shanidev

शनिदेव के रहस्य-shanidev mystery 1

अपने जानने वालों में ये पोस्ट शेयर करें ...

शनिदेव के रहस्य-shanidev mystery 1

शनि देव (shanidev)  इस सृष्टि के न्यायधीश माने जाते हैं ,वो हमारे पूर्व जन्मों के कर्मानुसार इस जन्म में सुख या दुःख देते हैं,हमारे जीवन की आजीविका,हमारे जीवन का संघर्ष,हमारे शरीर में लगने वाले के रोग जैसे कष्ट ,शनिदेव के द्वारा ही निर्धारित होते हैं अब चूँकि इस जीवन में हमें अपना पूर्व जन्म याद नही होता है इसीलिए हम ये सोच सोच कर दुखी होते हैं कि हमने तो किसी के साथ कभी बुरा नही किया है तो हमारे जीवन में इतने दुःख क्यों ?

सभी ग्रहों का एक समय निर्धारित होता है जिसमे वो हमें अधिकाधिक सुख या दुःख प्रदान करते है और शनिदेव (shanidev)भी अपनी महादशा या साढ़े साती में हमे हमारे द्वारा पूर्व के किये गये कर्मों के द्वारा हमे फल प्रदान करते हैं ।

अपनी कुंडली विश्लेषण के बाद यदि आपको ये पता चलता है कि आपके शनि अच्छे है तो कोई बात नही किन्तु यदि शनिदेव (shanidev)  की स्थिति आपकी कुंडली में सही न हुई तो आप शनिदेव का पूजन करे, पूर्व में किये गये कर्मो की क्षमा मांगे ।

शनिदेव (shanidev) की गति धीमी है और वो एक ही राशि में ढाई वर्ष रहते है चूँकि शनिदेव एक ही राशि में लम्बे समय तक रहते है इसलिए शनिदेव  के द्वारा के द्वारा दिए गये कष्ट भी हम सभी के जीवन में लम्बे समय तक रहते है , शनिदेव के द्वारा दिए गये कष्टों से बचना बहुत कठिन होता है ।

Also Read :- हनुमान चालीसा 

शनिदेव (shanidev) के कष्टों से मुक्ति के लिए मात्र एक ही उपाय है कि हम उनके शरणागत हो जाये , जितना संभव हो उनकी आराधना करें, पूजन करें किन्तु बहुत से लोगों के मन में ये प्रश्न रहता है कि शनिदेव का पूजन कैसे करें और कहीं हमसे पूजन में कोई त्रुटी रह गयी तो कही शनिदेव हमसे और अधिक रुष्ट न हो जाये तो इसी बात को ध्यान में रखते हुए maihindu.com  आपको  शनिदेवसे जुड़े कुछ महतवपूर्ण तथ्य  आपको बताने का प्रयास कर रहा है आइये जानते हैं  :-

शनिदेव से जुड़े कुछ महतवपूर्ण तथ्य ( shanidev’s facts )

  1. शनिदेव (shanidev) जिस अवस्था में हमारी कुंडली में विराजमान होते है उसी अनुसार हमें फल देते है , यदि शनिदेव कुंडली में अच्छे हुए तो रंक से राजा भी बना देते है।
  2. शनिवार को लोहा,तेल,तिल,चमड़ा इतियादी खरीदने से शनिदेव जाग्रत होते है, अब यदि कुंडली में अच्छे हुए तो अच्छा और यदि बुरे हुए तो बुरा फल देते है । लोहा,तेल,तिल,चमड़ा इतियादी खरीदने से हानि नही होती है बल्कि ऐसा करके आप शांत शनि को जाग्रत कर देतें हैं।
  3. शनिदेव पर यदि शत्रु ग्रह की दृष्टि होती है तो वो हमारी कुंडली में मित्र होते हुए भी यथा उचित लाभ नही दे पाते हैं।
  4. यदि शनिदेव की दृष्टि चंद्रमा पर होती है तो हमे कोई न कोई चिंता सताती रहती है।
  5. यदि आपके जूते चप्पल शीघ्र फट या टूट जाते है या वाहन बार बार ख़राब होता रहता है अथवा घर या बाहर के सेवक वर्ग हमारी सुनते नही है तो ये भी हमारी कुंडली के शनिदेव ख़राब होने का संकेत है।
  6. यदि हमारी घर में अनेक बार चोरी हो चुकी है या या बाहर कहीं जाते हुए हमारा  सामान चोरी हो जाता है तो ये भी हमारी कुंडली के शनिदेव ख़राब होने का संकेत है।
  7. यदि हमारे द्वारा 5 -10 या उससे भी अधिक वर्षो पूर्व किये गये किसी कार्य के द्वारा वर्तमान में हमारे कार्यक्षेत्र अथवा सामाजिक मान सामान पर कोई नया संकट खड़ा हो जाना भी हमारी कुंडली के शनिदेव ख़राब होने का संकेत है।
  8. यदि पति पत्नी में 5 -10 या उससे भी अधिक वर्षो पूर्व किये गये किसी कार्य के द्वारा संबंधो में टकराव होना ।
  9. शनिदेव (shanidev) न्यायधीश होते है और न्याय के लिए तुला होना आवश्यक है, जिसके पुण्य अधिक उसी की ओर झुक जाना है इसीलिए शनिदेव तुला राशि में उच्च के माने जाते है।



Also Read :- संकटमोचन हनुमानाष्टक हिन्दी में अर्थ सहित

मित्रों अपने जीवन के कष्टों का कारण देखने के लिए हमे अपनी कुंडली का विश्लेषण करवा लेना चाहिए ( आप चाहे तो हमसे भी अपनी कुंडली का सम्पूर्ण विश्लेषण करवा सकते है , इसके लिए नीचे comment box के द्वारा हमसे संपर्क कर सकते हैं )

Remark :-

  1. यदि आपको स्वास्थ्य से सम्बंधित कोई कष्ट होता है तो अधिक से अधिक स्वास्थ्य मंत्री से मिल सकते है , शिक्षा से सम्बंधित कोई कष्ट होता है तो अधिक से अधिक शिक्षा मंत्री से मिल सकते है , आप सीधे प्रधानमंत्री से नही मिल सकते है । ठीक उसी प्रकार की परमात्मा ने हमारे सनातन धर्म को भी व्यवस्थित  किया हुआ है, भिन्न भिन्न सुख दुःख के स्वामी भिन्न ग्रह नक्षत्र होते है और इन सभी ग्रह नक्षत्र के स्वामी  प्रभु श्री हरी विष्णु हैं जिनसे संपर्क बनाना एक सामान्य व्यक्ति के लिए कठिन हैं ।
  2. यदि आप शनिदेव (shanidev) से जुड़ी अन्य तथ्यों को भी इस पोस्ट मे सम्मलित करना चाहते है तो इस पोस्ट के नीचे दिए कमेंट बॉक्स (comment box ) में comment करके हमे उन तथ्यों से अवगत कराये हम निश्चित ही पोस्ट में उन तथ्यों को सम्मलित करने का प्रयास करेंगे।
अपने जानने वालों में ये पोस्ट शेयर करें ...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!