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makar sankrati kyon manate hai

makar sankranti( मकर संक्रान्ति ) 14 जनवरी को है या 15 जनवरी को है ?

हिन्दू धर्म के प्रमुख पर्वों में से एक मकर सक्रांति पर्व है | मकर संक्रान्ति ( makar sankranti) पर्व उस दिन को मनाया जाता है,जिस दिन सूर्य 12 राशियों में दसवी राशी यानि मकर राशी में प्रवेश करते है और सूर्य सामान्यतः 14 जनवरी या 15 जनवरी तक मकर राशी ( Capricorn ) में आ जाते है |

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मकर संक्रान्ति ( makar sankranti) 14 जनवरी को है या 15 जनवरी को है ?

(makar sankranti 2021 ) हिन्दू धर्म के प्रमुख पर्वों में से एक मकर सक्रांति पर्व है ,मकर संक्रांति पर्व को ही खिचड़ी (Khichdi) के नाम से भी जाना जाता है | सूर्य के एक राशि से दूसरी में प्रवेश करने को संक्रांति कहते हैं और मकर संक्रांति के दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है। 

मकर संक्रान्ति पर्व के  दिन सूर्य 12 राशियों में दसवी राशी यानि मकर राशी में प्रवेश करते है और सूर्य सामान्यतः 14 जनवरी या 15 जनवरी तक धनु राशि से मकर राशी ( Capricorn ) में आ जाते है | इस दिन स्नान, दान और भगवान सूर्यदेव की उपासना करने का विशेष महत्त्व है। 

मकर संक्रान्ति ( makar sankranti) 14 जनवरी को या 15 जनवरी को है 

वर्ष 2020 में सूर्य मकर राशि में 15 जनवरी को प्रवेश किया था इसलिए मकर संक्रान्ति ( makar sankranti) 15 जनवरी को मनाई गयी थी     किन्तु वर्ष 2021 में सूर्य मकर राशि में 14 जनवरी को 8:30 am को आएं है तो जो लोग उदय तिथि के अनुसार मकर संक्रान्ति ( makar sankranti) मानते है वो लोग 15 जनवरी 2021 को ही मकर संक्रान्ति ( makar sankranti) मनायेंगे किन्तु जो ये नियम नही मानते हैं वो 14 जनवरी 2021 को मकर संक्रान्ति ( makar sankranti) मनायेंगे । 

चूँकि हिन्दू धर्म में अनेक संस्कृतियाँ है जिनका विस्तार भारत और भारत से बाहर के देशों में भी है जैसे नेपाल ,थाईलैंड म्यांमार, श्रीलंका, कम्बोडिया में इसलिए मकर सक्रांति पर्व भारत के साथ साथ इन देशों में भी मनाया जाता है। 

ये बात अलग है कि वहां इस पर्व को अलग अलग नामों से जाना जाता है | जैसे नेपाल  में माघे संक्रान्ति या ‘माघी संक्रान्ति कहा जाता है थाईलैण्ड  में इसे सोंगकरन कहा जाता है म्यांमार  में  थिंयान,श्री लंका में पोंगल, उझवर या तिरुनल और कम्बोडिया में मकर संक्रांति को  मोहा संगक्रान कहा जाता है । 

भारत में मकर संक्रान्ति ( makar sankranti) कहाँ कहाँ मनाई जाती है 

भारत में मकर संक्रान्ति ( makar sankranti)  राजस्थान , उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब,जम्मू –कश्मीर,उत्तराखण्ड, ,बिहार, झारखण्ड, पश्चिम बंगाल, ओड़ीसा असम, मणिपुर, सिक्किम, गुजरात, महाराष्ट्र गोआ,आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, और  केरल इतियादि राज्यों में मनाया जाता है। 

हिन्दू धर्म में सूर्य का धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश इसलिए भी मतवपूर्ण है क्यूंकि इस समय सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायन हो जाता है और उत्तरायन में पड़ने वाले दिनों को देवताओं का दिन माना जाता है और दक्षिणायन को देवताओं की रात्रि माना जाता है। 

वैदिक काल में उत्तरायन को देवयान तथा दक्षिणायन को पितृयान कहा जाता था ।  उत्तरायन में सभी शुभ कार्य करें जाते हैं। 

क्या करें मकर संक्रान्ति ( makar sankranti) को

मकर संक्रान्ति ( makar sankranti) के दिन प्रातःकाल उठ कर शरीर पर उबटन आदि लगाकर पवित्र स्थलों (तीर्थ स्थलों ) के जल (जैसे हरिद्वार ,काशी , प्रयाग के संगम इतियादी ) को अपने स्नान के जल में मिलकर मिश्रित जल से स्नान करें। 

यदि पवित्र स्थलों( तीर्थ ) का जल न मिलें तो दूध, दही अपने स्नान के जल में मिलकर से स्नान करना चाहिए।  

स्नानादि करने के बाद सूर्यदेव की आराधना करे जिसमे आप अपनी राशि या लग्न के अनुसार सूर्यदेव के मंत्रो का 108 बार उच्चारण भी  कर सकते है । 

makar sakranti

मकर संक्रान्ति ( makar sankranti) पर सूर्यदेव के मन्त्रों का जाप 

मेष (Aries ) राशी या लग्न वाले
ॐ अचिंत्याय नम: का जाप करें । 

वृष (Tauras ) राशी या लग्न
वाले ॐ अरुणाय नम: का जाप करें । 

मिथुन (Gemeni ) राशी या लग्न
वाले ॐ आदि-भुताय नम: का जाप करें । 

कर्क (Cancer ) राशी या लग्न
वाले ॐ वसुप्रदाय नम: का जाप करें । 

सिंह (Leo ) राशी या लग्न वाले
ॐ भानवे नम: का जाप करें । 

कन्या (Virgo ) राशी या लग्न
वाले ॐ शांताय नम: का जाप करें । 

तुला (Libra ) राशी या लग्न
वाले ॐ इन्द्राय नम: का जाप करें । 

वृश्चिक ( Scorpio ) राशी
या लग्न वाले ॐ आदित्याय नम: का जाप करें । 

धनु (Sagittarius) राशी या लगना वाले ॐ अचिंत्याय नम: का जाप करें । 

मकर (Capricorn )राशी या लग्न
वाले ॐ सहस्र किरणाय नम: का जाप करें । 

कुम्भ (Aquarius)राशी या लग्न वाले ॐ ब्रह्मणे दिवाकर नम:  का जाप करें । 

और

मीन ( Pisces) राशी या लग्न
वाले ॐ जयिने नम: का जाप करें । 

और यदि कोई मंत्र नही समझ में आ रहा है या किसी मंत्र को पढ़ने में कठिनाई का अनुभव हो रहा हो तो ॐ घृ‍णिं सूर्याय नम: का जाप भी कर सकते है जोकि सरल और अति सिद्ध मंत्र है। 

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