गजकेसरी योग किसे कहते है ,12 विभिन्न राशियों में बलवान और निर्बल Gaj Kesari Yog

गजकेसरी योग किसे कहते है ,12 विभिन्न राशियों में बलवान और निर्बल Gaj Kesari Yog
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गजकेसरी योग किसे कहते है ,12 विभिन्न राशियों में बलवान और निर्बल Gaj Kesari Yog

गजकेसरी योग किसे कहते है ,12 विभिन्न राशियों में बलवान और निर्बल गजकेसरी योग क्या और कैसा फल देता है ऐसे सभी प्रश्नों का उत्तर आपको इस पोस्ट में मिलने जा रहा है 

ज्योतिष में गजकेसरी योग की चर्चा होती है क्योंकि गजकेसरी योग हमें प्रसिद्धि , कार्यों में सफलता, धन, संपति, सुख आदि अनेक शुभ फल प्रदान कर सकता है।      

मित्रों गुरु बृहस्पति एक राशि में लगभग एक वर्ष तक रहते हैं तथा चन्द्रमा एक राशि में लगभग सवा 2 दिन रहते हैं और जब गुरु और चंद्र एक साथ आ जाते हैं तो गजकेसरी योग का निर्माण होता है , यदि गजकेसरी योग जिस भाव में बन रहा हो उस भाव में गुरु और चंद्र अंशों की दूरी बहुत अधिक हो तो गजकेसरी योग निर्बल हो जाता है 

गजकेसरी योग किसे कहते है

ज्जयोतिष के अनुसार कुंडली में बृहस्पति चंद्रमा से केंद्र में हों अर्थात चंद्रमा से गिनती करने पर यदि बृहस्पति 1, 4, 7 अथवा 10वें घर में स्थित हों तो ऐसी कुंडली में गजकेसरी योग बनता है किन्तु गजकेसरी योग की अच्छा फल तब देता है वो कुंडली में केंद्र या त्रिकोण में हों 

तारामंडल में जब भी गजकेसरी योग बनता है तो बनने के लगभग 2-3 दिन तक ये योग सक्रिय रहता है तथा इस अवधि में संसार भर में जन्म लेने वाले सभी बालक और बालिकाओ की कुंडली में गजकेसरी योग बनता है।

गजकेसरी योग के विषय में महर्षि पाराशर द्वारा रचित बृहत पाराशर होरा शास्त्र का एक श्लोक दिया है 

केन्द्रे देवगुरौ लगनाच्चन्द्राद्वा ।
शुभदृग्युते नीचास्तारिगृहैर्हीने योगोऽयं गजकेसरी।।३।।
गजकेसरीसञ्जातस्तेजस्वी धनवान् भवेत्।
मेधावी गुणसम्पन्नो राजप्रियकरो नरः।।४।।

अर्थात 

यदि बृहस्पति चंद्रमा से केंद्र भाव में अर्थात् प्रथम भाव, चतुर्थ भाव, सप्तम भाव अथवा दशम भाव में स्थित हो और शुभ ग्रहों  के द्वारा देखा जा रहा हो और इस योग से किसी क्रूर ग्रह का कोई संबंध न हो तो गज-केसरी योग बनता है।

गजकेसरी योग वाले लोग दयालु प्रवृत्ति और दूसरों के प्रति स्नेह व विनम्रता का भाव रखने वाले होते है। ऐसे लोगों के पास चल और अचल संपत्ति या बहुत सारा धन होने की संभावना रहती है।

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ऐसे जातकों के संबंध उच्च वर्ग के लोगों के साथ होता है। : ऐसे लोगों के मन में अपने धर्म , वेद और पुराण  ग्रंथों में रुचि होती है।ऐसे लोग अपने जीवन में सभी प्रकार की भौतिक वस्तुओं का सुख प्राप्त करते हैं। सरकारी सेवाओं में इन्हें उच्च पद की प्राप्ति होती है। गजकेसरी योग किसे कहते है ये जानने के लिए ये आवश्यक है कि हम जान ले कि बलवान गजकेसरी योग किसे कहते हैं और निर्बल गजकेसरी योग किसे कहते हैं 

गजकेसरी योग किसे कहते है ,12 विभिन्न राशियों में बलवान और निर्बल Gaj Kesari Yog

बलवान गजकेसरी योग

बलवान गजकेसरी योगके निर्माण के लिए यह आवश्यक है कि बृहस्पति और चंद्रमा में से कोई भी ग्रह अस्त ना हो, नीच राशि में न हो , किसी शत्रु राशि में न हो क्योंकि यदि ऐसा होता है तो गजकेसरी योग निर्बल हो जाता है और अपने अच्छे फल देने में सक्षम नहीं रहता है ।

निर्बल गजकेसरी योग

निर्बल गजकेसरी योग में बृहस्पति और चंद्रमा में से कोई भी एक ग्रह अस्त या नीच राशि में या किसी शत्रु राशि में होता है अथवा गजकेसरी योग कुंडली के अष्टम भाव, द्वादश भाव और षष्ठ भाव में होता है और इसीलिए ऐसा गजकेसरी योग निर्बल फल देता है।

गजकेसरी योग बनने के लिए बृहस्पति का चंद्रमा से केंद्र में होना भी आवश्यक है और उस पर शुभ ग्रह की दृष्टि हो तो अधिक अच्छा होता है।

