सुगंध द्वारा ग्रह शांति उपाय ज्योतिष में ग्रह दोष निवारण

सुगंध द्वारा ग्रह शांति कैसे करें – ज्योतिष में ग्रह दोष निवारण के लिए 9 Planets & their fragrance

सुगंध द्वारा ग्रह शांति कैसे करें –ज्योतिष में ग्रह दोष निवारण का सरल और प्रभावी उपाय

भारतीय वैदिक ज्योतिष केवल भविष्य कथन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह जीवन को संतुलित, शांत और सकारात्मक दिशा देने का विज्ञान है। प्रत्येक ग्रह की अपनी विशिष्ट ऊर्जा, तरंग और कंपन होते हैं। जब कुंडली में कोई ग्रह निर्बल, पाप ग्रहों से पीड़ित या अशुभ भावों में स्थित होता है, तो उसका प्रभाव मानसिक तनाव, पारिवारिक अशांति, करियर में रुकावट, स्वास्थ्य समस्याओं और निर्णय क्षमता में भ्रम के रूप में दिखाई देता है।

सुगंध द्वारा ग्रह शांति उपाय ज्योतिष में ग्रह दोष निवारण

Photo by Laura Chouette on Unsplash

शास्त्रों में ग्रहों की शांति के लिए मंत्र जाप, दान, पूजा, उपवास, रत्न धारण और यज्ञ जैसे अनेक उपाय बताए गए हैं। इन्हीं उपायों में एक सरल, सहज और कम खर्चीला उपाय है – सुगंध द्वारा ग्रह शांति

सुगंध सीधे हमारे अवचेतन मन, तंत्रिका तंत्र और वातावरण पर प्रभाव डालती है। आयुर्वेद और सुगंध चिकित्सा के अनुसार कुछ विशिष्ट सुगंधें मानसिक तरंगों को संतुलित करती हैं और ग्रहों की नकारात्मक ऊर्जा को शांत करने में सहायक होती हैं। नियमित रूप से सही सुगंध का प्रयोग करने से व्यक्ति के विचार, व्यवहार और निर्णयों में सकारात्मक परिवर्तन आने लगता है।

सूर्य ग्रह के लिए सुगंध उपाय

सूर्य आत्मा, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, सम्मान, पद-प्रतिष्ठा और पिता का कारक ग्रह है। कुंडली में सूर्य कमजोर होने पर व्यक्ति निर्णय लेने में झिझकता है, आत्मसम्मान में कमी महसूस करता है और सरकारी कार्यों में बाधा आती है। सुगंध द्वारा ग्रह शांति मे गुलाब का इत्र बहुत ही काम आने वाला उपाय है

उपयुक्त सुगंध:
केसर, गुलाब

कैसे प्रयोग करें:
सुबह स्नान के बाद केसर या गुलाब की सुगंध वाला इत्र या धूप प्रयोग करें। कार्यस्थल पर हल्की सुगंध रखने से आत्मबल और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।

चंद्र ग्रह के लिए सुगंध उपाय

चंद्र मन, भावनाओं, माता, मानसिक शांति और स्मृति का कारक ग्रह है। चंद्र के निर्बल होने पर व्यक्ति भावनात्मक रूप से अस्थिर, चिंतित और नींद से परेशान रहता है।

उपयुक्त सुगंध:
चमेली, रातरानी

कैसे प्रयोग करें:
रात को सोने से पहले कमरे में हल्की सुगंध करें। ध्यान या प्रार्थना के समय इन सुगंधों का प्रयोग मानसिक शांति प्रदान करता है।

मंगल ग्रह के लिए सुगंध उपाय

मंगल साहस, ऊर्जा, रक्त, भूमि, क्रोध और पराक्रम का कारक है। मंगल के अशुभ प्रभाव से व्यक्ति चिड़चिड़ा, आक्रामक और दुर्घटनाओं की ओर प्रवृत्त हो सकता है। सुगंध द्वारा ग्रह शांति मे लाल चंदन की धूप या इत्र बहुत लोगों का अपनाया हुआ उपाय है।

उपयुक्त सुगंध:
लाल चंदन

कैसे प्रयोग करें:
ध्यान के समय या मंगलवार को लाल चंदन की धूप या इत्र का प्रयोग करें। इससे क्रोध पर नियंत्रण और ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग संभव होता है।

