9 super hot summer days- Nautapa kya hota hai – क्या होता है नौतपा, कौन से दिन नवतपा या नौतपा कहलाते हैं ?

Nautapa क्या होता है नौतपा
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9 super hot summer days– Nautapa kya hota hai – क्या होता है नौतपा, कौन से दिन नवतपा या नौतपा कहलाते हैं ?

क्या होता है नौतपा (nautapa ) ? जब ज्येष्ठ माह के शुक्लपक्ष की तृतीया तिथि को सूर्य कृतिका से रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते है और जब तक इस नक्षत्र में रहते है तब तक के 9 दिनों को नौतपा कहते है।

नौतपा वर्ष के वह 9 दिन होते है जब सूर्य  पृथ्वी के सबसे निकट रहता है जिस कारण से इन 9 दिनों में भीषण गर्मी पड़ती है इसी कारण से इसे नौतपा कहते हैं।

अनेक ज्योतिष मानते हैं कि यदि नौतपा के सभी दिन बहुत गर्मी हो यानि ये दिन अच्छे से तपें  तो यह अच्छी बारिश का संकेत होता है। सूर्य के वृष राशि के 10 अंश से 23 अंश 40 कला तक नौतपा कहलाता है।

नौतपा में तेज गर्मी रहने के कारण बारिश के अच्छे योग बनते है। इसका कारण यह है कि इस दौरान सूर्य की लंबवत किरणें धरती पर पड़ती हैं।

क्या होता है नौतपा

नौतपा को हम ऐसे भी समझ सकते है कि चंद्रमा जब ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष में आर्द्रा से स्वाति नक्षत्र तक हो एवं तीव्र गर्मी पड़े तो वह नवतपा है। इस अवधि में सूर्य पृथ्वी के सबसे निकट रहता है जिस कारण से इन 9 दिनों में भीषण गर्मी पड़ती है इसी कारण से इसे नौतपा कहते हैं।

जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में 15 दिनों के लिए आता है तो उन पंद्रह दिनों के पहले नौ दिन सर्वाधिक गर्मी वाले होते हैं। इन्हीं आरंभिक नौ दिनों को नौतपा के नाम से जाना जाता है।

खगोल विज्ञान के अनुसार, इस दौरान धरती पर सूर्य की किरणें सीधी लम्बवत पड़ती हैं। जिस कारण तापमान अधिक बढ़ जाता है।

रोहिणी नक्षत्र का अधिपति ग्रह चंद्रमा होता है। सूर्य तेज और प्रताप का प्रतीक माना जाता है जबकि चंद्र शीतलता का प्रतीक होता है। सूर्य जब चंद्र के नक्षत्र रोहिणी में प्रवेश करता है तो सूर्य इस नक्षत्र को अपने प्रभाव में ले लेता है जिसके कारण ताप बहुत अधिक बढ़ जाता है। इस समय ताप बढ़ जाने के कारण पृथ्वी पर आंधी आने लगती है। 

एक दूसरे दृष्टिकोण आइये जानते है क्या होता है नौतपा (nautapa ) : चंद्रमा जब ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष में आर्द्रा से स्वाति नक्षत्र तक अपनी स्थितियों में हो एवं तीव्र गर्मी पड़े तो उन दिनों को नवतपा है।

सूर्य वृष राशि में ही पृथ्वी पर आग बरसाता है और खगोल शास्त्र के अनुसार वृषभ तारामण्डल में  कृतिका, रोहिणी और मृगशिरा नक्षत्र आते हैं जिसमें कृतिका – सूर्य, रोहिणी – चंद्र, मृगशिरा – मंगल के अधिकार वाले नक्षत्र हैं इन तीनों नक्षत्रों में स्थित सूर्य गरमी अधिक  देते हैं 

पौराणिक परंपरा के अनुसार क्या होता है नौतपा (Nautapa)

नौतपा के समय महिलाएं हाथ पैरों में मेहंदी लगाती हैं। क्योंकि मेहंदी की प्रकृति ठंडी होने से तेज गर्मी से मुक्ति मिलती है। इन दिनों में पानी खूब पिया जाता है और जल का दान भी किया जाता है ताकि पानी की कमी से लोग अस्वस्थ न हो। इस तेज गर्मी से बचने के लिए दही, मक्खन और दूध का उपयोग अधिक  किया जाता है। इसके साथ ही नारियल पानी और ठन्डे पदार्थों का सेवन किया जाता है 

Uttarayan Dakshinayan

शुक्र तारा अस्त होने का प्रभाव से नौतपा 

इस बार नौतपा के दौरान 30 मई को शुक्र ग्रह वक्री होकर अपनी ही राशि में अस्त हो जाएगा और सूर्य के साथ रहेगा। रोहिणी नक्षत्र का का स्वामी ग्रह चंद्रमा है। सूर्य के साथ शुक्र भी वृषभ राशि में रहेगा।

शुक्र रस प्रधान ग्रह है, इसलिए वह गर्मी से मुक्ति भी दिलाएगा। इसलिए देश के कुछ हिस्सों में बूंदाबांदी और कुछ जगहों पर तेज हवा और आंधी-तूफान के साथ बारिश होने की संभावना अधिक  है।

नौतपा के अंतिम दो दिन तेज हवा-आंधी चलने व बारिश होने के भी योग बन रहे हैं। वराहमिहिर के बृहत्संहिता ग्रंथ में ने बताया है कि ग्रहों के अस्त होने से ऋतू में बदलाव होता है।

नौतपा (Nautapa) से बारिश के योग

इस वर्ष प्रमादी नामक संवत्सर के राजा बुध है और रोहिणी का निवास संधि में है। इससे बारिश तो समय पर आ जाएगी किंतु कहीं पर अधिक  तो कहीं पर कम बारिश हो सकती है। इस बार देश के रेगिस्तानी और पर्वतीय इलाकों में अधिक बारिश हो सकती है।

बारिश के कारण अनाज और धान की पैदावार अच्छी रहेगी। धान्य, दूध व पेय पदार्थों में तेजी रहेगी। जौ, गेहूं, राई, सरसों, चना, बाजरा, मूंग की पैदावार आशानुकूल होगी।

पितृ दोष (pitra dosh)Solar Eclipse सूर्य ग्रहण 2022

क्या होता है नौतपा जब में शरीर में हो जाती है पानी कमी अर्थात डिहाइड्रेशन

नौतपा में में शरीर में पानी की अर्थात डिहाइड्रेशन हो जाता है जिससे लोगों को डायरिया, पेचिस, उल्टियां होने लगती है अतः खीरा, ककड़ी, तरबूज, खरबूजे, नीम्बू पानी, लस्सी, मट्ठा (छांछ),  का भरपूर प्रयोग करें और घर से  बाहर निकलते समय सिर को ढक कर रखें 

अब प्रश्न यह कि इन तीनों नक्षत्रों में सर्वाधिक गरम नक्षत्र अवधि कौन होगा इसके पीछे खगोलीय आधार है इस अवधि मे सौर क्रांतिवृत्त में शीत प्रकृति रोहिणी नक्षत्र सबसे निकट का नक्षत्र होता है।

आज  आपने जाना क्या होता है नौतपा (nautapa )

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