Sunday, September 25
Shadow

More…

संत कबीर दास जी के 19 प्रसिद्ध दोहे-माया मरी न मन मरा जैसे- 19 kabir ke dohe हिंदी में अर्थ सहित

कबीर के दोहे
संत कबीर दास जी के 19 प्रसिद्ध दोहे संत कबीर दास जी के 19 प्रसिद्ध दोहे-माया मरी न मन मरा जैसे- kabir ke dohe हिंदी में अर्थ सहित माया मरी न मन मरा, मर-मर गए शरीर । आशा तृष्णा न मरी, कह गए दास कबीर । इस दोहे का अर्थ: कबीर दास जी कहते हैं कि मायाधन और मनुष्य का मन कभी नहीं मरा, मनुष्य मरता है शरीर बदलता है लेकिन मनुष्य की इच्छा और ईर्ष्या कभी नहीं मरती। kabir ke dohe *********************************** आये है तो जायेंगे, राजा रंक फ़कीर । इक सिंहासन चढी चले, इक बंधे जंजीर । इस दोहे का अर्थ: कबीर दास जी कहते हैं कि जो इस संसार में आया है उसे एक दिन अवश्य जाना है। चाहे राजा हो या फ़क़ीर, अंत समय यमदूत सबको एक ही जंजीर में बांध कर ले जायेंगे। *********************************** ऊँचे कुल का जनमिया, करनी ऊँची न होय । सुवर्ण कलश सुरा भरा, साधू निंदा होय । इस दोहे का अर्थ: कबीर दास जी कहत...
शेर और भालू – पंचतंत्र की कहानी Sher Aur Bhalu Ki Kahani- Panchtantra Story

शेर और भालू – पंचतंत्र की कहानी Sher Aur Bhalu Ki Kahani- Panchtantra Story

पंचतंत्र की कहानियां: panchtantra stories
शेर और भालू - पंचतंत्र की कहानी Sher Aur Bhalu Ki Kahani- Panchtantra Story Sher Aur Bhalu Ki Kahani-शेर और भालू  : एक समय की बात है, विचित्र नाम के वन में वर्षों पहले एक भूरा नाम का शेर रहता था। वह भूरा शेर काफ़ी चतुर था और अपनी चतुराई से हर एक जानवर से मित्रता करके उसका लाभ उठाने में खूब मज़ा आता था। शेर सबसे अपना काम करवाने के बाद दूसरों को आवश्यकता पड़ने पर किसी के काम नही आता था । वन में सभी जानवर ये जानते थे कि भूरा शेर सबसे मित्रता करके अपना स्वार्थ निकालता है और जब स्वार्थ निकल जाता है तो फिर दूसरों की सहायता नहीं करता। अब सभी लोग उस शेर से दूर रहने लगे। शेर को वन में मित्रों की खोज में घूमते-घूमते बहुत समय बीत गया लेकिन कोई नहीं मिला क्योंकि चतुर शेर की चतुराई से सभी परिचित थे एक दिन भूरा शेर जब शाम को अपनी गुफ़ा में सोने जा रहा था, तो उसने देखा कि एक बूढ़ा भालू भी उसकी ग...

कबीर के दोहे-साधु ऐसा चाहिए – पोथी पढ़ पढ़ जग मुआ जैसे 25 kabirpanthi ke dohe हिंदी में अर्थ सहित

