पूर्व भारत के तीर्थस्थल

रहस्यमयी सूर्य मंदिर कोणार्क-Sun Temple Konark

स्थानीय लोगो का कहना है कि शाम ढलने के बाद आज भी यहाँ पर नर्तकियों की पायल की झंकार सुनाई पड़ती है…ऐसा भी कहा जाता है कि जब मंदिर बना था तो मंदिर में विराजित भगवान्  सूर्यनारायण की मूर्ती हवा में उठी हुई रहती थी

कामख्या मंदिर-यहाँ आज भी होता है तंत्र-काला जादू

ये कामरूप कामख्या मंदिर भी कहलाता है | इस स्थान पर माता सती का योनि भाग गिरा था | ये मंदिर सतयुग से यहाँ विराजमान है और तंत्र मंत्र सिद्धि का सर्वोच्च स्थल है।

वैद्यनाथ धाम,देवघर,झारखण्ड-जहाँ हुई रावण से भूल

झारखंड राज्य में देवघर जिले में शिव जी के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक प्रभु बैद्यनाथ विराजित है|बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग शिव जी पुराणकालीन मन्दिर है। ऐसा माना जाता है की यहाँ पर आने वालों की सारी मनोकामनाएँ पूर्ण हो जाती हैं|

प्रभु जगन्नाथ,पुरी,उड़ीसा jagannath temple

उड़ीसा राज्य के पुरी नगर में बंगाल की खाड़ी के तट पर पूरी सृष्टि के स्वामी श्री जगन्नाथ विराजित है| हिन्दू धर्म में अति पवित्र चार धाम में से एक धाम है जगन्नाथ पुरी , अन्य तीन धाम है – बद्रीनाथ,द्वारिका और रामेश्वरम|

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