पश्चिम भारत के तीर्थ

पुष्कर-ब्रह्मा जी की तपस्थली-पांचवा धाम 

कार्तिक माह की पूर्णिमा को यहाँ पांच दिवसीय मेला लगता है | उस समय पुष्कर झील में बड़ी संख्या में तीर्थयात्री स्नान करते है | इस मेले में राजस्थानी परिधान में  राजस्थानी संस्कृति का मनभावन प्रदर्शन होता है…

प्रभु नागेश्वर मंदिर,द्वारिका,गुजरात

प्रभु नागेश्वर नागों के ईश्वर है इसलिए यह मंदिर विष और विष से संबंधित रोगों से मुक्ति के लिए प्रसिद्ध है। नागेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर परिसर में भगवान शिव की ध्यान मुद्रा में एक बड़ी ही मनमोहक विशाल प्रतिमा है जिसकी कारण यह मंदिर बहुत दूर से ही दिखाई देने लगता है

प्रभु द्वारिकाधीश धाम

गुजरात के जामनगर जनपद में गोमती नदी जिसे गोदावरी के नाम से भी जाना जाता है के तट पर स्थित है , प्रभु श्री कृष्णा की नगरी द्वारका | देवता विश्वकर्मा ने एक ही रात में इस भव्य नगरी का निर्माण कर दिया था |

घुश्मेश्वर(घृष्णेश्वर)मन्दिर,महराष्ट्र

शिवपुराण में घुश्मेश्वर महादेव का वर्णन मिलता है,जिन दम्पतियों को अनेक स्थानों पर उपचार कराने के बाद और अनेक वर्षों के बाद भी जब संतान नही होती है , तो प्रभु घुश्मेश्वर के पूजन से और प्रभु की कृपा से उनको भी संतान प्राप्त हो जाती है |

त्रम्बकेश्वर मंदिर || trimbakeshwar mandir

जब भी बृहस्पति ग्रह 12 राशियों का भ्रमण करते हुए सिंह राशि में आते है तो यहां बड़ा कुंभ मेला लगता है जिसमे देश विदेश से तीर्थयात्री पुण्यलाभ कमाने आते है…

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