माँ लक्ष्मी जी की आरती 

Maa_Laxmi
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माँ लक्ष्मी जी की आरती 

(goddess lakshmi prayer)

साथियों हिन्दू धर्म में होने वाले किसी भी पूजन में सबसे पहले गणेशजी का नाम लिया जाता है, इनकी आरती की जाती है और पूजन की संपूर्णता के लिए प्रभु श्रीहरिविष्णु की आरती की जाती है, किन्तु …चाहे गणेशजी की पूजा हो या विष्णु जी की, इनके साथ माँ लक्ष्मी पूजन होना अति आवश्यक है क्योकि माँ लक्ष्मी धन और वैभव की देवी है और धन और वैभव के बिना कोई भी पूजा जैसे संपन्न होगी ? तो आइये करते है माँ लक्ष्मी की आरती :-

( जिनकी राशी या लग्न वृष या तुला हो उनके लिए माँ लक्ष्मी का पूजन बहुत फलदायी होता है )

ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता

तुमको निशदिन सेवत, मैया जी को निशदिन सेवत हरि विष्णु विधाता

ॐ जय लक्ष्मी माता-2

उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता

सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता

ॐ जय लक्ष्मी माता-2

दुर्गा रूप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता

जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता

ॐ जय लक्ष्मी माता-2

तुम पाताल-निवासिनि, तुम ही शुभदाता

कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी, भवनिधि की त्राता

ॐ जय लक्ष्मी माता-2

जिस घर में तुम रहतीं, सब सद्गुण आता

सब सम्भव हो जाता, मन नहीं घबराता

ॐ जय लक्ष्मी माता-2

तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता

खान-पान का वैभव, सब तुमसे आता

ॐ जय लक्ष्मी माता-2

शुभ-गुण मन्दिर सुन्दर, क्षीरोदधि-जाता

रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता

ॐ जय लक्ष्मी माता-2

महालक्ष्मीजी की आरती, जो कोई नर गाता

उर आनन्द समाता, पाप उतर जाता

ॐ जय लक्ष्मी माता-2

ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता

तुमको निशदिन सेवत,

मैया जी को निशदिन सेवत हरि विष्णु विधाता

ॐ जय लक्ष्मी माता-2

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