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ज्ञानवापी मंदिर या ज्ञानवापी मस्जिद ? 1669 में औरंगजेब ने तोड़ा,क्या है सच्चाई जाने ज्ञानवापी मस्जिद का इतिहास ?

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ज्ञानवापी मंदिर या ज्ञानवापी मस्जिद ? 1669 में औरंगजेब ने तोड़ा,क्या है सच्चाई जाने ज्ञानवापी मस्जिद का इतिहास ?

ज्ञानवापी मंदिर या ज्ञानवापी मस्जिद ?  ज्ञानवापी मस्जिद का इतिहास ? : काशी विश्वनाथ मंदिर कब बना है , काशी विश्वनाथ मंदिर कितना पुराना है , काशी विश्वनाथ मंदिर किसने बनवाया था ये कोई नहीं जानता है लेकिन ऐसा कहा जाता है कि ईसा पूर्व 11वीं सदी में राजा हरीशचन्द्र ने काशी विश्वनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया था ,इतिहासकारों के अनुसार 4th और 5th शताब्दी के बीच सम्राट विक्रमादित्य सम्राट (जिन्हें हम चंद्रगुप्त द्वितीय के नाम से भी जानते है )  ने गुप्त साम्राज्य के शासनकाल में काशी विश्वनाथ मंदिर का निर्माण करवाया था ।

ज्ञानवापी मंदिर ज्ञानवापी मस्जिद ज्ञानवापी मस्जिद का इतिहास

काशी एक भव्य मंदिरों का नगर था , 635 ईसा पूर्व में चीनी यात्री हुआन त्सांग ने मंदिर और वाराणसी का वर्णन किया था । ईसा पूर्व 1194 से 1197 तक मोहम्मद गोरी ने काशी स्थि‍त मंदिर को लूटने के बाद तुड़वा दिया था , उस समय ये मंदिर को बहुत ज्यादा तोडा गया था किन्तु हिन्दुओ ने फिर से मंदिर बना लिया , इसके बाद भारत में मंदिरों के विध्वंस और पुनर्निर्माण निरंतर होता रहा , मुस्लिम अक्रांता मंदिरों को तोड़ते थे और हिन्दू उन मंदिरों का पुनर्निर्माण करवा लेते थे

सूत्रों के अनुसार इसके बाद वर्ष 1447 में जौनपुर के शर्की सुल्तान महमूद शाह द्वारा एक बार फिर इस मंदिर को तुड़वा कर मस्जिद बना दी गयी ।

ज्ञानवापी मस्जिद का इतिहास

वर्तमान काशी विश्वनाथ मंदिर से सटी हुई मस्जिद के विषय में ये माना जाता है कि जब काशी विश्वनाथ मंदिर को औरंगजेब ने ध्वस्त करवा दिया तब उसके बाद इस ज्ञानवापी मस्जिद का निर्माण किया गया ।

कुछ इतिहासकारों के अनुसार वर्ष 1669 में औरंगजेब के आदेश से तोड़कर यहां पर मंदिर के आधे हिस्से पर जामा मस्जिद बनाई गई और मस्जिद को बनाने के लिए मंदिर की नींव और मलबे का ही उपयोग किया गया ।

मंदिर टूटने और मस्जिद बनने के 125 वर्ष तक स्थिति में कोई बदलाव नही हुआ किन्तु वर्ष 1735 में इंदौर की महारानी देवी अहिल्याबाई ने ज्ञानवापी परिसर के पास काशी विश्वनाथ मंदिर बनवाया।

वर्ष 1809 में हिन्दू लोगों के द्वारा ज्ञानवापी मस्जिद को उन्हें सौंपने की मांग की गयी । 30 दिसंबर 1810 को बनारस के तत्कालीन जिला दंडाधिकारी मिस्टर वाटसन ने ‘वाइस प्रेसीडेंट इन काउंसिल’ को एक पत्र लिखकर ज्ञानवापी परिसर हिन्दुओं को सौंपने को कहा था ।

हिन्दू पुराणों अनुसार काशी में विशालकाय मंदिर में आदिलिंग के रूप में अविमुक्तेश्वर शिवलिंग स्थापित है और इस बात का उल्लेख महाभारत और उपनिषद में भी किया गया है।

साथियों ऐसा कहा जाता है कि भगवान शिव के त्रिशुल की नोक पर बसी है शिव की नगरी काशी। शिव पुराण और लिंगपुराण में भी 12 ज्योतिर्लिंगों का वर्णन मिलता है , जिसमें काशी का ज्योतिर्लिंग का भी वर्णन है।

स्कंद पुराण में कहा गया है कि भगवान शिव ने स्वयं लिंगाभिषेक के लिए अपने त्रिशूल से ये कुआं बनाया था। इस मस्जिद और वर्तमान विश्वनाथ मंदिर के बीच 10 फीट गहरा कुआं है, जिसे ज्ञानवापी कहा जाता है। इसी कुएं के नाम पर मस्जिद का नाम पड़ा।  

ऐसा कहा गया है कि इस कुएं का जल बहुत ही पवित्र है जिसे पीकर व्यक्ति ज्ञान को प्राप्त हो जाता है। कहते हैं कि शिवजी ने यहीं अपनी पत्नी और जगतमाता पार्वती को ज्ञान दिया था  इसलिए इस स्थान का नाम ज्ञानवापी अर्थात ज्ञान का कुआं पड़ा।

ऐसा कहा जाता है कि पुराने समय में ज्ञानवापी का जल भगवान् काशी विश्वनाथ पर चढ़ाया जाता था। पौराणिक हिन्दू ग्रंथो के अनुसार और उस स्थान पर सर्वे  में मंदिरों से जुड़े चिन्हयों से तो यही संकेत मिल रहे हैं कि ज्ञानवापी मस्जिद एक मस्जिद न होकर ज्ञानवापी मंदिर है 

ज्ञानवापी मस्जिद

क्योंकि यहाँ हैं 

–> 1. मस्जिद के गुंबद के नीचे की मंदिर के स्ट्रक्चर जैसी दीवार दिखाई देती है

–>2.  मस्जिद के खंभे भी हिंदू मंदिर शैली में बने हुए हैं।

–>3.  हिन्दू पक्ष के अनुसार विवादित ढांचे के दीवारों पर देवी देवताओं के चित्र हैं।

–>4.  ज्ञानवापी मस्जिद की दीवारों पर स्वास्तिक, त्रिशूल और ॐ के निशान पाए गए हैं।

–>5.  जहां नमाज पढ़ी जाती है वहां की दीवारों पर स्थान स्थान पर  श्री, ॐ आदि लिखे हुए हैं।

–>6.  मस्जिद  के स्तंभ अष्टकोण में बने हुए हैं जो कि हिन्दू मंदिरों में बने होते हैं।

–>7.  मस्जिद परिसर में श्रृंगार गौरी मंदिर कैसे बना है ,मस्जिद परिसर में श्रृंगार गौरी मंदिर  का होना भी यही संकेत देता है कि ये ज्ञानवापी मंदिर है , 

–>8.  मस्जिद के वजुखाने में ( हिन्दू पक्ष के अनुसार ) प्राप्त शिवलिंग की ओर मुंह किए हुए बैठे नंदी भी ये संकेत दे रहे हैं कि ये ज्ञानवापी मंदिर है 

ये भी पढ़े : काशी विश्वनाथ मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है – Kashi Vishvanath A Great Hindu Temple -Varanasi

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