Sunday, September 25
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चंद्रमा की अन्य ग्रहों से युति moon with different 8 planets (chandrma ki anya 8 grahon se yuti

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चंद्रमा की अन्य ग्रहों से युति moon with different 8 planets (chandrama ki 8 anya grahon se yuti

चंद्रमा (chandrama – moon) की अन्य ग्रहों से युति : ज्योतिष के अनुसार विभिन्न ग्रहों का हम सब के मन मस्तिष्क पर सकरात्मक या नकरात्मक प्रभाव पड़ता है और उसी अनुसार हम अपने जीवन के निर्णय लेते हैं और maihindu.com समय समय पर आपको विभिन्न ग्रहों के प्रभाव के विषय में बताता रहता है , जिस कड़ी में आज हम आपको बता रहे है मनुष्य जीवन पर चंद्रमा का प्रभाव । 

ज्योतिष के अनुसार जिस व्यक्ति के लग्न में चंद्रमा होता है, वो दिखने में सुंदर और आकर्षक होता है साथ ही स्वभाव से शांत और साहसी होता है, ऐसे व्यक्ति की यात्रा करने में रुचि होती है क्योंकि चन्द्रमा एक स्थान पर टिकना पसंद नहीं करते हैं , लग्न में स्थित चंद्रमा वाले व्यक्ति प्रबल कल्पना वाले व्यक्ति होते है और साथ ही संवेदनशील और भावुक होतें हैं । 

लग्न में चंद्रमा वाले लोगों का आर्थिक जीवन कभी कभी थोडा कठिन हो जाता है क्योंकि ये लोग धन संचय करना नही जानते हैं , चंद्रमा को मन का प्रतिनिधि माना जाता है . चन्द्रमा हमारी माता ,मन ,मस्तिष्क ,बुद्धिमता ,स्वभाव के स्वामी होते है और साथ ही जननेन्द्रियों ,प्रजनन सम्बन्धी रोगों,गर्भाशय इत्यादि के भी कारक है । 

चन्द्रमा जल तत्व प्रधान ग्रह है अतः सभी तरल पदार्थ चन्द्र के प्रभाव क्षेत्र में आते हैं जैसे दूध ,घी, दही , लस्सी ,छाछ , तेल और इसके साथ ही बाग-बगीचे,  नमक, समुद्री औषधी, यात्रा, काव्य आदि भी ज्योतिष से जुड़े क्षेत्र ही हैं । 

इस लेख का विषय है चन्द्रमा की अन्य ग्रहों से युति

तो आइये जानते हैं

चंद्रमा की अन्य ग्रहों से युति के परिणाम (Result of moon with different planets)

सूर्य के साथ चंद्रमा की युति (Moon & Sun Conjunction)

जब भी सूर्य के साथ चंद्रमा युति होगी तब आप ये जान ले कि उस व्यक्ति का जन्म अमावस्या के दिन हुआ होगा , अब ये अमावस्या का योग किस भाव में बन रहा है उसी अनुसार इस योग का फल मिलेगा किन्तु सामान्यतः इस योग को अच्छा नहीं माना जाता है क्योंकि इस युति में चन्द्रमा का फल ठीक प्रकार से नहीं मिल पाता है। 

ऐसे लोग जिद्दी स्वभाव के होते हैं वैसे यह युति जीवन के मध्यायु से मान-सम्मान और यश दिलाने लगती है  ये युति 1st , 2nd , 4th 7th ,9th ,10th में अच्छा फल नही देती है , अष्टम स्थान में ये योग व्यक्ति को मानसिक रोग का शिकार भी बना देती है , ऐसे लोग जिद्दी होते है और अपनी बात मनवाने में आगे रहते हैं। 

जिनकी कुंडली में ये योग होता है ऐसे लोगों का मन विचलित रहता है, ऐसे लोग अपने आपको राजा के समान सर्वश्रेष्ठ मानते है, इनके मन में अहम् की भावना आ जाती है । 

ऐसे लोगों को जिस भाव में सूर्य के साथ चंद्रमा की युति हो रही हो उसके अनुसार चंद्रमा के उपाय करने चाहिए और सौम्य बनना चाहिए । 

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मंगल के साथ चंद्रमा की युति (Moon & Mars Conjunction)

मंगल के साथ चंद्रमा की युति को ही महालक्ष्मी योग कहा जाता है , इस योग का फल भी इस बात पर निर्भर करता है की ये युति किस भाव में बनी है , यदि ये योग 3rd , 5th ,9th,10th,11th में बन रहा हो थो अच्छा ही फल मिलता है यदि इस युति पर राहु-केतु या शनि की दृष्टि नही हो । 

