Wednesday, November 30
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पूजा पाठ Pooja Path

devuthni ekadashi 2022:देवउठनी एकादशी की तिथि,पूजा मुहूर्त,पूजा विधि,पारण समय और महत्व

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devuthni ekadashi 2022: देवउठनी एकादशी की तिथि,पूजा मुहूर्त,पूजा विधि,पारण समय और महत्व devuthni ekadashi 2022: कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को प्रतिवर्ष देवउठनी एकादशी व्रत रखा जाता है जिसे देवोत्थान एकादशी के साथ साथ प्रबोधनी एकादशी, देवउठनी ग्यारस भी कहा जाता है। इस वर्ष यह व्रत 4 नवंबर 2022, शुक्रवार के दिन रखा जाएगा। सभी एकादशी तिथि भगवान् श्रीहरि विष्णु को समर्पित है किन्तु देवउठनी एकादशी का अपना ही महत्व है क्योंकि देवउठनी एकादशी तिथि के दिन भगवान विष्णु 4 माह की लंबी योग निद्रा और चातुर्मास संपन्न हो जाते हैं , इस एकादशी को देवोत्थान एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की विशेष पूजा की जाती है और उनसे परिवार के कल्याण की प्रार्थना की जाती है। देवउठनी एकादशी के दिन से सभी मांगलिक कार्य जैसे विवाह आदि पुनः आरंभ हो जाते हैं। इस दिन भगवान विष्णु की ...
Chhath Puja 2022 Date: छठ पूजा की तिथि, शुभ मुहूर्त,नियम और महत्व

Chhath Puja 2022 Date: छठ पूजा की तिथि, शुभ मुहूर्त,नियम और महत्व

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Chhath Puja 2022 Date : छठ पूजा की तिथि, शुभ मुहूर्त, नियम और महत्व भगवान सूर्यदेव की आराधना से जुड़ा पर्व छठ पूजा (Chhath Puja 2022 Date) प्रतिवर्ष कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि से आरंभ होता है। इस वर्ष 28 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक मनाया जाएगा। यह पर्व विशेष रूप से पूर्वी उत्तरप्रदेश,बिहार, झारखंड,बंगाल मे मनाया जाने वाला पर्व है किन्तु देश के अन्य भागों के साथ साथ छठ पर्व आज विदेशों मे भी प्रसिद्ध है  वैसे तो छठ पर्व प्रति वर्ष 2 बार मनाया जाता है। चैत्र माह शुक्ल षष्ठी और कार्तिक माह शुक्ल षष्ठी को किन्तु दीपावली पर्व के बाद मनाया जाने वाला छठ पर्व  विशेष रूप से प्रसिद्द है। छठ पर्व पूर्वी भारत का महापर्व है, इसमें छठी मैया और सूर्य देव की विशेष पूजा की जाती है। छठ पर्व मे छठी मैया की पूजा की जाती है जो अपने भक्तो को सुख-समृद्धि, धन, वैभव, यश और मान-सम्मान प्रदान करती  ...
Diwali 2022 date 24 or 25 :दीपावली-धनतेरस,नरक चतुर्दशी,गोवर्धन पूजा,भाई दूज का शुभ मुहर्त,महत्व,तिथि की सम्पूर्ण जानकारी

Diwali 2022 date 24 or 25 :दीपावली-धनतेरस,नरक चतुर्दशी,गोवर्धन पूजा,भाई दूज का शुभ मुहर्त,महत्व,तिथि की सम्पूर्ण जानकारी