कबीर के दोहे
कबीर के दोहे-साधु ऐसा चाहिए - पोथी पढ़ पढ़ जग मुआ जैसे 25 kabirpanthi ke dohe हिंदी में अर्थ सहित पोथी पढ़ पढ़ जग मुआ, पंडित भया न कोय । ढाई आखर प्रेम का, पढ़े सो पंडित होय । कबीर के दोहे का अर्थ: कबीर दास जी कहते हैं कि लोग बड़ी से बड़ी पढाई करते हैं लेकिन कोई पढ़कर पंडित या विद्वान नहीं बन पाता। जो मनुष्य प्रेम का ढाई अक्षर पढ़ लेता है वही सबसे विद्वान् है। ******************************************* साधु ऐसा चाहिए जैसा सूप सुभाय। सार-सार को गहि रहै थोथा देई उडाय। कबीर के दोहे का अर्थ: कबीर दास जी कहते हैं कि एक सज्जन पुरुष में सूप जैसा गुण होना चाहिए। जैसे सूप में अनाज के दानों को अलग कर दिया जाता है वैसे ही सज्जन पुरुष को अनावश्यक बातों को छोड़कर मात्र अच्छी बातें ही ग्रहण करनी चाहिए। ******************************************* जो घट प्रेम न संचारे, जो घट जान सामान । जैसे खाल लुहार क...
famous kabir das dohe-guru govind dou khade etc कबीरदास के16 प्रसिद्द दोहे in hindi

famous kabir das dohe-guru govind dou khade etc कबीरदास के16 प्रसिद्द दोहे in hindi

कबीर के दोहे, More...
famous kabir das dohe-guru govind dou khade etc कबीरदास के16 प्रसिद्द दोहे in hindi famous kabir das dohe: कबीरदास भारत के एक ऐसे संत थे जिनको भारतीय समाज में बहुत ही सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है. संत कबीरदास के दोहे मानवीय मूल्यों पर आधारित हैं और जीवन के प्रति एक सकरात्मक सोच और धरती से जुड़े दृष्टिकोण  उत्पन्न करने वाली है ,कबीरदास ने अपनी वाणी और अपने कथनों से आम जन मानस को सत्यमार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया है . कबीर दास के दोहे भारत ही नही बल्कि पूरे विश्व में प्रख्यात हैं जिन्हें पढकर कोई भी मनुष्य अपने जीवन को सही मार्ग पर ला सकता है. आइये जानते हैं कुछ famous kabir das dohe जैसे dohe-guru govind dou khade etc कबीरदास के दोहे अर्थ सहित गुरु गोविंद दोउ खड़े, काके लागूं पाँय । बलिहारी गुरु आपने, गोविंद दियो मिलाय॥ कबीरदास के इस दोहे का अर्थ :--> कबीर दास जी इस दोहे म...
जादुई पतीला :पंचतंत्र की कहानी-Panchatantra Story Magical Pot Story In Hindi

जादुई पतीला :पंचतंत्र की कहानी-Panchatantra Story Magical Pot Story In Hindi

पंचतंत्र की कहानियां: panchtantra stories
जादुई पतीला पंचतंत्र की कहानी-Panchatantra Story Magical Pot Story In Hindi जादुई पतीला :पंचतंत्र की कहानी : वर्षों पहले मानिकपुर राज्य के शीतल नाम के गाँव में किशन नाम का एक किसान रहता था। वह शीतल गाँव के एक ज़मींदार के खेत पर काम करके किसी प्रकार अपना घर चला लेता था। किशन प्रतिदिन सोचता कि कैसे घर की स्थिति को बेहतर किया जाए। आज भी इसी सोच के साथ किशन भोर में ज़मींदार के खेत पर काम करने के लिए निकल पड़ा था । (जादुई पतीला :पंचतंत्र की कहानी-Magical Pot Story Panchatantra Story ) एक समय किशन के पास भी खेत हुआ करते थे, लेकिन उसके पिता के अस्वस्थ होने के कारण पिता के उपचार के लिए उसे अपने सारे खेत बेचने पड़े। मज़दूरी में बहुत ही कम मिलने वाले पैसों से पिता का उपचार कैसे करा सकता था और साथ में घर का खर्च भी तो चलाना था , यही चिंता उसे दिन रात दुखी कर रही थी । एक दिन खेत में काम करते...
मूर्ख मगरमच्छ और चतुर बंदर की कहानी foolish crocodile and the clever monkey-panchatantra story in hindi

मूर्ख मगरमच्छ और चतुर बंदर की कहानी foolish crocodile and the clever monkey-panchatantra story in hindi

