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मार्तण्ड सूर्य मंदिर (Martand Sun Temple Anantnag) कश्मीर का वैभव A symbol of Kashmir’s splendor

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मार्तण्ड सूर्य मंदिर (Martand Sun Temple Anantnag ) कश्मीर का वैभव A symbol of Kashmir’s splendor

जम्मू कश्मीर के अनंतनाग जनपद में स्थित मार्तण्ड सूर्य मंदिर (Martand Sun Temple Anantnag ) भारत के प्राचीन सूर्य मंदिरों में एक था, इस मंदिर का निर्माण 8वीं शताब्दी में हुआ था, लेकिन सन् 1389 और 1413 के बीच अनेक बार इसे नष्ट करने की प्रयास किया गया। ये मंदिर कभी पूरे भारत का विशेषकर हिमालय का गौरव था।

ये एक हिंदू मंदिर है जो हिंदू धर्म में प्रमुख देवता सूर्य को समर्पित है । मार्तण्ड संस्कृत भाषा में सूर्य पर्यायवाची है।

भगवान सूर्य की पूजा भारतीय सनातन संस्कृति में आदिकाल से होती आई है। सूर्य को प्रकाश का देवता माना गया। आज भी पूर्वी भारत और बिहार आदि क्षेत्रों में छठ पूजा (सूर्य षष्ठी) सबसे बड़ा पर्व है और ये पूर्वी क्षेत्र के लोगों पूरे विश्व में मनाया जाता है , इस पर्व से आकर्षित हो अन्य लोग छठ पूजा करने लगे है ।

मार्तण्ड सूर्य मंदिर (Martand Sun Temple Anantnag ) का निर्माण

राजा ललितादित्य मुक्तापीड का इतिहास

History of King Lalitaditya Muktapid

कश्मीर में कार्कोट राजवंश के तीसरे शासक ललितादित्य मुक्तापीड एक पराक्रमी हुआ करते थे , राजा ललितादित्य मुक्तापीड का राज्य भारत, ईरान और मध्य एशिया के अनेक क्षेत्रों में था , इस मार्तण्ड सूर्य मंदिर का निर्माण उन्होंने ही करवाया था। ललितादित्य मुक्तापीड कश्मीर के नागवंशी कार्कोट कायस्थ वंश से थे जो दशकों तक कश्मीर के राजाओं की सेना में सेवारत थे और ये वंश युद्ध के मैदान में अपने उल्लेखनीय साहस के लिये जाना जाता था.

राजा ललितादित्य मुक्तापीड ने सन 724 ई. में कश्मीर राज्य पर अधिकार कर लिया था लेकिन उस समय अरबों ने मुल्तान,स्वात, पेशावर और सिंध के राज्य पर अधिकार कर लिया था और अरब शासक मोहम्मद बिन कासिम  कश्मीर और मध्य भारत पर भी अपना अधिकार चाहता था , राजा ललितादित्य और यशोवर्मन के साथ गठबंधन करके अरबों को हरा दिया और कश्मीर सुरक्षित हो सका ।

राजा ललितादित्य ने कश्मीर में बड़े स्तर पर बुनियादी ढाँचे के निर्माण कार्य करवाए जिसमे मंदिरों का निर्माण भी किया गया , वे हिंदू धर्म और परंपरा के प्रबल समर्थक थे

ललितादित्य बहुत उदार राजा थे। हालाँकि वे हिंदू परंपरा के प्रबल अनुयायी थे, लेकिन सभी धर्मों का सम्मान करते थे। उन्हें बहुत दयालु शासक कहा जाता है। वे जनता की समस्याओं को सुनते थे।

सन् 761 में राजा ललितादित्य मुक्तापीड का निधन हो गया और उनके बाद के उनके वंशज राज सत्ता सँभालने में अयोग्य थे और राज संभल न सके, मार्तण्ड सूर्य मंदिर की भव्यता की तुलना विजयनगर सम्राज्य की राजधानी हम्पी से होती थी रही है।

मार्तण्ड सूर्य मंदिर के निकट कुल 84 अन्य छोटे-छोटे मंदिर हुआ करते थे जिनके आज मात्र अवशेष ही बचे हैं। गुजरात के मोढेरा और ओडिशा के कोणार्क जैसे मार्तण्ड सूर्य मंदिर का वैभव पूरे देश और देश से बाहर विस्तृत था .

