Thursday, August 18
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ग्रह के अशुभ होने के संकेत और उसके उपाय Signs of inauspicious planet and its remedies

ग्रह के अशुभ होने के संकेत और उसके उपाय Signs of inauspicious planet and its remedies

ज्योतिष-Astrology, ज्योतिष
ग्रह के अशुभ होने के संकेत और उसके उपाय Signs of inauspicious planet and its remedies ग्रह के अशुभ होने के संकेत और उसके उपाय Signs of inauspicious planet and its remedies : मित्रों ग्रहों का जीवन पर प्रभाव सकरात्मक या नकरात्मक दोनों ही होता है, कुंडली में जब ग्रहों की शुभ स्थिति होती है तो लाभ होता हैं वहीँ ग्रहों का अशुभ स्थिति में होने पर हमें अपने जीवन में अनेक प्रकार की कठिनाइयाँ का सामना करना पड़ता है। जब किसी की कुंडली में कोई ग्रह अशुभ होता है तो उसके व्यवहार में नकरात्मक गुण उत्पन्न हो जाते है और यदि हम उसके व्यवहार पर ध्यान दे तो हमें ये पता चल जाता है कि उस व्यक्ति के जीवन में कौन सा ग्रह अशुभ प्रभाव दे रहा है. ऐसे में यदि हम उस ग्रह से जुड़े उपाय करें तो ग्रहों के बुरे फलों में कमी आती है और हमें अपने परिश्रम का पूरा फल मिलता है तो आइये जान लेते है विभिन्न ग्रहों के नकरा...
क्या होता है चौघड़िया मुहूर्त क्या है इसका का महत्त्व importance of Choghadiya Muhurta

क्या होता है चौघड़िया मुहूर्त क्या है इसका का महत्त्व importance of Choghadiya Muhurta

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क्या होता है चौघड़िया मुहूर्त क्या है इसका का महत्त्व importance of Choghadiya Muhurta भारत के पश्चिमी प्रदेशों में चौघड़िया मुहूर्त (Choghadiya Muhurta) का महत्त्व अधिक है। चौघड़िया मुहूर्त का प्रयोग मुख्य रूप से क्रय विक्रय में किया जाता है। चौघड़िया मुहूर्त सूर्योदय पर निर्भर करता है। इसलिए सभी नगर के लिए ये अलग होता है। किसी भी दिन के दो भाग हैं दिन और रात। इसमें भी सूर्योदय और सूर्यास्त के मध्य के समय दिन की चौघड़िया और सूर्यास्त और अगले दिन सूर्योदय के मध्य के समय रात्रि की चौघड़िया कहलाती है। ज्योतिष शास्त्र में सूर्योदय से सूर्यास्त तथा सूर्यास्त से सूर्योदय के बीच के समय को 30-30 घटी में बांटा गया है। चौघड़िया मुहूर्त (Choghadiya Muhurta) के लिए फिर उसी 30 घटी की समय अवधि को 8 भागों में विभाजित किया गया है। जिसके परिणामस्वरूप दिन और रात के दौरान 8-8 चौघड़िया मुहूर्त बन जाते हैं। ...
Sun in cancer sign-Kark Sankranti 2022 सूर्य कर्क संक्रांति कब है-जाने महत्व,शुभ मुहूर्त,पूजा विधि

Sun in cancer sign-Kark Sankranti 2022 सूर्य कर्क संक्रांति कब है-जाने महत्व,शुभ मुहूर्त,पूजा विधि

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Sun in cancer sign-Kark Sankranti 2022 सूर्य कर्क संक्रांति कब है-जाने महत्व,शुभ मुहूर्त,पूजा विधि Sun in cancer sign-Kark Sankranti 2022 सूर्य कर्क संक्रांति) 16 जुलाई 2022 को सूर्य मिथुन राशि से कर्क राशि में प्रवेश कर जाएंगे। हिंदू धर्म में सूर्य की कर्क संक्रांति का बहुत महत्व है। जब भी सूर्य किसी एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं तो इस घटनाक्रम को सूर्य संक्रांति कहते हैं जब सूर्य मिथुन राशि से आगे बढ़ते हुए कर्क राशि में आते हैं तो उसे सूर्य कर्क संक्रांति कहा जाता है। वर्ष 2022 मे सूर्य कर्क संक्रांति 16 जुलाई दिन शनिवार को है।  सूर्य सभी 12 राशियों में प्रवेश करते हैं, इस प्रकार वर्ष में कुल 12 संक्रांति होती हैं। इनमें मकर और कर्क संक्रांति का विशेष महत्व है। कर्क संक्रांति पर जप-तप ,पूजा-पाठ और दान आदि करना शुभ फलदायक होता । इस दिन की गई पूजा-पाठ से अनेक प्रकार क...
धोखेबाज जीवनसाथी-कुंडली से जाने पत्नी या पति का चरित्र cheating husband or wife by horoscope

धोखेबाज जीवनसाथी-कुंडली से जाने पत्नी या पति का चरित्र cheating husband or wife by horoscope