मंगल के साथ चंद्रमा की युति पर यदि अशुभ ग्रहों का प्रभाव हो तो व्यक्ति बहुत ही क्रोधी और जीवन में अपने काम कैसे भी पूरा करवाने पर विशवास करता है । 

ऐसे लोगों का प्रारम्भिक जीवन संघर्षमय हो सकता है किन्तु आने वाले समय विशेषकर युवा अवस्था के बाद ये लोग उन्नति करते है , यदि यह स्थिति अशुभ घर में हो तो इनकी माता को कष्ट मिलता है। अशुभ प्रभाव में ये युति व्यक्ति को उतावला बनाती है और स्वभाव में अत्यधिक चंचलता / उग्रता देती है  । 

ऐसे लोगों में अपने लक्ष्य को पाने की प्रबल लालसा होती है और व्यक्ति बिना कुछ सोचे समझें अपनी इच्छा पूर्ती हेतु, अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में लग जाता है, शुभ प्रभाव में ये युति व्यक्ति को लक्ष्य प्राप्ति में आवश्यक ऊर्जा देती है वहीँ अशुभ प्रभाव में व्याकुलता, उग्रता और क्रोध देती है । 

वैसे इनका क्रोध शीघ्र शांत भी हो जाता है क्योंकि मंगल के साथ चन्द्रमा होते हैं । 

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बुध के साथ चंद्रमा की युति ( Moon & Mercury Conjunction)

बुध के साथ चंद्रमा की युति व्यक्ति को तार्किक बनाती है , बोलने का टैलेंट देती हैं , ऐसा व्यक्ति योजनायें बनाने में मास्टर होता है , ऐसे लोगों में मार्केटिंग स्किल्स अच्छी होती है और परिस्थितियों के अनुसार ये अपने plans परिवर्तित कर लेतें हैं । 

ऐसे लोग communication वाले क्षेत्रों से जुड़े देखे जाते हैं जैसे ये किसी मैगजीन या अखबार के सम्पादक या पत्रकार होतें है। स्त्री की कुंडली में यह योग होने पर कभी कभी बदनामी भी देता है। चूँकि बुध बच्चा गृह होता है इसलिए ऐसे लोगों में बचपने की आदत भी होती है और ये लोग दूसरों की नक़ल अर्थात मिमिकरी भी करते हुए देखे जाते है , यदि ये योग 10 , 11 में बन रहा हो तो ऐसे लोग मिमक्री आर्टिस्ट भी बन जाते हैं ।

चंद्रमा की अन्य ग्रहों से युति-chandrama-moon-planet 

image source : pexels

गुरु के साथ चंद्रमा की युति  ( Moon & Jupiter Conjunction )

गुरु के साथ चंद्रमा की युति सबसे अच्छी मानी जाती है और इसी युति को गज केशरी  योग भी कहा जाता है क्योंकि जहाँ गुरु हमारे संकार संस्कृति हैं वहीँ चंद्रमा हमारी भावनाएं है और इन दोनों की युति अमृत तुल्य फल देनी की क्षमता रखती है । 

ऐसे व्यक्ति अपने ज्ञान को बांटते है और लोगों की सहायता करने में विशवास रखते हैं , ऐसे व्यक्ति धार्मिक होते हैं और नियमों को मानने वाले होते हैं गुरु के साथ चंद्रमा जोकि मन के स्वामी होते हैं – के होने से मन में भटकाव की स्थिति नहीं होती है और ऐसे लोग अपने संस्कारों और अपनी संस्कृति के विरुद्ध कभी निर्णय नही लेते हैं । 

गुरु के साथ चंद्रमा की युति जिस भाव में बनती है उस भाव से जुड़े हुए फलों में इस युति के प्रभाव से वृद्धि देखी जाती है 

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शुक्र के साथ चंद्रमा की युति (Moon & Venus Conjunction )

शुक्र के साथ चंद्रमा की युति आपको रोमांटिक बना देती है , यदि आपकी कुंडली में भी चन्द्रमा और शुक्र की युति हो तो आप स्वंम सुन्दर व आकर्षक होंगे और सुन्दर व आकर्षक स्त्री और पुरुष से आकर्षित रहेंगे और सदैव अपने चाहने वालों अर्थात प्रेमी या प्रेमिका की तलाश में रहेंगे ।

चंद्रमा और शुक्र की युति वाले लोग रचनात्मक कार्यों और चीजों के प्रति आकर्षित रहते हैं , ऐसा व्यक्ति के स्वंम के साथ साथ दूसरों के सुखों का भी ध्यान रखता है किन्तु स्वाभाव से थोड़ा सा आलसी होता है. दिखावे की प्रवृत्ति होने लगती है , ऐसे व्यक्ति सुंदर दिखना चाहते हैं और सफाई पसंद, कला प्रेमी व सौंदर्य प्रेमी ,गायन , संगीत या नृत्य में रूचि होती है और कलेश रहित वातावरण की तलाश में रहते हैं । 