वैसे मार्तण्ड सूर्य मंदिर का भव्य निर्माण उन्होंने कराया हो, इससे जुड़ी कथा महाभारत में पांडवों तक जाती है। मार्तण्ड सूर्य मंदिर को पांडौ लैदान के नाम से भी जाना जाता है

मार्तण्ड सूर्य मंदिर अनंतनाग को किसने तोड़ा था

who destroyed the martand sun temple anantnag

मार्तण्ड सूर्य मंदिर को मुस्लिम शासक सिकंदर शाह मीरी के आदेश से नष्ट कर दिया गया था। यह मंदिर भारतीय केंद्रशासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर में अनंतनाग से पाँच मील की दूरी पर स्थित है। यह कश्मीरी वास्तुकला का एक उत्कृष्ट नमूना था , इसके निर्माण में गंधार, गुप्त और चीनी वास्तुकला के विभिन्न रूप देखने को मिलता है ।

मार्तण्ड सूर्य मंदिर को मुस्लिम शासक सिकंदर शाह मीरी को इस मंदिर को नष्ट करने की सलाह एक ‘सूफी फकीर’ या ‘सूफी संत’  ने दी थी जिसका नाम मीर मुहम्मद हमदानी था क्योंकि वो कश्मीर को इस्लामी राज्य बनाना चाहता था और कश्मीरी ब्राह्मणों के वर्चस्व को समाप्त कर उनकी धन संपदा लूटना चाहता था।

सिकंदर शाह मीरी ने उस समय अनेक मंदिरों को ध्वस्त करके प्राप्त की गयी ईंट-पत्थरों से मस्जिदें बनवाई। वो इतना निकृष्ट अक्रांता था कि वो मंदिरों की जड़ों को खुदवाता था और उनमें से पत्थर निकाल कर वहां लकड़ियाँ भर देता था और उन लकड़ियों में आग लगवा देता था जिससे मंदिरों का अस्तित्व नष्ट हो जाये

 

मार्तण्ड सूर्य मंदिर की वर्तमान स्थिति

मार्तण्ड अर्थात सूर्य मंदिर केंद्रीय रूप से संरक्षित स्मारकों की सूची में आता है। वर्तमान में यह मंदिर 20 फुट ऊँचा खंडहर बन चुका है, इस मंदिर को देखने दूर-दूर से लोग आते हैं।

अभी कुछ दिनों पहले जम्मू और कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण के द्वारा संरक्षित 8 वीं शताब्दी के इस मार्तण्ड सूर्य मंदिर के खंडहर में आयोजित एक धार्मिक समारोह में भाग लिया था ।

कहाँ है मार्तण्ड सूर्य मंदिर

जम्मू कश्मीर के अनंतनाग जनपद में स्थित है मार्तण्ड सूर्य मंदिर जो अनंतनाग नगर से पूर्व दिशा में 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और  जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर से 64 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

उन्होंने  अनंतनाग जनपद में स्थित इस मंदिर में लगभग 100 से अधिक श्रद्धालु के साथ पूजा-अर्चना की था.

Martand Sun Temple Anantnag

मार्तण्ड सूर्य मंदिर अनंतनाग का निकटतम पर्यटक स्थल

Nearest Tourist Places of Martand Sun Temple Anantnag

अवंतीवर्मन मंदिर Awantivarman temple

ममलेश्वर शिव मंदिर Mamaleshwar shiva temple

चंदनवाड़ी Chandanwari

पहलगाम Pahalgam

तुलियन झील Tulian lake

अनंतनाग मंदिर Anantnag mandir

खीर भवानी Kheer bhawani

कैसे जाएँ मार्तण्ड सूर्य मंदिर

How to reach Martand Sun Temple Anantnag Kashmir

by flight ( वायु मार्ग से ):

मार्तण्ड सूर्य मंदिर का निकटतम हवाई अड्डा श्रीनगर वायु सेना बेस हवाई अड्डा है जो श्रीनगर में है , ये हवाई अड्डा मार्तण्ड सूर्य मंदिर से 11 किमी दूर है।

by rail (रेलमार्ग से) :

निकटतम रेलवे स्टेशन अनंतनाग रेलवे स्टेशन (Anantnag railway station Station code: ANT)  है। अनंतनाग रेलवे स्टेशन कश्मीर रेलवे से भी जुड़ा हुआ है जो बारामूला से काजीगुंड तक चलता है।

विभिन्न ट्रेनों में रिजर्वेशन की स्थिति जानने के लिए यहाँ click करें

click करे : – IRCTC 

bus

by road (सड़कमार्ग से)  :

अनंतनाग जम्मू कश्मीर में मार्तण्ड सूर्य मंदिर तक पहुंचने के लिए कई सार्वजनिक और निजी वाहन उपलब्ध हैं। श्रीनगर से टैक्सी किराए पर ली जा सकती हैं जिसमें लगभग 2 या 3 घंटे लगते हैं।

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