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शनि गुरु का महामिलन:union of saturn & jupiter

Union of Saturn & Jupiter ,गुरु और शनि का ऐसा संयोग आज के बाद 15  मार्च 2080 के दिन दुबारा दिखाई पड़ेगा इसलिए जो अंतरिक्ष में घटने वाली खगोलीय घटनायो को देखने के शौक़ीन है वो इन 2 बड़े ग्रहों के आपस में मिलन को आज की रात आसमान में देख सकते है…

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शनि गुरु का महामिलन:17वीं सदी के बाद dec 2020 में…

(smallest day of the year)(union of saturn & jupiter)

साथियों इतना तो हम सभी जानते है कि ब्रह्माण्ड में जो 9 ग्रह है उनमे बृहस्पति और शनि 2 बड़े ग्रह है और इन्हें ही अंग्रेजी भाषा में हम Jupiter और Saturn के नाम से जानते है और ज्योतिष में  जिन साथियों की रुचि होती है, उनका इस बात पर अवश्य ही ध्यान रहता है कि वर्तमान में कौन सा ग्रह किस अवस्था में है तो मित्रों हम आपको बता देना चाहते है कि वर्तमान में बृहस्पति और शनि ग्रह एक दूसरे के बहुत ही पास आ गये है ।

union of saturn & jupiter

आज के दिन यानि 21 दिसम्बर 2020 को गुरु बृहस्पति और शनि एक दूसरे के बहुत ही निकट पहुँच चुके है , इस बात को हम इस प्रकार से समझ सकते है कि इससे पहले 17 जुलाई 1623 के दिन बृहस्पति और शनि एक दूसरे के बहुत पास आये तो थे लेकिन उस समय भी इन दोनों ग्रहों में 13 डिग्री का अंतर था लेकिन आज यानि 21 दिसम्बर 2020 के दिन गुरु बृहस्पति और शनि के बीच की दूरी मात्र ०.1 डिग्री रह गयी है ।

गुरु और शनि का ऐसा संयोग आज के बाद 15  मार्च 2080 के दिन दुबारा दिखाई पड़ेगा इसलिए जो अंतरिक्ष में घटने वाली खगोलीय घटनायो को देखने के शौक़ीन है वो इन 2 बड़े ग्रहों के आपस में मिलन को आज की रात आसमान में देख सकते है , गुरु और शनि के इस संयोग को देखने के लिए किसी भी उपकरण जैसे दूरबीन इतियादी की आवशकता नही है , आप इसे नंगी आँखों से भी देख सकते है लेकिन यदि आप इसे अधिक स्पष्ट देखना चाहते है तो दूरबीन ( telescope ) से भी देख सकते है ।

ज्योतिष के जानकार और इसमें रूचि रखने वाले ये जानते है कि नीच के गुरु यानि बृहस्पति के कारण हमारे जीवन में अनेक समस्या आ जाती है जैसे शिक्षा यानि पढाई लिखाई में बाधा आना , स्वास्थ्य , धार्मिक  क्रियाकलापों  में परेशानी , परिवार का विस्तार जैसे परिवार में  विवाह आयोजन या संतान प्राप्ति जैसे  आयोजनों के लिए हमारी कुंडली में बृहस्पति का अच्छा होना बहुत ही आवश्यक है ।

इन सब घटनाओं में अच्छी बात ये है की बृहस्पति जहा मकर राशि में नीच के हो गये है वहीं मकर राशि के स्वामी शनिदेव अपने ही घर यानि मकर में बैठे है, जिससे गुरु बृहस्पति नीच के है तो मकर राशि में शनिदेव के स्वंम बैठने से नीचभंग योग की उत्पत्ति हो  रही है जिससे जनसाधारण को अधिक कष्ट की अनुभूति नही होगी ।

आने वाले वर्ष 2021 के अप्रैल माह में गुरु बृहस्पति मकर रशि में से निकल कर कुम्भ राशी में आ जायेंगे तब बृहस्पति को अपने नीचत्व से मुक्ति मिलेगी इसके साथ ही बृहस्पति से पीड़ित लोगों के कष्ट भी कम होंगे । गुरु बृहस्पति के कष्टों से मुक्ति पाने के लिए खाने की पीली वस्तुओं का दान करे , विष्णु जी के अथवा श्री कृष्णा जी मंदिर जाए ।

गुरु बृहस्पति जहां धनु और मीन राशियों के स्वामी होते है वहीँ शनि मकर और कुम्भ राशि के स्वामी है । मकर और कुम्भ लग्न के लोगों के लिए वर्तमान और आने वाले कुछ वर्ष अच्छे रहेंगे क्योंकि 29 अप्रैल 2022 को शनिदेव कुम्भ राशि और 29 मार्च 2025 को मीन राशि में जायेंगे अर्थात 29 मार्च 2025 तक शनिदेव अपनी ही राशि में रहेंगे ।

वर्ष का सबसे छोटा दिन ( smallest day of the year ) 

आज यानि 21 दिसंबर को वर्ष का सबसे छोटा दिन और सबसे बड़ी रात भी होती है

(union of saturn & jupiter )

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