ऐसे व्यक्ति के किसी अन्य महिला- पुरुष के साथ सम्बन्ध होने की भी सम्भावना बढ़ जाती है और ये लोग न चाहते हुए भी विपरीत लिंग की ओर आकर्षित रहते हैं । इसीलिए शुक्र के साथ चंद्रमा की युति सप्तम भाव में अच्छी नही मानी जाती है क्योंकि ये चरित्र हीनता देती है । 

शनि के साथ चंद्रमा की युति ( Moon & Saturn Conjunction  )

शनि के साथ चंद्रमा की युति को ही विष योग कहा जाता है , यदि आपकी कुंडली में भी चन्द्रमा और शनि एक साथ  बैठे हों तो आपकी सोच नकरात्मक रूप से प्रभावित हो जाएगी और ये आपको मानसिक विकृत / मानसिक दूषित कर देगी । 

आप नकारात्मक सोच वाले व्यक्ति बन जायेंगे , निराशावादी बन जायेंगे और ये निराशा लम्बे समय तक रही तो आप अवसाद – डिप्रेशन के भी शिकार हो सकते है। आपको अनचाही यात्राएँ करनी पड़ सकती हैं जिन यात्राओं में आपको कष्ट होगा और साथ ही आपको कार्य में धोखा और बुराई भी मिल सकती है अतः धोखेबाज प्रवति के लोगों से सावधान रहने की आवश्यकता है । 

शनि के साथ चंद्रमा की युति जिस भाव में बन रही हो उस भाव से जुड़े फल बहुत कठिनाई से ही मिलते है , ऐसे लोग न्याय के क्षेत्र में अच्छे सफल होते है और निष्पक्ष न्याय करते हैं , ये नौकरी करते है, बहुत मेहनती होते है किंतु कभी-कभी बहुत आलसी भी हो जाते है । 

चूँकि ये युति विष योग कहलाती है इसलिए ऐसे व्यक्तियों को बहुत मेहनत करने पर ही परिणाम मिलता है , ऐसे व्यक्ति न्याय करते समय यदि अपने लोग गलत हों तो अपने लोगो के विरुद्ध भी निर्णय दे सकते है । 

राहु के साथ चंद्रमा की युति (Moon & Rahu Conjunction)

राहु के साथ चंद्रमा की युति कभी भी अच्छी नहीं मानी जाती हैं क्योंकि इस युति से व्यक्ति अशांत , भ्रमित , उतावला और निराशावादी बनता है और साथ ही सभी के विरुद्ध षड़यंत्र रचता रहता है , ऐसा व्यक्ति चालक,धोखेबाज और धूर्त हो सकता है। ऐसे व्यक्ति हमेशा भौतिक सुख के लिए लालायित रहते  है और इस सुख या अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कुछ भी झूठ-सच बोलना तो इनके लिए साधारण बात होती है। 

राहु के साथ चंद्रमा की युति वाले लोग भ्रमित रहते हैं और अपने काम को पूरा करने के लिए राजनीति करते हैं,

ऐसे लोगों में परालौकिक विषयों या रहस्यमयी बातों को जानने की प्रबल इच्छा होती है और साथ ही इनके अपनी माता से संबंध बिगड़ने की सम्भावना रहती है , ऐसे लोग हमेशा मानसिक रूप से अशांत ही दिखाई देतें है किन्तु ये लोग कब क्या कर जाएँ कोई नही बता सकता है क्योंकि राहु रहस्यवादी ग्रह होतें हैं , ऐसे व्यक्ति अच्छे वैज्ञानिक भी बन जाते हैं । 

केतु के साथ चंद्रमा की युति ( Moon & Ketu Conjunction ) 

केतु के स्वाभाव को मंगल जैसा माना गया है.ऐसा व्यक्ति धार्मिक ,अध्यात्मिक और मोक्ष मार्गी होता है। ये लोग जीवन के रहस्य  को समझना चाहते हैं और संसार में रहते हुए भी सन्यासी समान बन जाते हैं , इनकी माता धार्मिक स्वभाव की होती है। 

ऐसे व्यक्ति शीघ्र प्रतिक्रिया देते है और बिना सोचे समझे कार्य करते है और आगे चलकर बाद में पछताते है. चूँकि केतु पूर्वाभास की क्षमता भी देते है इसलिए ये यदि धार्मिक हुए तो इन्हें घटनाओं का पूर्वाभाष भी होने लगता है, ऐसे व्यक्तियों के विषय में भी कुछ पूर्वाभाश लगाना कठिन होता है की ये लोग कब क्या करेंगे । 

चंद्रमा और हम 

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