panchtantra story: घमंडी हाथी और चींटी arrogant elephant and ant

panchtantra story: घमंडी हाथी और चींटी arrogant elephant and ant
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panchtantra story: घमंडी हाथी और चींटी arrogant elephant and ant

panchtantra story: घमंडी हाथी और चींटी : पुराने समय में चन्दन नाम का एक वन था जिसमे एक शक्तिशाली हाथी रहता था जिसे अपनी शक्ति पर बहुत ही घमंड था । वह जिस रास्ते पर चलता था ,उस रास्ते पर यदि कोई दूसरा प्राणी आ जाये तो वो उसे बहुत डराता धमकाता था और सबको अपनी शक्ति दिखाने के लिए वन के पेड़-पौधों को बिना किसी कारण के ही नष्ट कर देता था ।

एक दिन उस हाथी नें जैसे ही वन में रहने वाले अन्य जीवों को सताना शुरू किया कि तभी अचानक आकाश में बिजली चमकने लगी और जोर से मूसलाधार बारिश होने लगी। तेज़ बारिश से अपने आप को बचाने के लिए हाथी दौड़ कर एक गुफा में घुस गया ।

उसी वन में चींटियों का एक झुंड भी रहता था जिसमे सभी चींटियाँ बहुत ही मेहनती थीं | प्रतिदिन वो चींटियाँ सुबह-सुबह ही अपनी टोली की अन्य चींटियों के साथ खाने की तलाश में निकल पड़ती थी |

एक दिन  चींटियों के झुण्ड में से एक चींटी अपने खाने की तलाश में गुफा में जा रही थी तो उस घमंडी हाथी की दृष्टि उस चींटी पर पड़ गयी और वो उस छोटी सी चींटी को देख कर जोर जोर से हँसने लगा-

तब उस छोटी चींटी ने हाथी से उसके हंसने का कारण पूछा तो वो घमंडी हाथी हँसते हुए जोर से बोला “ .हा..हा… तुम कितनी छोटी हो, यदि मै तुमपर एक फूंक मारूंगा तो तुम आसमान में उड़ जाओगी , देखो मै बड़े बड़े पेड़ उखाड़ देता हूँ , पर्वत को हिला सकता दूँ…मै कितना बलशाली हूँ और तुम कितनी निर्बल हो …तुम्हारा जीवन तो व्यर्थ ही है| ( you are reading :panchtantra story: घमंडी हाथी और चींटी )

तब उस छोटी चींटी ने उस घमंडी हाथी को समझाया की सभी जीव बराबर होते है और किसी जीव को भी अपने बल पर घमंड नही करना चाहिए पर हाथी अपनी ताकत के घमंड में चूर था…वह निरंतर चींटी का मजाक उड़ाता रहा और चींटी को डराते हुए अपनी ताकत दिखाने के लिए जोर से अपना एक पैर धरती पर मारा …

हाथी के धरती पर जोर से पैर मारने से गुफा के मुह पर खड़ा एक बड़ा सा पत्थर हिल गया और डगरते हुए गुफा के मुहाने पर आकर खड़ा हो गया जिससे गुफा का द्वार बंद हो गया ।

अब घमंडी हाथी के होश उड़ गए कि वो गुफा से बाहर कैसे जाएगा … अपनी पूरी ताकत लगा कर भी वह पत्थर को टस से मस नहीं कर पाया..गुफा से बाहर कैसे निकला जाये ये उसे बिलकुल भी समझ नही आ रहा था

बारिश रुकते ही चीटी बोली , “देखो तुम्हे अपने बल पर बहुत घमंड है ..तुम मेरे छोटे होने का मज़ाक उड़ा रहे थे पर इस समय मैं अपने इसी छोटे अकार के कारण इस गुफा से ज़िंदा बाहर जा सकती हूँ लेकिन तुम इस गुफा से बाहर कैसे निकलोगे ”

घमंडी हाथी को उसकी निर्बलता बताते हुए चींटी गुफा से बाहर निकल कर अपने रास्ते चल जाती है|

किन्तु वो चींटी सरल हृदय की थी इसलिए थोड़ी ही देर के बाद वो वन में जा कर उस घमंडी हाथी के अन्य साथी हाथियों को हाथी के गुफा में बंद हो जाने की कहानी बताकर उन्हें बुला लाती है और सब मिल कर गुफा के द्वार पर आ गिरा पत्थर हटा देते हैं और उस हाथी को गुफा के बाहर निकाल देते हैं।

हाथी निकलते ही चींटी से अपने घमंडी व्यहार के लिए क्षमा मांगता है और उसके प्राण बचाने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद देता है।

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पंचतंत्र की कहानी :- घमंडी हाथी और चींटी से मिलने वाली सीख 

सभी जीवों का अपना अलग ही महत्व है इसलिए हम सबको किसी को भी छोटा या बड़ा नही समझना चाहिए और सभी प्राणीयों को मिल-जुल रहना चाहिए। कभी किसी प्राणी को उसकी निर्बलता दिखाते हुए उसे नीचा नहीं दिखाना चाहिए |

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