भगवान विश्वकर्मा जयंती 2020 | Vishwakarma Puja

bhagwan Vishwakarma
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भगवान विश्वकर्मा जयंती 2020

Vishwakarma Puja 

आज भारत देश में देवताओं के शिल्पी अर्थात वास्तुशिल्प के देवता  भगवान विश्वकर्मा की जयंती मनाई जा रही है| विश्वकर्मा पूजा  (Vishwakarma Puja 2020) का महत्व इसलिए भी है क्योंकि भगवान विश्वकर्मा संसार के पहले वास्तुशिल्पी माने जाते है जिन्होंने एक ही दिन में प्रभु श्री कृष्णा की कहने पर द्वारिका नगरी का निर्माण किया था साथ ही प्रभु श्री कृष्णा के कहने पर उनके सखा सुदामा का निवास एक ही दिन में राज महल जैसा बना दिया था और  सुदामा जी के आस पड़ोस के भी सभी मकानों को महल में परिवर्तित कर दिया था |

विश्वकर्मा को संसार का पहला इंजीनियर और वास्तुकार माना जाता है| इसलिए विश्वकर्मा दिवस पर (Vishwakarma Puja) विश्वकर्मा पूजा  करते | इंजीनियर , राजमिस्त्री , कारीगर , , बुनकर, शिल्पकार लोग अपने अपने औजारों की पूजा करते है | फैक्ट्र‍ियों ,कारखानों में सभी तरह के मशीनों की पूजा होती है | पौराणिक कथाओं के अनुसार ये माना जाता है कि भगवान विश्वकर्मा ने ही देवताओं के लिए उनके भवन ,अस्त्र, शस्त्र और मंदिरों का निर्माण किया था साथ ही ये भी माना जाता है कि ब्रह्माण्ड के रचयिता भगवान ब्रह्मा जी ने भी सृष्टि की रचना में देवशिल्पी विश्वकर्मा जी का सहयोग लिया था ,

हमारे ग्रामीण साथी जो कृषि कार्य से जुड़े हुए है विश्वकर्मा दिवस पर कृषि यंत्रो , हल ,ट्रैक्टर्स इतियादी की पूजा करते है |

माना जाता है कि विश्वकर्मा दिवस पर प्रत्येक हिन्दू को अपने घर में प्रयोग आने वाली विभिन्न मशीनों और अपनों वाहनों की पूजा अव्शय्करनी चाहिए |

हमारे देश भारत में सरकारी और निजी क्षेत्र के ऐसे सभी संस्थान जहाँ मशीनों का प्रयोग किया जाता है वहां विश्वकर्मा दिवस में प्रतिवर्ष की जाती है |

ऐसा माना जाता है कि विश्वकर्मा पूजन से मशीनी कार्य से जुड़े लोगों को अपने काम में सुगमता होती है और मशीन या औजार सही प्रकार से काम करते है , आये दिन ख़राब नही होते |

इसलिए किसी भी प्रकार के तकनीकी कार्य से जुड़े हुए लोगों को भगवान् विश्वकर्मा की पूजा अवश्य करनी चाहिए |

विश्वकर्मा पुराण में ये कहा गया है कि प्रभु श्री हरी विष्णु ने सर्वप्रथम ब्रह्माजी और उसके बाद विश्वकर्मा जी की उत्पन्न किया जिससे सृष्टि की सम्पूर्ण रचना हो सके वहीँ वराह पुराण में ये कहा गया है कि ब्रह्माजी ने सृष्टि रचना को ध्यान में रखते हुए सबसे पहले विश्वकर्मा जी को ही धरती पर उत्पन्न किया|

विश्वकर्मा पूजन कैसे करे || Vishwakarma pooja kaise kare 

(विश्वकर्मा पूजन से जीवन में आएगी सुख समृद्धि)

भगवान् विश्वकर्मा की पूजा भी अन्य देवताओं जैसी ही होती है बस इस पूजा में विशेष ये ध्यान दिया जाता है कि हम हमारे काम में जो मशीन , औजार या वाहन का प्रयोग कर रहे है उनका भी पूजन हो |

ऐसा करने से हमारे काम में विघ्न बाधा नही आती है और हमे अपने कार्यक्षेत्र और निवास पर शांति मिलती है और हमारी प्रगति होती है |

विश्वकर्मा पूजन से पहले भगवान् विश्वकर्मा के पूजन स्थल को जल से धो कर साफ़ कर ले और अपने घर या कार्यालय के सभी मशीन या वाहन को पानी से धोकर साफ़ करले , जो वस्तुए धोने लायक नही हो जैसे computer , लैपटॉप इतियादी तो उनपर जल की छींटे दाल दे |

Vishwakarma Puja ||vishvakarma poojan vidhi 

  • विश्वकर्मा पूजा मे में सबसे पहले स्नान इतियादी करके भगवान् विश्वकर्मा को साफ़ या नये कपडे का आसन दे साथ में यदि प्रभु श्री हरी विष्णु का चित्र हो तो अति उत्तम होगा | आसन का कपड़ा लाल,पीला या सफ़ेद हो तो अधिक उचित माना जाता है | भगवान् विष्णु को सर्वदा पीला आसन ही देना चाहिए |
  • भगवान् विश्वकर्मा को अपनी सामर्थ्य के अनुसार मिष्ठान ,ऋतुफल,पंचमेवा, पंचामृत का भोग लगाएं का भोग लगा कर गाय के घी से उनकी आरती करे या आरती याद न हो तो “ ॐ विश्वकर्मा देवाय नमः “ का ११ बार जाप करते हुए दीपक दिखाए |
  • घी का दीपक उपलब्ध न होने पर धुप बत्ती भी दिखा सकते है | ( वो भी न हो तो शांत मन से हाथ जोड़ कर उन्हें प्रणाम करते हुए उनका स्मरण करे और उनसे आशीर्वाद मांगे |)
  • भगवान विष्णु और भगवान् विश्वकर्मा के पूजन के बाद आपने कार्यलय में मशीन , computer इतियादी और घर पर सभी मशीन जैसे वाशिंग मशीन ,सिलाई मशीन, computer , लैपटॉप अपने वाहन इतियादी को दीपक दिखाए और इन सभी मशीन को सजीव मानते हुए उनसे सहयोग मांगे |
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