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धोखेबाज जीवनसाथी-कुंडली से जाने पत्नी या पति का चरित्र cheating husband or wife by horoscope धोखेबाज जीवनसाथी की कल्पना मात्र से हमारा जीवन निराशा से भर जाता है, पति पत्नी का संबंध 7 जन्मो का माना गया है , लेकिन जब आपके जीवन में ऐसा व्यक्ति आ जाता है जिसके अनैतिक संबंध हों तो हम सभी टूट से जाते हैं विश्वास के आधार पर ही कोई भी संबंध चलता है, वो संबंध चाहे पति पत्नी का हो या मित्रता का, जहाँ विश्वास समाप्त हो जाता है वहां संबंध भी समाप्त ही हो जाता है और यदि चलता भी है तो वो मात्र एक विवशता होती है। हमारे जन्म के बाद विवाह जीवन की दूसरी सबसे बड़ी घटना मानी गयी है। विवाह के बाद जीवन में सब कुछ परिवर्तित जाता है। चाहे वह पुरुष हो या महिला सभी यही चाहते है कि अपने जीवनसाथी का चरित्र बहुत अच्छा चाहता है। अनेक बार ऐसा देखने को मिलता  है कि लोग बहुत ही सोच विचार के विवाह करते हैं लेकिन ...
Saturn Transit 2022: 12 जुलाई को वक्री अवस्था में शनि मकर राशि में-किसको लाभ और किसको हानि

Saturn Transit 2022: 12 जुलाई को वक्री अवस्था में शनि मकर राशि में-किसको लाभ और किसको हानि

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Saturn Transit 2022: 12 जुलाई को वक्री अवस्था में शनि मकर राशि में-किसको लाभ और किसको हानि Saturn Transit 2022: मित्रों 12 जुलाई को वक्री अवस्था में शनि मकर राशि में आ रहे है , शनिदेव के मकर राशि में आने पर किसको लाभ और किसको हानि  होगी ये विस्तार से जानने के लिए आइये पढ़ते है ये पोस्ट - हम सब सभी ग्रहों में सबसे धीमी गति से चलने वाले ग्रह शनि माने गए इस कारण से एक राशि में इनका प्रभाव लंबे समय तक रहता है। शनि प्रति ढाई वर्ष में एक राशि से निकलकर दूसरी राशि में जाते हैं। इस प्रकार किसी एक राशि में पुनः आने के लिए लगभग 30 वर्षों का समय लगता है। शनि अपने गोचर में कभी कभी वक्री हो जाते हैं यानि उल्टी चाल चलने लगते हैं , एक वर्ष में एक बार ये स्थिति अवश्य बनती है। हम सब जानते हैं कि 29 अप्रैल को शनि मकर राशि से निकलकर कुंभ में आये थे और उसके बाद 5 जून को वक्री हो गए और अब 12 जुलाई को लौट...
स्त्री की कुंडली में गुरु 12 houses of Jupiter in females horoscope

स्त्री की कुंडली में गुरु 12 houses of Jupiter in females horoscope

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स्त्री की कुंडली में गुरु 12 houses of Jupiter in females horoscope कुंडली में गुरु सबसे अधिक शुभ ग्रह होते हैं। स्त्री की कुंडली में गुरु का बहुत ही महत्व होता है क्योंकि स्त्री की कुंडली में गुरु उनके ज्ञान के साथ-साथ उनके पति और बच्चों के कारक भी होते हैं। गुरु हम सबको ज्ञान ,सौम्यता , बल, देश और संस्कृति से प्रेम देता और एक शुभ ग्रह है। गुरु धनु और मीन राशि का स्वामी होता है और  कर्क  राशि में उच्च का और मकर राशि में नीच का होता है , स्त्री की कुंडली में गुरु सौभाग्यवर्द्धक तथा संतानकारक ग्रह होते हैं । गुरु शनि की दृष्टि में हो तो विवाह में विलंब कराता है। राहु से संबंध बना रहा हो तो प्रेम विवाह की संभावना बनती है। स्त्री की कुंडली में गुरु 8th भाव में विवाहोपरांत भाग्योदय के साथ सुखी वैवाहिक जीवन देता,   1/5/9/11 भावों में बलवान गुरु शीघ्र विवाह के योग बनाता है लेकिन ये गुर...
मंगल राशि परिवर्तन किस राशि को लाभ किसको हानि mangal rashi parivartan june 2022 Loss & Gain

मंगल राशि परिवर्तन किस राशि को लाभ किसको हानि mangal rashi parivartan june 2022 Loss & Gain

