Thursday, August 18
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ज्योतिष-Astrology

जीवन में क्लेश और धन की कमी दूर करने के ज्योतिष उपाय 7 Astrological Remedies To Remove Trouble And Pooverty In Life

जीवन में क्लेश और धन की कमी दूर करने के ज्योतिष उपाय 7 Astrological Remedies To Remove Trouble And Pooverty In Life

ज्योतिष-Astrology, उपाय-टोटके Upay Totke
जीवन में क्लेश और धन की कमी दूर करने के ज्योतिष उपाय 7 Astrological Remedies To Remove Trouble And Pooverty In Life ज्योतिष उपाय 7 Astrological Remedies : ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ये कहा जाता है कि जिस घर में गृह क्लेश होता है वहां से मां लक्ष्मी रुष्ट हो जाती है और निरंतर ग्रह कलेश होने पर उस घर का त्याग कर देती हैं और इसी कारण उस घर में आर्थिक समस्याएं आने लगती हैं और किसी न किसी बात पर आपसी मतभेद और लड़ाई-झगड़े होते रहते हैं। तो ऐसे में घर में जहाँ निरंतर कलेश होता है वहां शांति बनाए रखने तथा पैसों की तंगी की समस्या दूर करने के लिए आप नीचे दिए गए ज्योतिषीय उपायों को अपना सकता हैं जीवन में क्लेश और धन की कमी दूर करने के ज्योतिष उपाय 7 Astrological Remedies To Remove Trouble And Pooverty In Life यदि आपके घर में क्लेश बना ही रहता है तो प्रातः आपके घर में किसी के भी भोजन कर...
ग्रह के अशुभ होने के संकेत और उसके उपाय Signs of inauspicious planet and its remedies

ग्रह के अशुभ होने के संकेत और उसके उपाय Signs of inauspicious planet and its remedies

ज्योतिष-Astrology, ज्योतिष
ग्रह के अशुभ होने के संकेत और उसके उपाय Signs of inauspicious planet and its remedies ग्रह के अशुभ होने के संकेत और उसके उपाय Signs of inauspicious planet and its remedies : मित्रों ग्रहों का जीवन पर प्रभाव सकरात्मक या नकरात्मक दोनों ही होता है, कुंडली में जब ग्रहों की शुभ स्थिति होती है तो लाभ होता हैं वहीँ ग्रहों का अशुभ स्थिति में होने पर हमें अपने जीवन में अनेक प्रकार की कठिनाइयाँ का सामना करना पड़ता है। जब किसी की कुंडली में कोई ग्रह अशुभ होता है तो उसके व्यवहार में नकरात्मक गुण उत्पन्न हो जाते है और यदि हम उसके व्यवहार पर ध्यान दे तो हमें ये पता चल जाता है कि उस व्यक्ति के जीवन में कौन सा ग्रह अशुभ प्रभाव दे रहा है. ऐसे में यदि हम उस ग्रह से जुड़े उपाय करें तो ग्रहों के बुरे फलों में कमी आती है और हमें अपने परिश्रम का पूरा फल मिलता है तो आइये जान लेते है विभिन्न ग्रहों के नकरा...
सभी 12 राशियों के लिए और राशि के अनुसार शुभ दिशा Auspicious or inauspicious direction for zodiac signs

सभी 12 राशियों के लिए और राशि के अनुसार शुभ दिशा Auspicious or inauspicious direction for zodiac signs

