राम मंदिर निर्माण ट्रस्ट के सदस्य

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राम मंदिर निर्माण ट्रस्ट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर ट्रस्ट बनाने का घोषणा की। गृहमंत्री अमित शाह ने इस संदर्भ में बताया कि इस ट्रस्ट में एक दलित समाज का सदस्य होगा और कुल 15 ट्रस्टी होंगे ।

इस ट्रस्ट में निर्मोही अखाड़े को भी स्थान दिया गया है, लेकिन अखाड़े के महंत दिनेंद्र दास को ट्रस्ट की मीटिंग में वोटिंग का अधिकार प्राप्त नहीं होगा।

 

राम मंदिर निर्माण ट्रस्ट के सदस्य :-

के. परासरण

जोकि सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील हैं। परासरण अयोध्या मामले में नौ सालों तक हिंदू पक्ष की पैरवी की थी। इंदिरा गांधी और राजीव गांधी सरकार में अटॉर्नी जनरल रहे। पद्म भूषण और पद्म विभूषण से सम्मानित हो चुके हैं।

जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वतीजी महाराज (प्रयागराज)

जोकि बद्रीनाथ स्थित ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य हैं। एक समय इनके शंकराचार्य बनाए जाने पर विवाद भी हुआ था । ज्योतिष मठ के  शंकराचार्य के पद को लेकर द्वारका पीठ के शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने हाईकोर्ट में केस दाखिल किया था।

जगतगुरु माधवाचार्य स्वामी विश्व प्रसन्नतीर्थ जी महाराज

जोकि कर्नाटक के उडुपी स्थित पेजावर मठ के 33वें पीठाधीश्वर हैं। इन्होंने दिसंबर 2019 में पेजावर मठ के पीठाधीश्वर स्वामी विश्वेशतीर्थ के निधन के बाद पीठाधीश्वर का पद संभाला था ।

युगपुरुष परमानंद जी महाराज

जोकि अखंड आश्रम हरिद्वार के प्रमुख हैं। वेदांत पर इनकी 150 से ज्यादा किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं। वर्ष 2000 में संयुक्त राष्ट्र में हुए आध्यात्मिक नेताओं के शिखर सम्मेलन को परमानंद जी महाराज ने संबोधित किया था।

स्वामी गोविंददेव गिरि जी महाराज

श्रीमद्भगवद्गीता , रामायण, महाभारत और अन्य पौराणिक ग्रंथों का देश-विदेश में प्रवचन करते हैं। यह स्वामी गोविंद देव महाराष्ट्र के विख्यात आध्यात्मिक गुरु पांडुरंग शास्त्री अठावले के शिष्य हैं। इनका महाराष्ट्र के अहमद नगर में 1950 में जन्म हुआ।

विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा

जिन्होंने वर्ष 2009 में बसपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा लेकिन पराजित हुए इसके बाद इन्होंने राजनीति से सन्यास ले लिया।।इन्हें अयोध्या के राजपरिवार का वंशज माना जाता हैं। रामायण मेला संरक्षक समिति के सदस्य और समाजसेवी के रूप में कार्य करते हैं।  

डॉ. अनिल मिश्र

होम्पयोपैथिक डॉक्टर जोकि मूलरूप से अंबेडकरनगर निवासी हैं ,अयोध्या के प्रसिद्ध होम्योपैथी डॉक्टर हैं। साथ ही होम्योपैथी मेडिसिन बोर्ड के रजिस्ट्रार हैं। मिश्रा ने 1992 में राम मंदिर आंदोलन में पूर्व सांसद विनय कटियार के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वर्तमान में संघ के अवध प्रांत के प्रांत कार्यवाह भी हैं।

श्री कामेश्वर चौपाल, पटना (एससी सदस्य)

संघ ने कामेश्वर को पहले कारसेवक का दर्जा दिया है। उन्होंने 1989 में राम मंदिर में शिलान्यास की पहली ईंट रखी थी। राम मंदिर आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्हें दलित होने के नाते यह मौका दिया गया है। 1991 में इन्होंने रामविलास पासवान के खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ा था।

महंत दिनेंद्र दास

जोकि अयोध्या के निर्मोही अखाड़े के अयोध्या बैठक के प्रमुख हैं। ट्रस्ट की बैठकों में उन्हें वोटिंग का अधिकार नहीं होगा।

ट्रस्ट में केंद्र सरकार द्वारा नामित एक प्रतिनिधि भी होगा, जो हिंदू धर्म का होगा और केंद्र सरकार के अंतर्गत भारतीय प्रशासनिक सेवा यानि IAS अफसर होगा साथ ही ये सदस्य भारत सरकार के संयुक्त सचिव के पद से नीचे के पद का नहीं होगा।

ट्रस्ट में राज्य सरकार द्वारा नामित एक प्रतिनिधि भी होगा , जो हिंदू धर्म का होगा और उत्तर प्रदेश सरकार के अंतर्गत भारतीय प्रशासनिक सेवा यानि IAS का अफसर होगा। ये सदस्य  राज्य सरकार के सचिव के पद से नीचे के पद का नहीं होगा।  

हिंदू धर्म को मानने वाले अयोध्या जनपद के कलेक्टर ट्रस्टी होंगे। यदि किसी कारण से मौजूदा कलेक्टर हिंदू धर्म के नहीं हैं, तो अयोध्या के एडिशनल कलेक्टर (हिंदू धर्म) पदेन सदस्य होंगे। राम मंदिर विकास और प्रशासन से जुड़े मामलों के चेयरमैन की नियुक्ति ट्रस्टियों का बोर्ड करेगा। उनका हिंदू होना अनिवार्य है।

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