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Radha Rani Temple Barsana:राधा रानी मंदिर बरसाना यानि लाड़लीजी या श्रीजी मंदिर,बरसाने की होली,इतिहास,दर्शन समय और जाने अष्टसखी मंदिर

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Radha Rani Temple Barsana:राधा रानी मंदिर बरसाना यानि लाड़लीजी या श्रीजी मंदिर,बरसाने की होली,इतिहास,दर्शन समय और जाने अष्टसखी मंदिर

उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में बरसाना राधा रानी का जन्म स्थल माना जाता है जहाँ स्थित है राधा रानी मंदिर बरसाना ( Radha Rani Temple Barsana) जो एक 250 मीटर ऊँची पहाड़ी पर स्थित है, कुछ लोगों के अनुसार ये पहाड़ी बरसाने का माथा है।

इस राधा रानी मंदिर को ‘बरसाने की लाडली का मंदिर’ और ‘राधा रानी का महल’ और बरसाना मंदिर भी कहा जाता है। लोग इसे प्रेम से लाड़लीजी और श्रीजी मंदिर भी कहते हैं। 

यह मंदिर हिन्दू धर्म का एक पवित्र धार्मिक स्थल है। राधा रानी मंदिर बरसाना ( Radha Rani Temple Barsana) एक पहाड़ी के उपर स्थित एक अत्यंत सुंदर मंदिर है। ऐसा माना जाता है कि भाद्रपद माह में शुक्लपक्ष की अष्टमी को यहाँ राधा जी का जन्म हुआ था। इसीलिए इस दिन यहाँ राधाष्टमी का पर्व धूम धाम से मनाया जाता है।

राधा रानी मंदिर बरसाना मंदिर के चारो ओर अनेक धार्मिक-आध्यात्मिक स्थल और मंदिर हैं । राजा वीरसिंह ने इस मंदिर को लाल पीले पत्थरों से बनवाया था। राधा रानी मंदिर बरसाना ( Radha Rani Temple Barsana) मंदिर के निकट चार पहाड़  जिनके नाम भानुगढ़,विलासगढ़, दानगढ़ और मानगढ़ है जिन्हें ब्रह्माजी के चार मुख कहते हैं । 

ऐसा कहा जाता है की श्री कृष्ण के पिता नंद जी गोकुल के मुखिया थे और राधा के पिता वृषभानु जी रावल के मुखिया थे और ये दोनो ही बहुत अच्छे मित्र थे।

श्री कृष्ण के मामा मथुरा के राजा कंस के अत्याचारों से गोकुल और रावल दोनो ही स्थानों के निवासी गोकुल और रावल छोड़कर नंदगांव और बरसाना में आकर बस गए।

नंदगांव के मंदिर को नंदभवन और बरसाना के मंदिर को राधा रानी मंदिर कहा जाता है। इन दोनों ही स्थानों पर राधा कृष्ण के अनेक मंदिर हैं ।

चूंकि मंदिर पहाड़ी की चोटी पर स्थित है इसलिए मंदिर के परिसर से पूरे बरसाना को देखा जा सकता है। 

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राधा रानी मंदिर बरसाना का इतिहास

History of Radha Rani Temple Barsana

ऐसा कहा गया है कि राधा रानी मंदिर बरसाना ( Radha Rani Temple Barsana) का निर्माण सर्वप्रथम लगभग 5000 वर्ष पूर्व राजा वज्रनाभ जोकि भगवान् श्री कृष्ण के परपोते थे के द्वारा किया गया था। राधा रानी मंदिर बरसाना मंदिर 250 फीट ऊंची पहाड़ी पर स्थित है।

कुछ वर्षों बाद ये मंदिर खंडहर में बदल गया था और लोगों का यहाँ आना जाना बंद हो गया, तब बाद में प्रतीक नारायण भट्ट द्वारा इसे पुनः खोजा गया और राजा वीर सिंह द्वारा 1675 ईस्वी में इसे एक बार फिर बनाया गया।

राधा रानी मंदिर बरसाना की वर्तमान स्वरुप का निर्माण नारायण भट्ट ने राजा टोडरमल की सहायता से किया था । इस मंदिर के निर्माण में लाल और सफेद पत्थरों का प्रयोग किया गया है