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सभी 12 राशियों के लिए और राशि अनुसार शुभ दिशा Auspicious or inauspicious direction for zodiac signs राशि के अनुसार शुभ दिशा (Auspicious or inauspicious direction for zodiac signs) ज्योतिष में सभी दिशाओं का किसी ना किसी राशि से संबंध होता है अर्थात सभी राशियों की अपनी अपनी दिशा होती है , अब जिस व्यक्ति को जो राशि शुभ होती है उस व्यक्ति के लिए उस राशि से जुड़ी दिशा भी शुभ होती है किसी राशि के लिए कोई दिशा शुभ होती है तो दूसरी राशि के लिए वो ही दिशा अशुभ होती है , ऐसे में ज्योतिष व वास्तु के अनुसार यदि हम अपनी राशि के अनुसार अपने लिए शुभ दिशा को ध्यान में रखकर कोई काम करें तो इससे धन ,आवास , परिवार में सुख , स्वास्थ्य , कॅरियर आदि में लाभ होता है। सभी 12 राशियों के लिए शुभ और अशुभ दिशा वास्तु के नियमों के अनुसार सभी राशियों के लिए शुभ और अशुभ दिशा और उनके अनुसार हमारे काम इस प्रकार होने ...
क्या होता है चौघड़िया मुहूर्त क्या है इसका का महत्त्व importance of Choghadiya Muhurta

क्या होता है चौघड़िया मुहूर्त क्या है इसका का महत्त्व importance of Choghadiya Muhurta

ज्योतिष
क्या होता है चौघड़िया मुहूर्त क्या है इसका का महत्त्व importance of Choghadiya Muhurta भारत के पश्चिमी प्रदेशों में चौघड़िया मुहूर्त (Choghadiya Muhurta) का महत्त्व अधिक है। चौघड़िया मुहूर्त का प्रयोग मुख्य रूप से क्रय विक्रय में किया जाता है। चौघड़िया मुहूर्त सूर्योदय पर निर्भर करता है। इसलिए सभी नगर के लिए ये अलग होता है। किसी भी दिन के दो भाग हैं दिन और रात। इसमें भी सूर्योदय और सूर्यास्त के मध्य के समय दिन की चौघड़िया और सूर्यास्त और अगले दिन सूर्योदय के मध्य के समय रात्रि की चौघड़िया कहलाती है। ज्योतिष शास्त्र में सूर्योदय से सूर्यास्त तथा सूर्यास्त से सूर्योदय के बीच के समय को 30-30 घटी में बांटा गया है। चौघड़िया मुहूर्त (Choghadiya Muhurta) के लिए फिर उसी 30 घटी की समय अवधि को 8 भागों में विभाजित किया गया है। जिसके परिणामस्वरूप दिन और रात के दौरान 8-8 चौघड़िया मुहूर्त बन जाते हैं। ...
Sun in cancer sign-Kark Sankranti 2022 सूर्य कर्क संक्रांति कब है-जाने महत्व,शुभ मुहूर्त,पूजा विधि

Sun in cancer sign-Kark Sankranti 2022 सूर्य कर्क संक्रांति कब है-जाने महत्व,शुभ मुहूर्त,पूजा विधि

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Sun in cancer sign-Kark Sankranti 2022 सूर्य कर्क संक्रांति कब है-जाने महत्व,शुभ मुहूर्त,पूजा विधि Sun in cancer sign-Kark Sankranti 2022 सूर्य कर्क संक्रांति) 16 जुलाई 2022 को सूर्य मिथुन राशि से कर्क राशि में प्रवेश कर जाएंगे। हिंदू धर्म में सूर्य की कर्क संक्रांति का बहुत महत्व है। जब भी सूर्य किसी एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं तो इस घटनाक्रम को सूर्य संक्रांति कहते हैं जब सूर्य मिथुन राशि से आगे बढ़ते हुए कर्क राशि में आते हैं तो उसे सूर्य कर्क संक्रांति कहा जाता है। वर्ष 2022 मे सूर्य कर्क संक्रांति 16 जुलाई दिन शनिवार को है।  सूर्य सभी 12 राशियों में प्रवेश करते हैं, इस प्रकार वर्ष में कुल 12 संक्रांति होती हैं। इनमें मकर और कर्क संक्रांति का विशेष महत्व है। कर्क संक्रांति पर जप-तप ,पूजा-पाठ और दान आदि करना शुभ फलदायक होता । इस दिन की गई पूजा-पाठ से अनेक प्रकार क...
धोखेबाज जीवनसाथी-कुंडली से जाने पत्नी या पति का चरित्र cheating husband or wife by horoscope

