Monday, February 6
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किसने दिया शनि को श्राप who cursed shani dev

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किसने दिया शनि को श्राप who cursed shani dev

किसने दिया शनि को श्राप (who cursed shani dev) : सूर्य पुत्र शनि देव भाग्य के स्वामी के साथ साथ दंडाधिकारी भी माने जाते हैं और प्रत्येक व्यक्ति को उसके द्वारा किए गये अच्छे और बुरे कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं। शनि को क्रूर ग्रह ऐसे ही नहीं कहा जाता है क्योंकि शनि एक बार किसी की कुंडली में अशुभ हो जाएँ तो वो मनुष्य विभिन्न कष्टों से पीड़ित हो जाता है.

यदि शनि कुपित हो जायें तो कठिनाईयां उस मनुष्य का पीछा ही नहीं छोड़ती हैं। शानि उस व्यक्ति के जीवन को अस्त व्यस्त कर देते हैं ,यदि  किसी मनुष्य के द्वारा भूलवश भी कोई गलती हो जाये तो वो शनि देव के दण्ड का भागी बन जाता है ।

शनि देव के दंड से मनुष्य क्या देवता भी डरते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं शनि देव इतने क्रूर क्यों हैं , पौराणिक कथाओं के अनुसार शनि देव के क्रूर होने के पीछे शनि देव को मिला हुआ श्राप है 

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आइए जानते हैं इस पौराणिक कथा के अनुसार 

किसने दिया शनि को श्राप

ब्रह्मपुराण के अनुसार, शनि देव सूर्य और छाया के पुत्र है, बचपन मे शनि देव भगवान कृष्ण के बड़े भक्त थे और उनका अधिकतर समय कृष्ण की  पूजा उपासना में ही बीतता था , जब  शनि देव बड़े हुए तो उनके पिता ने उनका विवाह चित्ररथ की पुत्री से कर दिया, शनि देव की पत्नी एक धर्म परायण विचारधारा की तेजस्विनी स्त्री थीं और दोनों ही प्रभु भक्ति मे लीन रहते थे.

लेकिन एक रात्रि पुत्र प्राप्ति की कामना से शनि देव की पत्नी स्नान करके शनि देव के निकट आ गईं। लेकिन प्रभु भक्ति मे लीन शनि देव ने उनकी ओर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया, इसे शनि देव की पत्नी ने अपना अपमान समझ क्रोध मे अपने ही पति शनि देव को श्राप दे दिया, उन्होंने श्राप देते हुए कहा कि आज के बाद जिस पर व्यक्ति पर भी आप दृष्टि डालेंगे वो व्यक्ति विभिन्न दुख और कष्टों से पीड़ित हो जाएगा , आपकी दृष्टि उस व्यक्ति के विनाश का कारण बनेगी .

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शनि देव की पत्नी का पछतावा

जब शनि देव तपस्या करने के बाद उठे तब उन्होंने अपनी पत्नी को न देखने का कारण बताया और अपनी गलती की क्षमा मांगी। शनि देव की पत्नी को भी अपनी गलती का अनुभव हो चुका था लेकिन दिए गये श्राप को निष्फल नहीं किया जा सकता था , इसलिए उस दिन से शनि देव अपना सिर नीचे करके चलने लगे, क्योंकि वो जानते थे कि उनकी दृष्टि किसी के विनाश का कारण बनेगी

इसीलिए ज्योतिष मे कहा जाता है कि शनि की टेढ़ी दृष्टि जिस मनुष्य या राशि पर पड़ती है , उस व्यक्ति के जीवन से सुख संपन्नता और प्रसन्नता समाप्त हो जाती है. उस मनुष्य का विनाश होने लगता है,  उसे अपनी नौकरी, व्यापार आदि में भारी हानि होने लगती है. भरपूर प्रयासों के बाद भी उसके जीवन से दुख दूर होने के नाम नहीं लेते हैं .

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