कुंडली मे ग्रहों के योग और उनके ज्योतिषीय नाम | A 2 Z Astrological Knowledge
कुंडली मे ग्रहों के योग और उनके ज्योतिषीय नाम A 2 Z Astrological Knowledge
कुंडली मे ग्रहों के योग और उनके ज्योतिषीय नाम ज्योतिष शास्त्र का वह हिस्सा हैं, जो किसी व्यक्ति के जीवन की दिशा और दशा को स्पष्ट करते हैं। जब हम अपनी कुंडली देखते हैं, तो केवल ग्रहों की स्थिति ही नहीं, बल्कि उनके आपसी संबंधों से बनने वाले योग
कुंडली मे ग्रहों के योग और उनके ज्योतिषीय नाम को समझना साधारण भाषा में जीवन की संभावनाओं को पढ़ना है। जब दो या अधिक ग्रह विशेष भावों में मिलते हैं या एक-दूसरे को दृष्टि देते हैं, तब एक विशेष योग बनता है। ये योग व्यक्ति के स्वभाव, सोच और कर्म को गहराई से प्रभावित करते हैं।

आइए जानते हैं
कुंडली मे ग्रहों के योग और उनके ज्योतिषीय नाम
सबसे प्रसिद्ध योगों में से एक है राजयोग। कुंडली मे ग्रहों के योग और उनके ज्योतिषीय नाम में राजयोग को विशेष स्थान प्राप्त है। जब केंद्र और त्रिकोण के स्वामी ग्रह आपस में संबंध बनाते हैं, तब यह योग बनता है। ऐसा योग व्यक्ति को मान-सम्मान, पद और प्रभाव प्रदान करता है, बशर्ते ग्रह शुभ स्थिति में हों।
इसी तरह धन योग भी कुंडली मे ग्रहों के योग और उनके ज्योतिषीय नाम का महत्वपूर्ण भाग है। यह योग मुख्यतः द्वितीय, पंचम और एकादश भाव के संबंध से बनता है। धन योग यह दर्शाता है कि व्यक्ति धन अर्जन कैसे करेगा, पैसा टिकेगा या नहीं, और आर्थिक स्थिरता कैसी रहेगी।
कुछ योग संघर्ष भी दर्शाते हैं। उदाहरण के लिए दरिद्र योग। कुंडली मे ग्रहों के योग और उनके ज्योतिषीय नाम में यह योग तब बनता है जब लाभ और धन भाव के स्वामी कमजोर हों या पाप ग्रहों से पीड़ित हों। इसका अर्थ यह नहीं कि व्यक्ति जीवनभर गरीब रहेगा, बल्कि यह संघर्ष और मेहनत का संकेत देता है।
गजकेसरी योग भी अत्यंत चर्चित योग है। जब गुरु और चंद्रमा केंद्र भावों में हों, तब यह योग बनता है। कुंडली मे ग्रहों के योग और उनके ज्योतिषीय नाम में गजकेसरी योग बुद्धिमत्ता, सम्मान और समाज में प्रतिष्ठा देता है। यह योग व्यक्ति को सलाहकार, शिक्षक या मार्गदर्शक बना सकता है।
कुछ योग आध्यात्मिक प्रवृत्ति भी दर्शाते हैं। जैसे संन्यास योग। कुंडली मे ग्रहों के योग और उनके ज्योतिषीय नाम में यह योग तब बनता है जब चार या अधिक ग्रह एक ही राशि में हों। ऐसा व्यक्ति सांसारिक जीवन से हटकर आध्यात्मिक या सेवा के मार्ग पर चल सकता है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि कुंडली मे ग्रहों के योग और उनके ज्योतिषीय नाम को अकेले नहीं देखना चाहिए। योग फल तभी देता है जब उसकी दशा, अंतर्दशा और गोचर सहयोगी हों। कई बार एक शक्तिशाली योग जीवन में देर से फल देता है, लेकिन उसका प्रभाव स्थायी होता है।
आज के समय में लोग कुंडली मे ग्रहों के योग और उनके ज्योतिषीय नाम जानकर भविष्य को लेकर उत्सुक रहते हैं। सही मार्गदर्शन से यह योग जीवन में आत्मविश्वास और दिशा दोनों प्रदान करते हैं। यही कारण है कि योगों की सही व्याख्या जीवन को बेहतर समझने की कुंजी बन जाती है।
साथियों हमें आशा है कि आपको ये पोस्ट “कुंडली मे ग्रहों के योग और उनके ज्योतिषीय नाम | A 2 Z Astrological Knowledge” पसंद आई होगी , यदि हाँ तो इसे अपने जानने वालों में share करें। ,
बहुत ही कम शुल्क पर कुंडली विश्लेषण के लिए हमारे WhatsApp number 8533087800 पर संपर्क कर सकते हैं ,
FAQ
प्रश्न: कुंडली मे ग्रहों के योग कितने प्रकार के होते हैं?
उत्तर: कुंडली मे ग्रहों के योग मुख्यतः राजयोग, धनयोग, अरिष्ट योग, संन्यास योग और विशेष योगों में बांटे जाते हैं।
प्रश्न: क्या हर योग फल देता है?
उत्तर: नहीं, योग तभी फल देता है जब उसकी दशा, अंतर्दशा और गोचर अनुकूल हों।
प्रश्न: क्या एक कुंडली में कई योग हो सकते हैं?
उत्तर: हाँ, एक ही कुंडली में अनेक शुभ और अशुभ योग हो सकते हैं।
ये भी पढ़ें : गर्भ रक्षा के लिए मंत्र के प्रयोग से करे गर्भ की रक्षा Protecting baby in the womb by Shabra Mantra
ये भी पढ़ें :सभी 9 ग्रहों के लाल किताब के अचूक उपाय Lal Kitab perfect remedies for all planets
ये भी पढ़ें : बलहीन ग्रहों को बलवान कैसे करें how to strengthen weak planets-ग्रहों को बलवान करने के 10 उपाय
ये भी पढ़ें :Vyapar vridhi mantra – व्यापार वृद्धि मंत्र – 2 शाबर मंत्र जिनसे ग्राहक खिंचे चले आएंगे
ये भी पढ़ें : जीवन में क्लेश और धन की कमी दूर करने के ज्योतिष उपाय 7 Astrological Remedies To Remove Trouble And Pooverty In Life
ये भी पढ़े : पुरुष और स्त्री की कुंडली में अवैध संबंध के योग 21 extramarital affairs conditions
आप पढ़ रहे थे : कुंडली मे ग्रहों के योग और उनके ज्योतिषीय नाम | A 2 Z Astrological Knowledge
**********************************
**********************************