धोखेबाज जीवनसाथी-कुंडली से जाने पत्नी या पति का चरित्र cheating husband or wife by horoscope

ज्योतिष
धोखेबाज जीवनसाथी-कुंडली से जाने पत्नी या पति का चरित्र cheating husband or wife by horoscope धोखेबाज जीवनसाथी की कल्पना मात्र से हमारा जीवन निराशा से भर जाता है, पति पत्नी का संबंध 7 जन्मो का माना गया है , लेकिन जब आपके जीवन में ऐसा व्यक्ति आ जाता है जिसके अनैतिक संबंध हों तो हम सभी टूट से जाते हैं विश्वास के आधार पर ही कोई भी संबंध चलता है, वो संबंध चाहे पति पत्नी का हो या मित्रता का, जहाँ विश्वास समाप्त हो जाता है वहां संबंध भी समाप्त ही हो जाता है और यदि चलता भी है तो वो मात्र एक विवशता होती है। हमारे जन्म के बाद विवाह जीवन की दूसरी सबसे बड़ी घटना मानी गयी है। विवाह के बाद जीवन में सब कुछ परिवर्तित जाता है। चाहे वह पुरुष हो या महिला सभी यही चाहते है कि अपने जीवनसाथी का चरित्र बहुत अच्छा चाहता है। अनेक बार ऐसा देखने को मिलता  है कि लोग बहुत ही सोच विचार के विवाह करते हैं लेकिन ...
Saturn Transit 2022: 12 जुलाई को वक्री अवस्था में शनि मकर राशि में-किसको लाभ और किसको हानि

Saturn Transit 2022: 12 जुलाई को वक्री अवस्था में शनि मकर राशि में-किसको लाभ और किसको हानि

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Saturn Transit 2022: 12 जुलाई को वक्री अवस्था में शनि मकर राशि में-किसको लाभ और किसको हानि Saturn Transit 2022: मित्रों 12 जुलाई को वक्री अवस्था में शनि मकर राशि में आ रहे है , शनिदेव के मकर राशि में आने पर किसको लाभ और किसको हानि  होगी ये विस्तार से जानने के लिए आइये पढ़ते है ये पोस्ट - हम सब सभी ग्रहों में सबसे धीमी गति से चलने वाले ग्रह शनि माने गए इस कारण से एक राशि में इनका प्रभाव लंबे समय तक रहता है। शनि प्रति ढाई वर्ष में एक राशि से निकलकर दूसरी राशि में जाते हैं। इस प्रकार किसी एक राशि में पुनः आने के लिए लगभग 30 वर्षों का समय लगता है। शनि अपने गोचर में कभी कभी वक्री हो जाते हैं यानि उल्टी चाल चलने लगते हैं , एक वर्ष में एक बार ये स्थिति अवश्य बनती है। हम सब जानते हैं कि 29 अप्रैल को शनि मकर राशि से निकलकर कुंभ में आये थे और उसके बाद 5 जून को वक्री हो गए और अब 12 जुलाई को लौट...
स्त्री की कुंडली में गुरु 12 houses of Jupiter in females horoscope