बुध ग्रह के लिए सुगंध उपाय

बुध बुद्धि, वाणी, व्यापार, संचार और तर्क शक्ति का प्रतिनिधित्व करता है। बुध कमजोर होने पर पढ़ाई में ध्यान नहीं लगता, व्यापारिक निर्णय गलत हो सकते हैं और वाणी कठोर हो जाती है।

उपयुक्त सुगंध:
चंपा

कैसे प्रयोग करें:
अध्ययन या ऑफिस कार्य करते समय चंपा की हल्की सुगंध बुद्धि को स्थिरता प्रदान करती है।

गुरु ग्रह के लिए सुगंध उपाय

गुरु ज्ञान, धर्म, भाग्य, संतान और जीवन मार्गदर्शन का ग्रह है। गुरु निर्बल होने पर व्यक्ति सही मार्ग नहीं चुन पाता और भाग्य का सहयोग कम महसूस करता है। सुगंध द्वारा ग्रह शांति मे पीले फूलों की सुगंध या चंदन, केसर, केवड़ा की खुशबू अच्छा लाभ देती है।

उपयुक्त सुगंध:
चंदन, केसर, केवड़ा, पीले फूलों की सुगंध

कैसे प्रयोग करें:
गुरुवार को पूजा स्थल पर इन सुगंधों का प्रयोग करने से सकारात्मकता बढ़ती है।

शुक्र ग्रह के लिए सुगंध उपाय

शुक्र प्रेम, वैवाहिक सुख, सौंदर्य, कला और भौतिक सुखों का कारक ग्रह है। शुक्र अशुभ होने पर दांपत्य जीवन में दूरी, आकर्षण की कमी और भोग-विलास में असंतुलन आता है।

उपयुक्त सुगंध:
सफेद फूल, चंदन, कपूर

कैसे प्रयोग करें:
शुक्रवार को स्नान के बाद इन सुगंधों का प्रयोग वैवाहिक जीवन में मधुरता बढ़ाता है।

शनि ग्रह के लिए सुगंध उपाय

शनि कर्म, अनुशासन, संघर्ष और न्याय का ग्रह है। शनि के कुप्रभाव से जीवन में देरी, रुकावट और मानसिक दबाव बढ़ जाता है।

उपयुक्त सुगंध:
कस्तूरी, लौंग, गुग्गुल, सौंफ

कैसे प्रयोग करें:
शनिवार को घर में गुग्गुल या लौंग की धूप करने से वातावरण शुद्ध होता है।

राहु और केतु के लिए सुगंध उपाय

राहु-केतु भ्रम, भय और अचानक घटनाओं के कारक माने जाते हैं। इनके अशुभ प्रभाव से मानसिक अस्थिरता और अनिश्चितता बढ़ती है।

उपयुक्त उपाय:
गाय के घी का दीपक, कपूर, गुग्गुल

कैसे प्रयोग करें:
प्रतिदिन संध्या समय कपूर जलाकर घर में घुमाएं।

सुगंध उपाय करते समय ध्यान रखने योग्य बातें

  • सुगंध प्राकृतिक हो
  • नियमितता रखें
  • श्रद्धा और संयम के साथ उपाय करें
  • अत्यधिक सुगंध से बचें
  • मंत्र जप के साथ प्रयोग करने पर प्रभाव बढ़ता है

निष्कर्ष

सुगंध द्वारा ग्रह शांति एक सरल, सात्त्विक और दीर्घकालिक प्रभाव देने वाला उपाय है। यह उपाय धीरे-धीरे मन, वातावरण और ग्रहों की ऊर्जा को संतुलित करता है। नियमित अभ्यास से व्यक्ति के जीवन में मानसिक शांति, निर्णय क्षमता और सकारात्मकता बढ़ती है।

FAQ Section

Q1. क्या सुगंध द्वारा ग्रह शांति सच में संभव हैं?
हाँ, सुगंध मन और वातावरण को सकारात्मक बनाती है जिससे ग्रहों के अशुभ प्रभाव धीरे-धीरे कम होते हैं।

Q2. कितने दिनों तक सुगंध उपाय करना चाहिए?
कम से कम 40 दिनों तक नियमित रूप से करें।

Q3. क्या यह उपाय मंत्र जप के साथ करने चाहिए?
मंत्र जप के साथ करने से प्रभाव और अधिक बढ़ जाता है।

Q4. क्या सभी ग्रहों की सुगंध एक साथ प्रयोग कर सकते हैं?
एक समय पर 1–2 ग्रहों के उपाय ही करें।

Remark  :

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