पंचतंत्र की कहानियां: panchtantra stories
मूर्ख मगरमच्छ और चतुर बंदर की कहानी foolish crocodile and the clever monkey-panchatantra story in hindi panchatantra story in hindi : एक बार की बात है, एक चतुर बंदर नदी के किनारे एक आम के पेड़ पर रहता था आम के पेड़ पर रसीले मीठे आम लगते थे। बंदर उन रसीले मीठे आमों को खाकर बहुत प्रसन्न था। एक दिन एक मगरमच्छ उस आम के पेड़ के पास आया और उसने बंदर से कहा कि वह भोजन की खोज में अपने घर से बहुत आ चुका है और वह बहुत भूखा है। दयालु बंदर ने उसे कुछ रसीले मीठे आम दिए। मगरमच्छ ने उन मीठे रसीले आमों को खाया तो मगरमच्छ बहुत प्रसन्न हुआ मगरमच्छ ने बंदर से कहा की क्या मुझे कुछ और रसीले मीठे आम दे सकते हो, बंदर ने मगरमच्छ को बड़ी प्रसन्नता से आम दे दिए । मगरमच्छ ने बड़े आनंद से खूब आम खाए । मूर्ख मगरमच्छ और चतुर बंदर की कहानी मगरमच्छ प्रतिदिन बंदर के पास आने लगा, बंदर और मगरमच्छ अब अच्छे मित्र बन चुके ...
भूखी चिड़िया की कहानी Bhukhi Chidiya Ki Kahani- hungry bird story

भूखी चिड़िया की कहानी Bhukhi Chidiya Ki Kahani- hungry bird story

पंचतंत्र की कहानियां: panchtantra stories
भूखी चिड़िया की कहानी Bhukhi Chidiya Ki Kahani- hungry bird story भूखी चिड़िया की कहानी Bhukhi Chidiya Ki Kahani- hungry bird story : बहुत समय पहले की बात है चुचु चिड़िया नाम की एक छोटी सी चिड़िया रहती थी। चुचु चिड़िया अपनी माता, पिता और  5 भाइयों के साथ घोंसले में रहती थी।  चुचु चिड़िया के पंख छोटे और रेशमी और मुलायम थे, चुचु चिड़िया और उसका परिवार एक बड़े चर्च के घंटाघर पर बने घोंसले में रहता था और उसकी माता ने उसे घंटियों की ताल पर चहकना सिखाया था और वो घंटाघर की घंटियों की ताल पर चहकती रहती थी घंटाघर के पास एक पूराने मकान में एक बूढ़ी औरत रहती थी जो पक्षियों से बहुत प्यार करती थी , वो चुचु  चिड़िया और उसके परिवार के लिए अपनी खिड़की पर ब्रेड डालती थी। (भूखी चिड़िया की कहानी hungry bird story Bhukhi Chidiya Ki Kahani) एक दिन बेचारी बुढ़िया गंभीर रूप से अस्वस्थ पड़ गई और उसक...
कैसे 7 महिलाओं ने 50 पैसे को 1600 करोड़ बनाया- पदमश्री जसवंती बेन पोपट inspirational success story of lijjat papad

कैसे 7 महिलाओं ने 50 पैसे को 1600 करोड़ बनाया- पदमश्री जसवंती बेन पोपट inspirational success story of lijjat papad