स्त्री की कुंडली में गुरु 12 houses of Jupiter in females horoscope

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स्त्री की कुंडली में गुरु 12 houses of Jupiter in females horoscope कुंडली में गुरु सबसे अधिक शुभ ग्रह होते हैं। स्त्री की कुंडली में गुरु का बहुत ही महत्व होता है क्योंकि स्त्री की कुंडली में गुरु उनके ज्ञान के साथ-साथ उनके पति और बच्चों के कारक भी होते हैं। गुरु हम सबको ज्ञान ,सौम्यता , बल, देश और संस्कृति से प्रेम देता और एक शुभ ग्रह है। गुरु धनु और मीन राशि का स्वामी होता है और  कर्क  राशि में उच्च का और मकर राशि में नीच का होता है , स्त्री की कुंडली में गुरु सौभाग्यवर्द्धक तथा संतानकारक ग्रह होते हैं । गुरु शनि की दृष्टि में हो तो विवाह में विलंब कराता है। राहु से संबंध बना रहा हो तो प्रेम विवाह की संभावना बनती है। स्त्री की कुंडली में गुरु 8th भाव में विवाहोपरांत भाग्योदय के साथ सुखी वैवाहिक जीवन देता,   1/5/9/11 भावों में बलवान गुरु शीघ्र विवाह के योग बनाता है लेकिन ये गुर...
मंगल राशि परिवर्तन किस राशि को लाभ किसको हानि mangal rashi parivartan june 2022 Loss & Gain

मंगल राशि परिवर्तन किस राशि को लाभ किसको हानि mangal rashi parivartan june 2022 Loss & Gain

ज्योतिष
मंगल राशि परिवर्तन किस राशि को लाभ किसको हानि mangal rashi parivartan june 2022 Loss & Gain मंगल राशि परिवर्तन mangal rashi parivartan june 2022 : ज्योतिष में मंगल ग्रह को सभी ग्रहों का सेनापति कहा जाता है। मंगल के शुभ होने पर व्यक्ति उर्जा से भरपूर और शक्तिशाली अनुभव करता है और साथ ही मंगल को भूमि,साहस, पराक्रम, शौर्य का कारक ग्रह माना गया है , मंगल अच्छा होने पर भाग्योदय शीघ्र हो जाता है, वहीं मंगल के अशुभ होने पर व्यक्ति को अनेक प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। मंगल ग्रह मेष और वृश्चिक राशि का स्वामी है। ये मकर राशि में उच्च होता है और कर्क राशि में नीच का होता है। 27 जून को मंगल अपनी स्वराशि मेष में आकर मेष राशि वालो की निर्बलता दूर करेंगे । 27 जून के 5 दिन बाद 2 जुलाई को बुध स्वराशि मिथुन राशि में आ जायेंगे । मंगल राशि परिवर्तन से किस राशि को लाभ होगा mangal r...
mangal chandika stotra श्रीमंगल चंडिका स्त्रोत के लाभ

mangal chandika stotra श्रीमंगल चंडिका स्त्रोत के लाभ

पूजा पाठ Pooja Path, उपाय-टोटके Upay Totke
mangal chandika stotra श्रीमंगल चंडिका स्त्रोत के लाभ mangal chandika stotra : श्रीमंगल चंडिका स्त्रोत के लाभ यदि आप पाना चाहते तो स्तोत्र का पाठ मंगलवार दिन से आरंभ करें , श्री मंगल चंडिका स्तोत्रम् का वर्णन ब्रह्मवार्ता पुराण में मिलता है , ये अत्यंत चमत्कारिक है , श्री मंगल चंडिका स्तोत्रम् संस्कृत भाषा में लिखा है . मंगल चंडिका स्तोत्रम् का जाप करने से सभी इच्छाये पूरी हो जाती हैं  श्री मंगल चंडिका स्तोत्रम् का जो व्यक्ति नियमित रूप से जाप करता हैं उसे धन, व्यापार, गृह-कलेश आदि समस्या नही होती है ! जिस भी जातक का विवाह में कठिनाई आ रही हो तो उसे श्री मंगल चंडिका स्तोत्रम् का नियमित जाप करना चाहिए इससे उसके विवाह में आ रही कठिनाई दूर हो जाती हैं mangal chandika stotra श्री मंगल चंडिका स्तोत्रम् *।। श्री मंगलचंडिकास्तोत्रम् ।।* ** ध्यान ** “ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं सर्वपूज्ये देवी...
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