राधा रानी मंदिर बरसाना ( Radha Rani Temple Barsana) में मेहराबों, स्तंभों की बनावट और निर्माण में किये गए लाल बलुआ पत्थरों के प्रयोग में मुगल काल का प्रभाव दिखता है। लाल बलुआ पत्थरों से बने इस मंदिर की आंतरिक दीवारों और छत पर हाथ से सुंदर नक्काशी की गयी है , सुंदर मेहराब और गुंबद बनायें गएँ हैं ।

लोगों के अनुसार मंदिर में लगे लाल और सफेद पत्थर , राधा और कृष्ण के प्रेम का प्रतीक हैं ।

राधा रानी मंदिर बरसाना में कितनी सीढ़ियां हैं?

How many steps are there in Radha Rani Temple Barsana?

राधा रानी मंदिर बरसाना जाने के लिए 200 से अधिक सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं जो जमीन से मुख्य मंदिर की ओर जाती हैं। मंदिर की ओर जाने वाली सीढ़ियों के तल पर वृषभानु महाराज का महल स्थित है जिसमे वृषभानु महाराज ( राधा जी के पिता ), कीर्ति (राधाजी की माता ), श्रीदामा (राधा की सहोदर) और श्री राधिका की मूर्तियां लगी हैं।

वृषभानु महाराज के इस महल के निकट ही ब्रह्मा जी का मंदिर और अष्टसखी मंदिर है,

अष्टसखी मंदिर : राधा जी और उनकी अष्ट सखियों का मंदिर 

Ashtasakhi Temple: Temple of Radha ji and her eight friends

अष्टसखी मंदिर में राधा जी और उनकी प्रमुख सखियों की मूर्तिया लगी हैं । राधा जी और उनकी अष्ट सखियों में से ललिता और विशाखा को मुख्य सखी माना जाता है। इन अष्ट सखियाँ इस प्रकार हैं : ललिता, विशाखा, चंपकलता, चित्रा, तुंगविद्या , इंदरलेखा, रंगदेवी, सुदेवी।

श्री कृष्ण और उनके सखा गोपियों की मटकियां फोड़कर दूध दही चुरा लेते थे। गोपियां दूध दही लेकर जिस मार्ग से जाती थी वो मार्ग आज भी यहाँ स्थित है जिसे सांकरी खोर मार्ग या सँकरी गली के नाम से जाना जाता है। ये स्थान आज भी दो पहाड़ियों के बीच में स्थित है।

राधा रानी मंदिर बरसाना की कहानी 

Story of Radha Rani Temple Barsana

एक पौराणिक कथा के अनुसार भगवान् ब्रह्मा जी ने प्रभु श्री कृष्ण की लीलाएं के विस्याय में बहुत सुना था इसलिए वो भी प्रभु श्री कृष्ण की लीलाओं का आनंद लेने के लिए व्रज में निवास करना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने भगवान् श्रीहरि विष्णु जी से प्रार्थना की थी क्योंकि वो ब्रज में राधा जी तथा गोपियों के साथ रास लीलाओं का आनंद लेना चाहते थे 

उनकी प्रार्थना सुन भगवान विष्णु जी ने ब्रह्मा जी से कहा कि आप द्वापर युग में ब्रज में व्रजभानुपुर में पर्वत का रूप धारण करेगें और उस पर्वत पर मैं राधा जी और गोपियों के साथ रास लीलाएं करूंगा तब आप मेरी रास लीलाओं का आनंद ले सकेंगे , चूँकि वो स्थान पर्वत होगा इसलिए वर्षाऋतु में भी सुरक्षित रहेगा ।

इसके बाद ब्रह्मा जी बरसाना में ब्रह्माचंल पर्वत के रूप में विराजमान हो गये। ब्रह्मा जी के साथ ऋषि-मुनि और भक्त भी अपनी तपस्या के बल पर इस ब्रह्माचंल पर्वत पर लता व वृक्ष आदि बन कर विराजित हैं और वो श्रीराधाकृष्ण  और अन्य गोपियों की दिव्य रास लीलाओं का आनन्द नित्य लेते हैं। ऐसा कहा गया है कि ब्रह्माचंल और उसके ऊपर लता व् वृक्ष आदि सभी अति पवित्र ,पूजनीय है।