Success Story in hindi, hindi stories
कैसे 7 महिलाओं ने 50 पैसे को 1600 करोड़ बनाया- पदमश्री जसवंती बेन पोपट inspirational success story of lijjat papad मुंबई महानगर में 15 मार्च 1959 के दिन जसवंती बेन पोपट ने अपनी 6 सहेलियों के साथ एक पापड़ बनाने का बिजनेस चालू किया और पहले दिन 50 पैसे की कमाई की , आज वो 7 महिलाओं का समूह 40000 से अधिक महिलाओं का समूह बन चूका है और पापड़ की कमाई 50 पैसे से बढ़कर 1600 करोड हो गयी है। आइये जानते हैं ये चमत्कार कैसे हुआ जसवंती बेन की संघर्ष की कहानी Story of struggle of Jaswanti Ben मुंबई के गिरगांव क्षेत्र के लोहाना निवास में रहने वाली जसवंती बेन पोपट जमनादास पोपट एक निर्धन परिवार से थी और निर्धनता के कारण घर चलाना बहुत कठिन हो गया था , जसवंती बेन पोपट की शिक्षा प्राइमरी क्लास तक हुई थी इसलिए अच्छी नौकरी भी नही मिल सकती थी घर में इतने पैसे भी नही थे कि कोई व्यापार करे , जसवंती बेन भले ही ...
कभी साइकिल से बेचा वाशिंग पाउडर-आज 600 मिलियन डालर से अधिक के स्वामी-करसनभाई पटेल Success story of Karsanbhai Patel

कभी साइकिल से बेचा वाशिंग पाउडर-आज 600 मिलियन डालर से अधिक के स्वामी-करसनभाई पटेल Success story of Karsanbhai Patel

hindi stories, Success Story in hindi
कभी साइकिल से बेचा वाशिंग पाउडर-आज 600 मिलियन डालर से अधिक के स्वामी-करसनभाई पटेल Success story of Karsanbhai Patel Karsanbhai Patel करसनभाई पटेल :  वाशिंग पाउडर लेकर जिसे किसी व्यक्ति ने कभी साइकिल पर घूम-घूम कर बेचा था - वो वाशिंग पाउडर आज 600 मिलियन डालर से भी अधिक का एक बहुराष्ट्रीय कंपनी है । साथियों आज निरमा समूह निरमा ब्यूटी शॉप ,प्रीमियम पाउडर,सुपर निरमा वाशिंग पाउडर,निरमा शैंपू ,टूथपेस्ट,शुद्ध नाम का नमक,सोडा ऐश जैसे अनेकों उत्पाद विक्रय करने वाली एक बहुराष्ट्रीय कंपनी है जिसके उत्पाद भारत के गाँव देहात से लेकर महानगरों तक में बिकते है , निरमा आज भारत के साथ साथ अनेक देशों में बिकता है और ये एक ऐसा उत्पाद है जो यूनीलीवर ( पूर्व का हिन्दुस्तान लीवर )  लिमिटेड जैसे बहुराष्ट्रीय उत्पादों को टक्कर दे रहा है , आइये जानते है कैसे निरमा एक बीज से विशाल वृक्ष बन सका मित्रो वो व्...
भालू और लालची किसान की कहानी The story of the bear and the greedy farmer in Hindi-panchantra story

भालू और लालची किसान की कहानी The story of the bear and the greedy farmer in Hindi-panchantra story

पंचतंत्र की कहानियां: panchtantra stories
भालू और लालची किसान की कहानी The story of the bear and the greedy farmer in Hindi-panchantra story भालू और लालची किसान की कहानी The story of the bear and the greedy farmer in Hindi : एक समय की बात है , एक गाँव में एक किसान रहता था, वो किसान बहुत लालची था और उसके लालच के गाँव के लोग किसान से दूरी ही रहते थे और उसको भला बुरा कहते थे । किसान को सभी बोलते थे कि वो अपना लालच छोड़ दे लेकिन वो नही मानता था , किसान की पत्नी और बच्चों ने भी किसान को बहुत समझाया की लालच बुरी बला है और आपको कभी भी लालच नहीं करना चाहिए लेकिन किसान ने अपनी पत्नी और बच्चों की बात बिलकुल भी नही सुनता था , इसिलए धीरे धीरे गाँव के लोगो ने किसान से बातचीत करना भी बंद कर दिया था । जब किसान नही सुधरा तब कुछ समय बाद किसान के लालच से दुखी होकर किसान के पत्नी और बच्चे ने किसान का साथ छोड़ दिया और वहाँ से चले गये, लेकि...
error: Content is protected !!