Omkareshwar_Temple

प्रभु ओंकारेश्वर मन्दिर,खंडवा,मध्यप्रदेश

मध्य प्रदेश के इंदौर नगर के निकट (लगभग 77 किमी दूर ) और नर्मदा नदी के किनारे विराजित है प्रभु ओंकारेश्वर | 12 ज्योतिलिंगो में प्रभु ओंकारेश्वर का स्थान चौथा आता है |

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ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग- जहाँ शिव विश्राम करते है 

मध्य प्रदेश के इंदौर नगर के निकट (लगभग 77 किमी दूर ) और नर्मदा नदी के किनारे विराजित है प्रभु ओंकारेश्वर | 12 ज्योतिलिंगो में प्रभु ओंकारेश्वर का स्थान चौथा आता है | वायु पुराण,स्कन्द पुराण ,शिवपुराण में भी प्रभु ओंकारेश्वर की महिमा का उल्लेख किया गया है | ऐसा माना जाता है कि प्रभु शिव प्रतिदिन तीनो लोक का भ्रमण करते और भ्रमण के बाद यहाँ विश्राम करते है , प्रभु ओंकारेश्वर के विश्राम कि यहाँ विशेष व्यवस्था होती है साथ ही विश्राम करते हुए प्रभु ओंकारेश्वर के दर्शन का लाभ प्रभु ओंकारेश्वर के भक्तों को मिलता है |

हिन्दू धर्म में अति पवित्र माने जाने वाले अक्षर ॐ के सामान है प्रभु ओंकारेश्वर की आकृति कदाचित् इसीलिए ओंकारेश्वर नाम पड़ा |

यदि आप ओंकारेश्वर तीर्थ का पूर्ण लाभ लेना चाहते है तो आपको कम से कम यहाँ 3 दिन बिताने होंगे क्योंकि ओंकारेश्वर तीर्थ दर्शन 3 दिन में ही संपन्न हो पाता  है जैसे

प्रथम दिन की तीर्थ यात्रा

जोकि कोटि-तीर्थ पर स्नान के साथ प्रारम्भ होती है और इसके बाद और घाट पर ही कोटेश्वर, त्र्यम्बकेश्वर ,हाटकेश्वर, , गोविन्देश्वर ,गायत्रीश्वर, , सावित्रीश्वर के दर्शन करते हुए आगे बढ़ते है फिर भूरीश्वर, श्रीकालिका,पंचमुख गणपति एवं नन्दी का दर्शन करते है तत्पश्चात प्रभु ऑकारेश्वर का दर्शन करते है ।

ओंकारेश्वर मन्दिर में ही उपस्थित श्रीद्वारिकाधीश, नर्मदेश्वर, नर्मदादेवी, शुकदेव, मान्धांतेश्वर, मनागणेश्वर, वैद्यनाथेश्वरः, सिद्धेश्वर, रामेश्वर, महाकालेश्वर, , जालेश्वर,विशल्येश्वर, नवग्रहेश्वर, अन्धकेश्वर, झुमकेश्वर, अन्नपूर्णा,साक्षीगणेश तथा तुलसीजी के दर्शन करते है साथ ही नागचन्द्रेश्वर, बटुकभैरव, मंगलेश्वर, दत्तात्रेय और काले-गोरे भैरव का दर्शन करके बाजार से आगे बढ़ते हुए श्रीराममन्दिर में विराजित श्रीरामचतुष्टय और वहीं गुफा में धृष्णेश्वर का दर्शन करते हुए पास ही नर्मदाजी के मन्दिरमें नर्मदाजी का दर्शन करते है, इन सभी दर्शनों में लगभग पूरा एकदिन लग जाता है|