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Diwali 2022 date 24 or 25:दीपावली-धनतेरस,नरक चतुर्दशी,गोवर्धन पूजा,भाई दूज का शुभ मुहर्त,महत्व,तिथि की सम्पूर्ण जानकारी Diwali 2022 date 24 or 25 :प्रत्येक वर्ष कार्तिक माह में अमावस्या तिथि को दीपावली पर्व मनाया जाता है। इस वर्ष कार्तिक माह की अमावस्या तिथि 24 और 25 अक्टूबर दोनों ही दिन है। अब चूँकि 25 अक्टूबर को अमावस्या तिथि प्रदोष काल से पहले ही समाप्त हो जाएगी जबकि 24 अक्टूबर को अमावस्या प्रदोष काल में रहेगी इसीलिए इस वर्ष दीपावली पर्व  ( Diwali 2022 ) 24 अक्टूबर को ही मनाया जाएगा। दीपावली 5 दिवसीय पर्व होता है इसलिए इस वर्ष दीपावली पर्व 22 अक्टूबर को धनतेरस से आरंभ होकर 27 अक्टूबर भाई दूज के दिन तक मनाई जाएगी जिसमे धनतेरस 22 अक्टूबर , छोटी दीपावली यानि रूप चौदस 23 अक्टूबर,मुख्य दीपावली पर्व 24 अक्टूबर, 25 अक्टूबर को भी कार्तिक कृष्ण अमावस्या है और इस दिन सूर्यग्रहण भी है इसलिए अन...
karwa chauth 2022 date-जाने करवा चौथ का शुभ मुहर्त,तिथि,पूजा विधि और कथा

karwa chauth 2022 date-जाने करवा चौथ का शुभ मुहर्त,तिथि,पूजा विधि और कथा

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karwa chauth 2022 date-जाने करवा चौथ का शुभ मुहर्त,तिथि,पूजा विधि और कथा karwa chauth 2022 : करवा चौथ हिन्दू धर्म का एक अति पवित्र और अत्यधिक महवपूर्ण पर्व है जिसे मुख्यतः सुहागिन स्त्रियाँ मनाती है , किन्तु आज के समय में इस पर्व के महत्व को देखते हुए अच्छे वर की अभिलाषा में कुवारीं कन्याएं भी इस पर्व पर व्रत रखती है | प्रत्येक वर्ष कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष में नवरात्रि और शरद पूर्णिमा के बाद आने वालों में पर्वों में करवा चौथ सुहागिन स्त्रियों के पर्व के रूप में ही जाना जाता है ,करवा चौथ को कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को पूरे देश विदेश में मनाया जाता है| वर्ष 2022 में करवाचौथ का व्रत 13 अक्तूबर को मनाया जाएगा । करवा चौथ के दिन सुहागिन स्त्रियाँ अपनी पति की लंबी आयु के लिए पूरे दिन निर्जला व्रत रखती है। करवा चौथ का व्रत सूर्योदय से पहले प्रारम्भ हो जाता है और संध्या को चंद्रदेव के द...
Dussehra 2022: कब है दशहरा 2022 ? जानें दशहरा का शुभ मुहूर्त,पूजा विधि,महत्व और पूजन मंत्र

Dussehra 2022: कब है दशहरा 2022 ? जानें दशहरा का शुभ मुहूर्त,पूजा विधि,महत्व और पूजन मंत्र

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Dussehra 2022 : कब है दशहरा 2022 ? जानें दशहरा का शुभ मुहूर्त,पूजा विधि,महत्व और पूजन मंत्र Dussehra 2022 : कब है दशहरा 2022 ? आश्विन मास की दशमी तिथि को हर वर्ष मनाया जाने  वाला पर्व है दशहरा पर्व जिसे असत्य पर सत्य की विजय के रूप में पूरे संसार मे मनाया जाता है और इस वर्ष दशहरा 2022 मे ये पर्व 5 अक्टूबर को मनाया जा रहा है। इस पर्व को बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप इसलिए मनाते हैं क्योंकि आश्विन मास की दशमी तिथि को ही मर्यादा पुरुषोतम भगवान श्रीराम ने लंकापति रावण का वध करके पाप ,अधर्म और अहंकार का नाश किया था और आश्विन मास की दशमी तिथि यानि दशहरा के दिन ही माँ दुर्गा ने नौ रात्रि एवं दस दिन के युद्ध के उपरांत महिषासुर का वध किया था. दशहरा का महत्व दशहरा को अधर्म पर धर्म की विजय के पर्व के रूप में मनाया जाता है और इसीलिए इसे विजयदशमी का पर्व भी कहा जाता है. विजयदशमी के दिन अहंकार...
navratri 2022: नवरात्री पूजन विधि-कलश स्थापना-पूजन सामग्री