ऋषि पराशर जी के अनुसार गजकेसरी योग के  साथ जन्म लेने वाले लोग कुशल, राजसी सुखों को भोगने वाला, उच्च पद प्राप्त करने वाला, वाद-विवाद व भाषण कला में निपुण होते हैं 

ज्योतिषी में बृहस्पति को धन , ज्ञान , वृद्धि का कारक माना गया है और चंद्रमा को शांति , प्रसन्नता , कल्पनाओ , उमंगो और सुखों का भी कारक माना गया है और जब कोई व्यक्ति इस गजकेसरी योग में उत्पन्न होता है तो उसके अन्दर ये सभी गुण आ जाते हैं 

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जन्म राशि अनुसार गजकेसरी योग का फल

1 यदि गजकेसरी योग मंगल के प्रतिनिधित्व वाली राशियों मेष अथवा वृश्चिक राशि में बनता है तो यह योग व्यक्ति को साहस, सामर्थ्य, शक्ति और शत्रुओं का दमन करने में परिपूर्ण बनाता है।

ऐसा व्यक्ति जीवन में उच्च सरकारी पदों पर पहुंचने में सक्षम होता है और रक्षा विभाग, आर्मी, नेवी, एयर फोर्स, पुलिस या इसी प्रकार के रक्षात्मक कार्यों में लगे संगठनों में उच्च अधिकारी बन सकता है।

ऐसा व्यक्ति एक सफल व्यवसायी बन सकता है। इस योग में जन्म लेने वाले एक सफल डॉक्टर या मशीनों और दवाइयों अथवा केमिकल या हॉस्पिटल आदि के कार्यों में से किसी कार्य को करके धनवान बन जाते है।

2 यदि शुक्र की राशि वृषभ अथवा तुला में गजकेसरी योग का निर्माण होता है तो इस योग के कारण व्यक्ति के अंदर कलात्मकता की वृद्धि होती है। उसमें अभिनय क्षमता आती है और वह एक अच्छा अभिनेता बन सकता है क्योंकि चंद्रमा अपनी उच्च राशि में होता है 

ऐसे व्यक्ति मॉडलिंग, गायन, अभिनय, चित्रकला संगीत और फिल्म डायरेक्शन या फिल्म निर्माण से जुड़े कार्यों या अथवा नृत्य,  से जुड़कर या कृषि से संबंधित कार्य से जुड़कर जीवन में सफलता अर्जित करते हैं और वह लोकप्रिय भी होता है।

3 यदि गजकेसरी योग बुध ग्रह की राशियों अर्थात् मिथुन या कन्या में  बनता है तो ये व्यक्ति को अत्यंत ही विद्वान बनाता है। उसकी बुद्धि और स्मरण शक्ति तेज होती है , 

वो बहुत ज्ञानी होता है और किसी बड़े शैक्षिक संस्थान का मुखिया भी बन सकता है। उसके पास अतुलनीय धन और संपदा होती है अच्छा नाम और पैसा होता है।

ऐसे लोग स्टॉक मार्केट में लाभ पाते हैं और किसी भी वित्तीय संस्थान या इंश्योरेंस सेक्टर में काम करते हुए उन्नति करते हैं।
4 गजकेसरी योग यदि चंद्रमा की कर्क राशि अथवा सूर्य की सिंह राशि में बन रहा हो तो ऐसे व्यक्ति को अपने जीवन में उच्चतम पद प्राप्त करते हैं । लोगों का नेतृत्व करते है । ऐसा व्यक्ति सुखपूर्वक जीवन जीते है। उसके पास अनेक प्रकार के रत्न और आभूषण हो सकते हैं 

ऐसा व्यक्ति मंत्री अथवा सांसद या कोई राजदूत या किसी एस्टेट का मालिक बन सकता है। ऐसे लोग जमींदारी के काम में भी सफल होते हैं।

5 यदि गजकेसरी योग का निर्माण बृहस्पति ग्रह से संबंधित राशियों अर्थात् धनु अथवा मीन राशि में हो रहा हो तो यह योग व्यक्ति को उच्च नेतृत्व क्षमता, साहस, मान – सम्मान और ज्ञान प्रदान करता है।

ऐसा व्यक्ति निर्णय शीघ्र लेता है और दूरदर्शी होता है। ऐसे व्यक्ति के पास  अपार धन होता है 

वह व्यक्ति भी कोई बड़ा मंत्री अथवा राजनेता या बड़ा नौकरशाह हो सकता है। ऐसे व्यक्ति के बड़े-बड़े लोगों से संबंध होते हैं।

6 यदि शनि ग्रह के स्वामित्व वाली मकर अथवा कुंभ राशियों से गजकेसरी योग का संबंध बन रहा हो तो ऐसे योग वाला व्यक्ति अपार धन का स्वामी होता है और जीवन में आर्थिक समृद्धि की कोई कमी नहीं होती है ।

ऐसा व्यक्ति कठोर परिश्रम करके भाग्य बनता है और जीवन में सभी सुख सुविधाओं को प्राप्त करता है।

ऐसा व्यक्ति अपनी मेहनत के बल पर अपने भाग्य का निर्माण करता है। ऐसा व्यक्ति खदानों, तेल, बिल्डिंग निर्माण, रियल एस्टेट से संबंधित कामों में उच्च सफलता प्राप्त कर सकता है।

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निष्कर्ष : साथियों हम आशा करते है कि इस पोस्ट से आपको ये पता चल गया होगा कि गजकेसरी योग किसे कहते है, बलवान गजकेसरी योग किसे कहते हैं और निर्बल गजकेसरी योग किसे कहते हैं 

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