Operating system Single User Operating System Multi User Operating System A 2 Z

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Operating system Single User Operating System Multiuser Operating System A 2 Z

हमने इससे पहले के article — Operating system as per User Interface in hindi में जाना कि User Interface के आधार पर Operating system का वर्गीकरण  कैसे किया जाएगा 

आइये अब जानते है number of user और nature of work के आधार पर OS का classification 

(B). Operating system as per the number of user & nature of work 

यानि computer में लगे operating system पर एक समय में कितने  लोग काम कर लेंगे और किस प्रकार का कार्य कर लेंगे , इस आधार पर OS का वर्गीकरण 

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(1).Single User Operating System

ऐसे OS जिसमे एक समय में एक ही User काम कर सकता है Single User Operating System होते हैं  |Single User Operating System को Server की तरह से प्रयोग नही किया जा सकता है |

यानि किसी computer पर काम करते समय user की संख्या मात्र एक हो और ना ही उस computer को किसी network में जोड़ा जा सके तो उस computer में लगे OS को Single User Operating System कहते है |

Example of Single User Operating System

window 3.1, window 95

(2).Multi User Operating System

ऐसे Operating System जिसमे एक समय में एक से अधिक User काम कर सकते है Multi User Operating System कहलाते है| इसे ऐसे भी समझ सकते है की वो सभी OS जिन्हें install करने के बाद computer को server की तरह से प्रयोग कर सकते Multi User Operating System कहलाते है | ऐसे operating system को किसी computer में install किया जाये तो उस computer को network में जोड़ा जा सकता और फिर उस computer से अनेक computers / terminals जुड़ सकते है और एक ही समय में Multi User Operating System लगे computer को अपने काम को पूरा करने के लिए use कर सकते है |

Example of Multi User Operating System

Unix,Linux,

(3).Multiprogramming Operating System

ये Single Processor वाले OS की वो क्षमता है जिसमे CPU के खाली समय को कम करते है यानि CPU जब खाली होता है तब उसे दूसरा काम दे दिया जाता है ,यानि इस प्रकार के operating system में CPU को खाली बैठने नही देते है | Multiprogramming OS में computer की main memory(RAM ) में बहुत सारे program पड़े होते है | OS उनमें से एक program को उठाकर CPU को  execute होने के लिए दे देता है |

जब पहला program execute हो रहा होता है तो दूसरा program, main memory में पड़ा execute होने के लिए अपनी बारी आने का इंतज़ार करता है |

जब पहले program को Input या Output operation की आवश्यकता होती है (Output operation जैसे –monitor पर data / information दिखाना / Input operation जैसे –mouse, keyboard से user से कोई data लेना) तब OS, CPU के द्वारा execute हो चुके ( या INPUT/OUTPUT operation के लिए CPU से बाहर हो चुके ) पहले वाले program को उठाकर RAM में रख देता है|

और दूसरे program को RAM में से उठाकर CPU में ले लेता है | ऐसा OS एक एक करके सभी program के साथ करता है| इस प्रकार सभी program एक साथ execute न होकर एक एक करके execute होते है यानि programs के बीच में switching होती है |

Example of Multiprogramming OS

 ms-excel के साथ Google chrome चलाना या Photoshop चलाना |

(4). Multitasking OS

Single processor वाले इस प्रकार के OS में एक से ज्यादा task एक ही समय में एक साथ execute होते है ,Multitasking भी Multiprogramming जैसी होती है लेकिन जहाँ Multiprogramming OS में CPU में एक एक करके programs लिए जाते है और execution के बाद RAM में रख दिए जाते है वही  Multitasking  OS में CPU में एक एक करके task लिए जाते है जैसे Multiprogramming में Programs के बीच switching होती है वहीँ Multitasking में Tasks के बीच switching होती है|

(Switching = RAM और CPU के बीच में Programs / Tasks का आना जाना )

Task :- कोई भी program एक या एक से अधिक task से मिलकर बना होता है |

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(Remark — यदि आपको कोई concept समझ न आ रहा हो तो आप नीचे comment कर सकते है )

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