राधाष्टमी के पर्व के दिन राधाजी श्रीकृष्ण भगवान् की पूजा अर्चना की जाती है ,उनको छप्पन भोग भी लगाया जाता है। ये पर्व यहां बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। यहाँ राधाष्टमी से लेकर चतुर्दशी तक मेला लगता है। इन दिनों राधाजी को लड्डुओं का भोग प्रसाद के रूप में लगा कर  फिर उसे मोर को खिलाया जाता है क्योंकि राधाजी श्रीकृष्ण भगवान् को मोर अत्यधिक प्रिय था ।

बरसाना के लोगों के लिए यह स्थान और राधाष्टमी का दिन बहुत महत्वपूर्ण है। इस दिन राधा रानी के मंदिर ( Radha Rani Temple Barsana) को विभिन्न फूलों से सजाया जाता है और राधा रानी और श्री कृष्ण को छप्पन प्रकार के व्यंजनो का भोग लगाया जाता ।

यहां पर कृष्ण जन्माष्टमी, राधाष्टमी ,गोवर्धन पूजा, लट्ठमार होली आदि पर्व महत्वपूर्ण पर्व हैं और पूरी श्रद्धा के साथ मनाए जाते है।  

श्री राधा रानी मंदिर बरसाना ( Radha Rani Temple Barsana), भानुगढ़ पहाड़ियों की चोटी पर स्थित बरसाने की प्रथम पूज्य `प्रेम की देवी` श्री राधा रानी का पहला मंदिर है। 

बरसाने की होली : barsane ki holi

बरसाने में होली पर्व का आयोजन विशेष रूप से किया जाता है क्योंकि यहाँ इस पर्व को सबसे पहले श्री राधा कृष्ण जी ने आरंभ किया था । बरसाने की होली के पर्व पर बहुत श्रद्धालु एकत्रित होते है। इस दिन नंदगांव से गोप बरसाने आते हैं जिनके साथ बरसाने की गोपियां होली खेलती है।

जब गोप यहाँ उपस्थित गोपियों के ऊपर रंग डालते हैं तब गोपियां लाठियो उन्हें मारती है जिसमे उन्हें चोट न लगे इस बात का भी ध्यान रखा जाता है , चूँकि ये होली लाठियों से खेली जाती है इसलिए इसे लठमार होली कहते है।

राधा रानी मंदिर बरसाना में लट्ठमार होली मनाने के लिए देश विदेश के श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। बरसाने की होली प्रति वर्ष होली पर्व के आरंभ होने से एक सप्ताह पहले से लेकर रंग पंचमी तक चलती है।

यहां 45 दिनों तक होली का पर्व मनाया जाता है।

राधा रानी के माता पिता का नाम 

राधा रानी के पिता का नाम वृषभानु और माता का नाम कीर्ति था।

मथुरा से राधा रानी मंदिर बरसाना कितनी दूर है?

राधा रानी मंदिर बरसाना मथुरा रेलवे स्टेशन से 50 किमी दूरी पर स्थित है। इसके अतिरिक्त आप बरसाना मथुरा या वृन्दावन से बस,निजी कार या टैक्सी से पहुंच सकते हैं है।

राधा अष्टमी किस माह में मनाई जाती है?

प्रतिवर्ष श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के 15 दिन बाद राधाअष्टमी पर्व पूरे देश में मनाया जाता है। 

राधा रानी मंदिर बरसाना में दर्शन समय 

barsana temple timings in summer & winter

बरसाना राधा रानी मंदिर में गर्मियों में दर्शन का समय 

5:00 am से लेकर 1:30 pm तक और फिर 4:30 pm से लेकर 9:00 pm तक 

बरसाना राधा रानी मंदिर में सर्दियों में दर्शन का समय 

6:00 am से लेकर 1:00 pm तक और 4:30 pm से लेकर 8:00 pm तक 

Radha Rani Temple Barsanaराधा रानी मंदिर बरसाना

राधा रानी मंदिर बरसाना में कहां रुकें

Where To Stay In Reach Radha Rani Temple Barsanan In Hindi

राधा रानी मंदिर बरसाना में  रूकने के लिए आपको सभी प्रकार की व्यवस्था मिल जाएगी , यदि आप कम खर्च में रहना चाहते है तो अनेक धर्मशाला और आश्रम भी मिल जायेंगे है,  

