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राजा और मुर्ख बंदर की कहानी No1 funny Panchatantra Story of the king and the foolish monkey

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राजा और मुर्ख बंदर की कहानी No1 funny Panchatantra Story of the king and the foolish monkey

साथियों ये एक राजा और मुर्ख बंदर की कहानी है (the king and the foolish monkey ) और ये बहुत ही funny panchtantra story है जिसे पढ़कर एक अच्छी शिक्षा प्राप्त होती है 

आइये पढ़ते हैं 

राजा और मुर्ख बंदर की कहानी (funny Panchatantra Story of the king and the foolish monkey)

एक समय की बात है एक राज्य में एक राजा राज्य करता था। वो राजा बहुत ही वीर था । उसके शत्रुओं में उसका सामना करने की भी साहस नहीं था , उसके पास एक बंदर था जो उसका सबसे अच्छा मित्र था। वो बंदर हर समय राजा के साथ ही रहता था यंहा तक की जब राजा रात को शयन कक्ष में सोता  था तो बंदर भी उसी शयन कक्ष में ही सोता था ।

राजा का ये बन्दर मित्र बहुत ही मुर्ख था लेकिन राजा का प्रिय होने के कारन उसे बिना कोई रोक टोक महल के हर स्थान पर जाने की अनुमति थी । उसे शाही तरीके से महल में सम्मान दिया जाता था , वो बन्दर राजा का मित्र था इसलिए वो राजा के कमरे में भी आ जा सकता था जहाँ कोई नही आ जा सकता था यहाँ तक कि राजा के गोपनीय सेवकों को भी वहां जाना मना था।

राजा और मुर्ख बंदर की कहानी No1 funny Panchatantra Story of the king and the foolish monkey

आप पढ़ रहे हैं राजा और मुर्ख बंदर की कहानी funny panchtantra story of the king and the foolish monkey

एक दिन बंदर ने सोचा कि मेरे  राजा के शत्रु बहुत अधिक है और रात में तो सारे सेनिक सो जाते है, इसलिए उसे रात के समय राजा की सुरक्षा करनी चाहिए और ये सोच बंदर ने रात होने पर अपने हाथ में तलवार ली और राजा के शयन कक्ष के  दरवाजे पर खड़ा हो गया जिससे वो राजा की शत्रुओं से रक्षा कर सके ।

अब तो बन्दर हमेशा ही तलवार लिए रहता था कि जाने मेरे राजा पर कब कोई हमला कर दे, एक दिन दोपहर का समय राजा अपने कमरे में सो रहा था , तब बंदर भी उसी समय पास के गद्दे में बैठ गया लेकिन तभी बंदर ने देखा की एक मक्खी बार बार आकर राजा के नाक में बैठ जाती है ।

एक बार बंदर ने उस मक्खी को एक तौलिया से भगा दिया लेकिन कुछ समय बाद ही वो मक्खी दोबारा राजा के नाक पर आ कर बैठ गयी तब बंदर ने गुस्से से मक्खी को अपने हांथों से भगा दिया।

लेकिन मक्खी भी पूरी जिद्दी थी और थोड़ी देर बाद वो फिर आकर राजा कि नाक पर बैठ जाती है ये देखकर बन्दर गुस्से से आग बबूला हो गया और अब की बार बंदर क्रोधित हो कर मक्खी को मारने की ही सोचने लगा जिससे न मक्खी रहेगी और न ही मेरे राजा को परेशान करेगी

मक्खी को मारने की सोच बंदर, राजा के पास आकर खड़ा हो गया और मक्खी को देखने लगा और कुछ ही देर में मक्खी फिर आ गयी और इस बार राजा के गर्दन पर आकर बेठ गयी ।

बन्दर मक्खी को मार देना चाहता था इसीलिए बंदर ने मक्खी के बेठते ही बिना कुछ सोचे विचारे तलवार से मक्खी पर अपनी पूरी ताकत से प्रहार कर दिया लेकिन मक्खी तो उड़ गयी और साथ ही बन्दर के मित्र राजा की गर्दन भी उड़ गयी और राजा मर गया ।

राजा और मुर्ख बंदर की कहानी funny Panchatantra story of the king and the foolish monkey से  मिली शिक्षा

 मूर्ख मित्र से सावधान रहें। वह आपको आपके शत्रु से अधिक हानि पहुंचा सकता है।

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