ज्योतिष
मंगल राशि परिवर्तन किस राशि को लाभ किसको हानि mangal rashi parivartan june 2022 Loss & Gain मंगल राशि परिवर्तन mangal rashi parivartan june 2022 : ज्योतिष में मंगल ग्रह को सभी ग्रहों का सेनापति कहा जाता है। मंगल के शुभ होने पर व्यक्ति उर्जा से भरपूर और शक्तिशाली अनुभव करता है और साथ ही मंगल को भूमि,साहस, पराक्रम, शौर्य का कारक ग्रह माना गया है , मंगल अच्छा होने पर भाग्योदय शीघ्र हो जाता है, वहीं मंगल के अशुभ होने पर व्यक्ति को अनेक प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। मंगल ग्रह मेष और वृश्चिक राशि का स्वामी है। ये मकर राशि में उच्च होता है और कर्क राशि में नीच का होता है। 27 जून को मंगल अपनी स्वराशि मेष में आकर मेष राशि वालो की निर्बलता दूर करेंगे । 27 जून के 5 दिन बाद 2 जुलाई को बुध स्वराशि मिथुन राशि में आ जायेंगे । मंगल राशि परिवर्तन से किस राशि को लाभ होगा mangal r...
अशुभ मंगल के उपाय -13 Remedies for malefic mars

अशुभ मंगल के उपाय -13 Remedies for malefic mars

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अशुभ मंगल के उपाय -13 Remedies for malefic mars 13 Remedies for malefic mars : साथियों अपनी इस पोस्ट "अशुभ मंगल के उपाय Remedies for malefic mars " में हम आपको बता रहे है कि जब मंगल अशुभ हो जाये तो क्या करें , मंगल हमारी ऊर्जा का कारक है , मंगल हमारे शरीर में शक्ति , उर्जा और मन में साहस और निडरता देता है और साथ ही हमें अच्छा स्वास्थ्य और शरीर प्रदान करता है , मंगल की स्थिति से हम अपने जीवन में अपने भाइयों की स्थिति , उनका व्यवहार और उनसे लाभ और हानि को समझ सकते है आइये जानते हैं अशुभ मंगल के उपाय 13 Remedies for malefic mars 1--> मंगल के द्वारा जीवन में अशांति आ रही हो तो किसी भी शुक्ल पक्ष के मंगलवार से प्रारंभ करके लाल वस्त्र पहनकर कुशा के आसन पर बैठकर प्रभु हनुमान जी की मूर्ती के सामने  हनुमान जी को लाल आसन पर बैठकर लाल चंदन या रोली का टीका लगा और गाय का शुद्ध घी का दीपक प...
कुंडली में मंगल की स्थिति,Auspicious & Malefic Mars in Hindi Astrology

कुंडली में मंगल की स्थिति,Auspicious & Malefic Mars in Hindi Astrology

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कुंडली में मंगल की स्थिति,Auspicious & Malefic Mars in Hindi Astrology साथियों हमारी कुंडली में मंगल की स्थिति और मंगल के उपाय जानने से पहले हमें ये अवश्य ही जानना चाहिए कि हमारे जीवन में मंगल ग्रह क्या देता है , मंगल हमारी ऊर्जा का कारक है , मंगल हमारे शरीर में शक्ति , उर्जा और मन में साहस और निडरता देता है और साथ ही हमें अच्छा स्वास्थ्य और शरीर प्रदान करता है , मंगल की स्थिति से हम अपने जीवन में अपने भाइयों की स्थिति , उनका व्यवहार और उनसे लाभ और हानि को समझ सकते है कुंडली मे मंगल की विभिन्न भावों मे स्थिति हमारे जीवन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कुंडली में मंगल की अच्छी स्थिति जीवन में सफलता देती है वहीं कुंडली मे निर्बल मंगल या पाप ग्रहों से ग्रसित मंगल हमारे जीवन से सभी सुख छीन भी लेती हैं आइये जानते हैं कुंडली में मंगल की शुभ स्थिति (Auspicious Mars in Hindi Astr...
क्या है आपकी कुंडली में विदेश यात्रा का योग 21 foreign travel yoga in horoscope

क्या है आपकी कुंडली में विदेश यात्रा का योग 21 foreign travel yoga in horoscope

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क्या है आपकी कुंडली में विदेश यात्रा का योग 21 foreign travel yoga in horoscope साथियों आज के समय में यदि आपकी कुंडली में विदेश यात्रा का योग है तो आपकी कुंडली एक भाग्यशाली कुंडली मानी जायेगी क्योंकि आज के समय में विदेश यात्रा हमारे जीवन में नए अवसर और उन्नति लाती है। हममें से अधिकांश की इच्छा होती है कि कम से कम एक बार तो विदेश यात्रा हो जाती ।कई लोग विदेश यात्रा या विदेश में बसने का स्वप्न देखते हैं. वैसे भाग्य वालों को ही विदेश यात्रा का सुख मिलता है. जिसकी कुंडली में विदेश यात्रा का योग होता है उसे कभी न कभी किसी कारण से विदेश जाने का अवसर मिल ही जाता है. वैसे विदेश यात्रा या विदेश में बसना हमारे हाथ में नहीं होता है। क्योंकि जब तक आपकी कुंडली में विदेश यात्रा के योग नहीं होंगे तब तक आप विदेश यात्रा नही कर पायेंगे । आइए जानते हैं कि आपकी कुंडली में विदेश यात्रा का योग है या न...
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