navratri 2022: नवरात्री पूजन विधि-कलश स्थापना-पूजन सामग्री

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navratri 2022: नवरात्री पूजन विधि-कलश स्थापना-पूजन सामग्री navratri 2022 : हिंदू धर्म में माँ का स्थान सर्वोपरि रखा गया है और इसीलिए आदिशक्ति माँ दुर्गा की आराधना का अपना ही महत्व है, आश्विन माह  के शुक्ल पक्ष में प्रतिपदा तिथि अर्थात एकम से शारदीय नवरात्रि आरंभ हो जाते हैं। शारदीय नवरात्री मे 26 सितंबर 2022 को कलश स्थापना की जाएगी । इस दिन शुक्ल और ब्रह्रा योग के रूप मे बहुत ही शुभ योग बना हुआ है । वर्ष 2022 मे 26 सितंबर,सोमवार से शारदीय नवरात्रि प्रारंभ होकर 05 अक्तूबर को विजयादशमी पर समाप्त हो जाएँगे । नवरात्रि मे 9 दिनों तक मां शक्ति रूपी दुर्गा माता का पूजन विशेष रूप से किया जाता है । पहले दिन कलश स्थापना करते हुए विधि-विधान से मां दुर्गा की उपासना प्रारंभ होगी और अष्टमी और नवमी तिथि पर कन्या पूजन किया जाएगा। देशभर में शारदीय नवरात्रि पर दुर्गा पूजा के लिए भव्य पंडाल लगाए जाते ...
Vishwakarma Puja भगवान विश्वकर्मा जयंती 2022 पर करें विश्वकर्मा पूजा

Vishwakarma Puja भगवान विश्वकर्मा जयंती 2022 पर करें विश्वकर्मा पूजा

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Vishwakarma Puja भगवान विश्वकर्मा जयंती 2022 पर करें विश्वकर्मा पूजा आज भारत देश में देवताओं के शिल्पी अर्थात वास्तुशिल्प के देवता  भगवान विश्वकर्मा जयंती (Vishwakarma Puja 2022) मनाई जा रही है| विश्वकर्मा पूजा का महत्व इसलिए भी है क्योंकि भगवान विश्वकर्मा संसार के पहले वास्तुशिल्पी माने जाते है जिन्होंने एक ही दिन में प्रभु श्री कृष्णा की कहने पर द्वारिका नगरी का निर्माण किया था प्रभु श्री कृष्णा के कहने पर उनके सखा सुदामा का निवास एक ही दिन में राज महल जैसा बना दिया था और  सुदामा जी के आस पड़ोस के भी सभी मकानों को महल में परिवर्तित कर दिया था | विश्वकर्मा को संसार का पहला इंजीनियर और वास्तुकार माना जाता है| इसलिए विश्वकर्मा दिवस पर (Vishwakarma Puja) विश्वकर्मा पूजा  करते है | इंजीनियर , राजमिस्त्री , कारीगर , बुनकर, शिल्पकार लोग अपने अपने औजारों की पूजा करते है | फैक्ट्र‍ियों ,का...
पितरों को प्रसन्न करने के मंत्र – पितृ गायत्री मंत्र-pitra paksh mantra-pitra gayatri mantra

पितरों को प्रसन्न करने के मंत्र – पितृ गायत्री मंत्र-pitra paksh mantra-pitra gayatri mantra

