नाम के पहले अक्षर के अनुसार भाग्यशाली पेड़ पौधे

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lucky plants in front of the house

हमारे नाम के पहले अक्षर के अनुसार भाग्यशाली वृक्ष 

मित्रो प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में सफलता चाहता है,सुख समृद्धि चाहता और इन सबको पाने का प्रयास भी करता है | इन लोगो में से कुछ को सफलता मिल भी जाती है लेकिन जिन लोगो को मनचाही सफलता ,सुख- समृद्धि नही मिलती है वो अपने जीवन से दुखी होते है और अपने भाग्य को कोसते है| साथियों अपना जीवन सफल बनाने के लिए हम अनेक तरीके अपनाते है जिसमे ज्योतिष, वास्तु, तंत्र मंत्र, अंक शास्त्र और टोटके इतियादी आती है आते है| इन्ही में से नक्षत्र वनस्पति के अनुसार हमे पता चलता है की हमारे नाम के पहले अक्षर के अनुसार कौन सी वनस्पति हमारे लिये भाग्यदायक है | मित्रो हमारा नाम का आरम्भ किसी न किसी अक्षर से ही होता है और प्रत्येक अक्षर किसी न किसी नक्षत्र में आता है| इस बात को ऐसे समझे प्रत्येक नक्षत्र में चार पद / चरण होते है और प्रत्येक पद / चरण एक अक्षर से जुड़ा होता है और इन्ही अक्षरों पर हमारा नामकरण होता है| अब कौन सा अक्षर किस नक्षत्र में आता है और किस नक्षत्र के व्यक्ति के लिए कौन सी वनस्पति लाभदायक , भाग्यवर्धक होती है ,

आइये जाने अपने नाम के पहले अक्षर के अनुसार हमे कौन सा पेड़-पौधे लगाने चाहिए:-

(lucky tree for home)

क्र. 

  आपके नाम का प्रथम अक्षर 

नक्षत्र 

नक्षत्र देवता 

नक्षत्र वनस्पति 

1

चू, चे, चो ,ला 

अश्विनी

अश्विनी कुमार 

बांस , कुचला 

2

ली , लू , ले, लो

भरणी

यम

आंवला , फालसा 

3

अ, इ , ऊ ,ऐ 

कृतिका

अग्नि 

गूलर 

4

ओ , वा , वी, वू

रोहिणी

ब्रह्मा 

जामुन या तुलसी जी 

5

वे , वो , का ,की     

मृगशिरा

चन्द्र 

खैर 

6

कू, घ ,ड, छ   

आर्द्रा

शिव 

बहेड़ा 

7

के , को , ह, हि

पुनर्वसु

अदिति 

बांस 

8

हु , हे, हो, डा

पुष्य

गुरु 

पीपल 

9

डी, डु, डे, ड़ो

अश्लेषा

सर्प 

नागकेसर ,चमेली 

10

मा, मी , मू, मे

मघा

पितृ 

बरगद 

11

मो, टा, टी, टू  

पूर्व फाल्गुनी

भग (धन व ऐश्वर्य के देवता)

पलास 

12

टे, टा, टी , टू  

उत्तरफाल्गुनी

आर्यमान

पाकड़ 

13

पू , ष, ण, ठ

हस्त

सूर्य 

रीठा 

14

पे , पो , रा , री

चित्रा

विश्वकर्मा 

नारियल,बेलपत्र 

15

रू, रे , रो ,ता

स्वाति

वायु देव 

अर्जुन 

16

ती, तू, ते , तो

विशाखा

इन्द्राग्नी

बबूल 

17

ना , नी , नू , ने

अनुराधा

मित्र देव 

मौलश्री ,नागकेशर 

18

नो , या , यी , यू

ज्येष्ठा

इंद्र 

देवदार , सेमल,चीड़ 

19

ये , यो , भा , भी     

मूल

निऋति(एक राक्षस )

साल 

20

भू , ध, फ , ढ

पूर्व-आषाढ़

जल 

अशोक 

21

भे ,भो , ज , जी

उत्तराषाढ़

विश्वदेव 

कटहल 

22

खी , खू , खे , खो

श्रवण

विष्णु 

आक,मदार 

23

ग , गी गू , गे 

धनिष्ठा

वसु 

शमी 

24

गो , सा , सी , सू

शतभिषा

वरुण 

कदम्ब 

25

से , सो , दा दी

पूर्वभाद्रपद

आजैकपद

आम

26

 दू, थ, झ, ञ   

उत्तरभाद्रपद

अहिर्बुधन्य

नीम

27

दे, दो, चा, ची  

रेवती

पूषा

महुआ

यहाँ एक बात स्पष्ट कर देना चाहते है कि ये नक्षत्र अक्षर आपके नाम का पहले अक्षर के अनुसार होगा जैसे किसी का नाम लोकेन्द्र हो तो नाम का पहला अक्षर  लो हुआ जो कि भरणी नक्षत्र के 4 चरण में से अंतिम चरण का अक्षर है, इसलिए भरणी नक्षत्र के अनुसार आंवला भाग्यशाली वृक्ष है| यहाँ नाम  का पहला अक्षर चन्द्र राशी से लेना है अर्थात जब हमारा जन्म हुआ तो चंद्रमा जिस राशी के जिस नक्षत्र के जिस चरण / पद में होंगे उस चरण / पद का पहला अक्षर ,जिस नक्षत्र में आएगा उस नक्षत्र से हम हमारे लिए कौन सा भाग्यशाली वृक्ष है , ये जान सकते है |

Remark :-वैसे भी मित्रो प्रसन्न रहने के लिए बुद्ध ग्रह का मजबूत होना आवश्यक है और बुद्ध अच्छा करने के लिए वृक्ष लगाये , वृक्षों की सेवा करे , इससे हमारे भाग्य के साथ साथ पर्यावरण भी अच्छा होगा |

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