12 jyotirlinga

वैद्यनाथ धाम,देवघर,झारखण्ड-जहाँ हुई रावण से भूल

झारखंड राज्य में देवघर जिले में शिव जी के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक प्रभु बैद्यनाथ विराजित है|बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग शिव जी पुराणकालीन मन्दिर है। ऐसा माना जाता है की यहाँ पर आने वालों की सारी मनोकामनाएँ पूर्ण हो जाती हैं|

रामेश्वरम-प्रभु राम द्वारा स्थापित rameshwaram jyotirlinga know about a2z

रामेश्वरम् में है इस रामनाथस्वामी ज्योर्तिलिंग को प्रभु राम ने लंका पर विजय प्राप्ति की कामना से उस समय बनाया था , जब श्रीराम लंका के राजा रावण से युद्ध करने की तैयारी कर रहे थे।तमिलनाडु राज्य के रामनाथपुरम जनपद में 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक और चारों धाम में से एक धाम है रामेश्वरम…

प्रभु नागेश्वर मंदिर,द्वारिका,गुजरात

प्रभु नागेश्वर नागों के ईश्वर है इसलिए यह मंदिर विष और विष से संबंधित रोगों से मुक्ति के लिए प्रसिद्ध है। नागेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर परिसर में भगवान शिव की ध्यान मुद्रा में एक बड़ी ही मनमोहक विशाल प्रतिमा है जिसकी कारण यह मंदिर बहुत दूर से ही दिखाई देने लगता है

घुश्मेश्वर(घृष्णेश्वर)मन्दिर,महराष्ट्र

शिवपुराण में घुश्मेश्वर महादेव का वर्णन मिलता है,जिन दम्पतियों को अनेक स्थानों पर उपचार कराने के बाद और अनेक वर्षों के बाद भी जब संतान नही होती है , तो प्रभु घुश्मेश्वर के पूजन से और प्रभु की कृपा से उनको भी संतान प्राप्त हो जाती है |

मल्लिकार्जुन श्रीशैलम | mallikarjuna srisailam

शिव पुराण में भगवान मल्लिकार्जुन का जो वर्णन है उसके अनुसार मल्लिका माँ पार्वती है और भगवान  शिव ही अर्जुन है और जो भी इनका पूजन करता है उसे अश्वमेघ यज्ञ का फल मिलता है…

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