इसी प्रकार भोजन के लिए भी आपको बरसाना में अनेक छोटे बड़े होटल , रेस्टोरेंट , ढाबे इतियादी मिल जायेंगे जहाँ आपको शुद्ध शाकाहारी भोजन मिल जायेगा ।

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कैसे पहुंचें राधा रानी मंदिर बरसाना

How to reach Radha Rani Temple Barsana in Hindi

राधा रानी मंदिर बरसाना जाने के लिए आप flight ,train और road तीनो ही माध्यम को प्रयोग कर सकते है किन्तु  flight से जाने के लिए पहले आपको निकटतम महानगर आगरा अथवा देश की राजधानी  दिल्ली जाना होगा इसके बाद आप train अथवा road से राधा रानी मंदिर बरसाना जा सकते है | 

आईये जानते है :-

वायुमार्ग से राधा रानी मंदिर बरसाना कैसे पहुंचे

How To Reach Radha Rani Temple Barsana By Air In Hindi

राधा रानी मंदिर बरसाना का निकटतम हवाई अड्डा आगरा महानगर में खेरिया एयरपोर्ट (Kheria Airport) (AGR), है जोकि बरसाना से 115.6 किमी की दूरी पर स्थित है। यह खेरिया एयरपोर्ट (Kheria Airport) (AGR), देश के प्रमुख नगरों जैसे दिल्ली, कोलकाता, वाराणसी और मुंबई से हवाई मार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है। यहां पहुंचने के बाद आप बस या टैक्सी के माध्यम से राधा रानी मंदिर बरसाना ( Radha Rani Temple Barsana) पहुंच सकते हैं।

राधा रानी मंदिर बरसाना के निकट दूसरा हवाई अड्डा दिल्ली में इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है , जो राधा रानी मंदिर से लगभग 150 किमी दूर है।

राधा रानी मंदिर बरसाना के निकट “नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट” जिसे जेवर एअरपोर्ट भी कहा जाता है ,अभी निर्माणाधीन है और इसे स्विस कंपनी ज़्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल ने डिजाइन किया है ,   उत्तर प्रदेश में बनने वाला ये संसार का 5वां सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा ।

वर्तमान में चीन का शंघाई एयरपोर्ट एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट है  जोकि 3988 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है । 5000 हेक्टेयर में बनने वाला “नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट” बनने के बाद एशिया का सबसे बड़ा हवाई अड्डा बन जायेगा ।

ट्रेन से राधा रानी मंदिर बरसाना कैसे पहुंचें

How To Reach Radha Rani Temple Barsanan By Train In Hindi 

राधा रानी मंदिर बरसाना में कोई बड़ा रेलवे स्टेशन नहीं है, यहां का बड़ा  निकटतम रेलवे स्टेशन 50.7  किमी दूर मथुरा में है जिसे मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन ( Mathura Junction Railway Station (Station Code -MTJ) ) के नाम से जाना जाता है और दूसरा मथुरा कैंट ( Mathura Cantt –

Station Code – MRT ) है , आप चाहे तो आगरा के रेलवे स्टेशनों पर भी उतर सकते क्योंकि अनेक ट्रेने आगरा तो आती है लेकिन मथुरा नही जाती हैं और आगरा से बस या टैक्सी से आप बहुत ही सुगमता से वृंदावन आ सकते हैं ।

bus

सड़क मार्ग से राधा रानी मंदिर बरसाना कैसे पहुंचें

How To Reach Radha Rani Temple Barsanan By Road In Hindi

राधा रानी मंदिर बरसाना और मथुरा दोनों ही स्थान राष्ट्रीय राजमार्ग 2 ( National Highway 2 ) से जुड़े हुए है  इसलिए हम कह सकते है कि आप देश के किसी भी कोने से बहुत ही सुगमता से राधा रानी मंदिर बरसाना आ सकते है । यहां का निकटतम बस स्टैंड मथुरा नगर में है 

बरसाना आने के लिए आप दिल्ली , आगरा ,जयपुर  इतियादी सरलता से आ सकते हैं । यहाँ आने के लिए आप  उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम (UPSRTC) की बस का उपयोग भी कर सकते हैं

 

 

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