ग्रहों की शांति के उपाय || ग्रहों के दान के नियम

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ग्रहों की शांति के उपाय || ग्रहों के दान के नियम

(दान का हमारे जीवन में महत्व)

मित्रों हम हमेशा ही सुनते है कि यदि जीवन में कोई संकट या बाधा आए तो कोई निश्चित वस्तु का दान करे , इस दिन ये दान करें और इस दिन ये दान न करे | इसी के साथ जब हम अपने जीवन में सफल होना चाहते है और सफलता पाने के लिए कोई उपाय जानना चाहते है तो भी हमें ज्योतिष / पंडित जी बताते है कि इस वस्तु का दान करने से तुम्हारे काम बनने लगेंगे|

तो क्या सच में कुछ दान करने से हमारे संकट दूर हो जाते है या हमें मनवांछित सफलता मिलने लगती है ?

साथिये हम जो भी वस्तु दान करते है या हमे दान करने के लिए कहा जाता है ,वो किसी न किसी ग्रह से जुड़ी हुई होती है और वो ग्रह हमारे ब्रह्माण्ड में हमारी पृथ्वी के पास या दूर स्थित होकर अपनी गुरुत्वाकर्षण शक्ति से पृथ्वी पर उपस्थित सभी जीवों पर अपना प्रभाव डालते है किन्तु ये प्रभाव सभी के ऊपर-अलग अलग प्रकार का होता है,ये प्रभाव इसलिए अलग होता है क्योंकि हमारी कुंडली सभी ग्रह भिन्न भिन्न भावों में बैठ कर हमारे ऊपर उस भाव का प्रभाव डालते है जैसे तुला राशि में बैठा शुक्र स्वराशी होने से उस व्यक्ति को smart बनाता है , वो व्यक्ति सुन्दर पुष्प, सुरम्य वातावरण,कर्ण प्रिय संगीत,सुंदर और गुणवान स्त्रियों के प्रति आकर्षित होगा ( – यदि शुक्र पर कोई नकरात्मक प्रभाव न हो तो ) वहीँ कन्या लग्न में बैठा शुक्र भोग विलास में, नीच जाति या समाज या छोटी आयु या व्यसनी स्त्री और कन्या के प्रति आकर्षित होगा ( – यदि शुक्र पर कोई शुभ प्रभाव न हो तो )

इसी प्रकार अन्य ग्रहों का हमारी मानसिकता पर प्रभाव और उसके  बाद हमारे व्यवहार पर प्रभाव पड़ता है | आईये जानने का प्रयास करते है कि क्या है हमारे जीवन में दान का महत्व और दान से हम अपने ग्रहों को कैसे अच्छा करें | कैसे अपना ग्रह दोष स्वयं पहचाने –

  • जब सूर्य ग्रह आपकी कुंडली में उच्च के होकर बैठे हों तो आपको सवर्ण यानि सोना ,माणिक्य रत्न, गुड ,गेहूं का कभी भी दान नही करना चाहिए |
  • जब चन्द्र ग्रह आपकी कुंडली में उच्च के होकर बैठे हो तो आपको रजत यानि चांदी,मोती रत्न, पानी, ,चावल का कभी भी दान नही करना चाहिए |
  • जब मंगल ग्रह आपकी कुंडली में उच्च के होकर बैठे हों तो आपको मूंगा रत्न, गुड,मिठाई,लाल मसूर की दाल ,मीठी तंदूरी रोटी, भूमि का कभी भी दान नही करना चाहिए |
  • जब बुद्ध ग्रह आपकी कुंडली में उच्च के होकर बैठे हों तो आपको पारा,पीतल,पन्ना रत्न,हरी सब्जी,साबुत मूंग की दाल का कभी भी दान नही करना चाहिए |
  • जब बृहस्पति ग्रह आपकी कुंडली में उच्च के होकर बैठे हों तो आपको पुखराज रत्न,हल्दी,चने की दाल,पीला कद्दू,केला का कभी भी दान नही करना चाहिए |
  • जब शुक्र ग्रह आपकी कुंडली में उच्च के होकर बैठे हों तो आपको हीरा,जरकन,इत्र,सौन्दर्य प्रसाधन,दूध,दही,घी,खोया,मक्खन का कभी भी दान नही करना चाहिए |
  • जब शनि ग्रह आपकी कुंडली में उच्च के होकर बैठे हों तो आपको लौह धातु ,नीलम,नीली,सरसों का तेल,चमड़ा,पत्थर,काले तिल,साबुत उड़द,तवा,चिमटा,भैस कभी भी दान नही करना चाहिए |
  • जब राहु ग्रह आपकी कुंडली में उच्च के होकर बैठे हों तो आपको कांच की बनी वस्तुए,गोमेद रत्न,शराब,नारियल,मूली,जौ, खोटे सिक्के, इलेक्ट्रॉनिक समान( विशेषकर जिसमे काँच की screen हो) का कभी भी दान नही करना चाहिए |
  • जब केतु ग्रह आपकी कुंडली में उच्च के होकर बैठे हों तो आपको लहसुनिया रत्न,दो रंगी वस्तुए( विशेषकर कम्बल),कुत्ते,लकड़ी का फर्नीचर,मिट्टी का सजावटी समान का कभी भी दान नही करना चाहिए|

साथियों ये सामान्य ज्योतिषीय नियम है जो सभी पर लागू होती है किन्तु प्रत्येक व्यक्ति की कुंडली अपने आप में अलग कुंडली होती है|

जैसे हमारी कुंडली का उच्च का ग्रह, हमारा शत्रु ग्रह हुआ तो क्या होगा, उस स्थिति में हमे दान करना चाहिए या नही … इस प्रकार के प्रश्नों के उत्तर जानने के लिए, नीचे दिए गये comment box में आप अपने प्रश्न का उत्तर पूछ सकते है|

 

 

 

 

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