दूसरे दिन की तीर्थ यात्रा  में ओंकार-मान्धाता पर्वत की पांच कोस की परिक्रमा की जाती है। कोटितीर्थ पर स्नान के पश्चात् चक्रेश्वर, खेड़ापति , हनुमान जी ,  गऊघाट पर स्थित गोदन्तेश्वर,  मल्लिकार्जुन,चन्द्रेश्वर, गोपेश्वर, त्रिलोचनेश्वर  के दर्शन करते हुए श्मशान में स्थित पिशाचमुक्तेश्वर, केदारेश्वर,सावित्री-कुण्ड,यमलार्जुनेश्वर के दर्शन करते हुए कावेरी-संगम तीर्थ पर स्नान करते है साथ ही यदि तर्पण करना चाहे तो वो भी कर सकते है, इसके बाद पास ही श्रीरणछोड़जी और ऋणमुक्तेश्वर के दर्शन करते है । कुछ दूर आगे चलकर हिडिम्बा-संगम तीर्थ स्थित है और रास्ते में ही गौरी-सोमनाथ की जिसे मामा-भानजा भी कहते है की विशाल लिंग रूप में मूर्ति स्थापित है, यहाँ तीन मंजिल का मन्दिर है और सभी मंजिल पर भोले नाथ शिवलिंग रूप में स्थापित हैं। इसके बाद आप अष्टभुजा, अन्नपूर्णा, महिषासुरमर्दिनी, सीता-रसोई,आनन्द भैरव के दर्शन ककरते हुए आगे बढ़ें । इसके साथ ही यहाँ पंचमुखी  हनुमान जी,षोडशभुजा दुर्गा, अष्टभुजादेवी,आशापुरी माता,सिद्धनाथ, दशभुजादेवी-कुन्ती माता के दर्शन करते हुए आगे बढ़ें| यहाँ से नीचे उतारते हुए वीरखला पर स्थित भीमाशंकर के दर्शन और आगे चलकर कालभैरव के दर्शन करते हुए, कावेरी-संगम पर सूर्यकुण्ड के दर्शन करते हुए नौका या पैदल चलते हुए ( उस समय की परिस्थितियों को देखते हुए )कावेरी पार करते है और दूसरी तरफ पंथिया ग्राम में स्थित चौबीस अवतार, पशुपतिनाथ, एरंडी-संगमतीर्थ, गयाशिला, पित्रीश्वर और गदाधर-भगवान के दर्शन करते है| यहाँ पिण्डदान का श्राद्ध भी होता है। इसके बाद फिर कावेरी पार करते है और लाटभैरव-गुफा में कालेश्वर, फिर आगे छप्पनभैरव और फिर कल्पान्तभैरवके दर्शन करते हुए राजमहल में प्रभु श्रीराम का दर्शन करते हुए आगे चल औकारेश्वर के दर्शन करके दुसरे दिन की तीर्थ यात्रा संपन्न करते है |

तीसरे दिन की तीर्थ यात्रा  में नर्मदा नदी पार करते हुए विष्णुपुरी और ब्रह्मपुरी की यात्रा करते है विष्णुपुरी के पास ही कपिला-संगम तीर्थ है जहा गोमुख से निरंतर जल गिरता है जोकि नर्मदा नदी में चला जाता है , यहाँ स्नान और मार्जन करते है । गोमुख से निकली जल-धारा जिसे कपिलधारा भी  कहते गोकर्ण और महाबलेश्वर लिंग पर गिरती है यहाँ दर्शन करके इन्द्रेश्वर,व्यासेश्वरका और अमलेश्वर का दर्शन करना चाहिये।

इस प्रकार ये 3 दिन की तीर्थ यात्रा संपन्न होती है |   

ओम्कारेश्वर कैसे जाये

How to reach omkareshwar

वायुमार्ग (How to reach omkareshwar by Flight)

indore airport

ओम्कारेश्वर में कोई भी हवाईअड्डा नही है| ओम्कारेश्वर से सबसे निकट का हवाई अड्डा देवी अहिल्याभई होलकर हवाईअड्डे जाना होगा जोकि ओम्कारेश्वर से लगभग 70 किमी दूर है और दूसरा निकट का हवाई अड्डा राजा भोज हवाई अड्डा ,भोपाल है जोकि लगभग 264 किमी दूर है इन दोनों ही हवाई अड्डे पर मुंबई,दिल्ली,कोलकाता,चेन्नई,बंगलुरू,काठमांडू जैसे हवाई अड्डो से नियमित वायुयान (flights)आते है |

रेलमार्ग (How to reach omkareshwar by Train )

omkareshwar road railway station

ओम्कारेश्वर में रेलवे स्टेशन है जिसे ओम्कारेश्वर रोड ( Station Code – OM ) कहते है जोकि ओम्कारेश्वर नगर (city) से लगभग 12 किमी दूर है और ये स्टेशन देश लगभग सभी प्रमुख रेलवे स्टेशनों से जुड़ा हुआ है | ओम्कारेश्वर रोड , रतलाम खंडवा रेलवे लाइन पर स्थित है |

सड़क मार्ग (How to reach omkareshwar by Road)

bus

ओम्कारेश्वर सड़कमार्ग से सभी प्रमुख नगरों से जुड़ा हुआ है जैसे ओमकारेश्वर से खांडवा मात्र 73 किमी दूर है ,इंदौर लगभग 85 किमी,देवास 144 किमी ,उज्जैन 133 किमी ,भोपाल लगभग 267 किमी , मुंबई लगभग 577 किमी दूर है| यहाँ जाने के लिए प्राइवेट और सरकारी बसें मिल जाती है मध्य प्रदेश राज्य सड़क परिवहन ( Madhya Pradesh State Road Transport Corporation (MPRTC)) की बसों के द्वारा भी हम यहाँ आसानी से पहुँच सकते है |

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