2 z complete information

धर्म Religion, चमत्कारी मंदिर, तीर्थ-Tirth/Pilgrimage, पश्चिम भारत के तीर्थ
शनि शिंगणापुर धाम a miraculous temple of shanidev Shani Shingnapur शनिदेव जन्मस्थान a 2 z complete information Shani Shingnapur : महाराष्ट्र राज्य के अहमदनगर जनपद में स्थित शिंगणापुर गांव में विराजित शनिदेव (shanidev)  की महिमा से पूरा संसार परिचित है । संसार के कोने कोने से शनिदेव के भक्त शनि के प्रकोप से मुक्ति पाने हेतु इस मंदिर में आते है, शनि देव का तेल से अभिषेक करते है, उनकी पूजा करते हैं और शनिदेव की कृपा प्राप्त कर कष्ट , रोग और भय से मुक्ति प्राप्त करते हैं शनि शिंगाणपुर मंदिर में प्रवेश करने के बाद कुछ आगे चलने पर आपको एक खुला मैदान दिखाई देगा जिसके बीच एक संगमरमर के चबूतरे पर प्रभु शनिदेव (shanidev) विशाल काले पत्थर की प्रतिमा के रूप में अपने भक्तो पर कृपा बरसाते हुए विराजित हैं अनेक लोग केसरी रंग के वस्त्र पहनकर मंदिर में आते हैं। प्रतिदिन शनि देव जी की स्थापित मूर्ती का स...
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