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पितरों को प्रसन्न करने के मंत्र - पितृ गायत्री मंत्र-pitra paksh mantra-pitra gayatri mantra pitra paksh mantra-pitra gayatri mantra :साथियों पितरों को प्रसन्न करने के मंत्र - पितृ गायत्री मंत्र का पितृ पक्ष में बहुत महत्व है , प्रतिवर्ष भादो माह में पूर्णिमा से आश्विन माह की अमावस्या( सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या ) तक पूरे 16 दिन तक का समय श्राद्ध पक्ष यानि पितृ पक्ष कहलाता है। श्राद्ध पक्ष यानि पितृ पक्ष के समय में पितरों की आत्मा की तृप्ति के लिए विधि विधान से श्राद्ध तर्पण किया जाता है। इससे हम सब पितरों को प्रसन्न और उन्हें पितृ लोक के कष्टों से मुक्त करने का प्रयास कर सकते हैं पितृपक्ष में श्राद्ध को लेकर कुछ नियमो का पालन किया जाता है जैसे पितरों की मृत्यु जिस तिथि को हुई होती है, उसी तिथि में उनका श्राद्ध किया जाता है। जैसे किसी की मृत्यु प्रतिपदा तिथि को हुई थी तो उनका श्राद्ध पि...
पितृपक्ष में खरीदारी- शुभ या अशुभ Shopping in Pitru Paksha – Auspicious or inauspicious

पितृपक्ष में खरीदारी- शुभ या अशुभ Shopping in Pitru Paksha – Auspicious or inauspicious

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पितृपक्ष में खरीदारी- शुभ या अशुभ Shopping in Pitru Paksha - Auspicious or inauspicious पितृपक्ष में खरीदारी- शुभ या अशुभ (Shopping in Pitru Paksha) : पितृपक्ष में आपने लोगों से सुना होगा कि खरीदारी नहीं करनी चाहिए। लोगों में यह धारणा बनी हुई कि यह अशुभ समय होता है और इन दिनों नई चीज खरीदने से पितर नाराज होते हैं।कुछ लोग कहते है कि पितर पक्ष में खरीदी गयी चीजें पितरों को दान करने या उन्हें समर्पित करने के लिए होती है इसलिए उनका उपयोग करना ठीक नही है एक प्रकार से उन वस्तुओं पर प्रेत का अंश होता है। आज हम आपको इसी विषय को समझाते हैं कि पितृपक्ष में खरीदारी करनी चाहिए या नहीं? मित्रों शास्त्रों में कहीं भी इस प्रकार का उल्लेख नहीं मिलता है कि पितृ या श्राद्घ पक्ष में खरीदारनी नहीं करनी चाहिए वैसे भी श्राद्घ पक्ष गणेश चतुर्थी और नवरात्र के बीच का समय होता है।हम सभी ये जानते है कि किसी भ...
पितरों को प्रसन्न करने के 9 उपाय टोटके -how to please ancestors in pitra paksh

पितरों को प्रसन्न करने के 9 उपाय टोटके -how to please ancestors in pitra paksh

पूजा पाठ Pooja Path, उपाय-टोटके Upay Totke
पितरों को प्रसन्न करने के 9 उपाय टोटके -how to please ancestors in pitra paksh पितरों को प्रसन्न करने के 9 उपाय टोटके (tricks to please ancestors in pitra paksh) : पितृ पक्ष में पितरों की आत्मा की शांति के लिए 15 दिनों पितरों के लिए तर्पण व श्राद्ध क्रिया की जाती है, हमारे पितृ या पूर्वज अनेक प्रकार के होते हैं। उनमें से कुछ ने दूसरा जन्म ले लिया होता है व्ही कुछ पितृलोक दूसरे जन्म की प्रतीक्षा करते हैं पितृलोक में रहने वाले पितृ प्रतिवर्ष श्राद्ध पक्ष (pitra paksh)में अपने वंशजों को देखने आते हैं और अपने वंशजो के अच्छे कर्म , तर्पण और श्राद्ध कर्म से आशीर्वाद देते है , अन्यथा वो श्राप देकर पितृ लोक वापस लौट जाते हैं ऐसे में यदि हम कुछ विशेष टोटके करें तो पितरों की विशेष कृपा पाई जा सकती है। पितरों को प्रसन्न करने के 9 उपाय टोटके  Tricks to please ancestors in pitra paksh ...
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